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आजमगढ़ में निरहुआ की जीत, टूटा आजम का तिलिस्म

लखनऊ (उप्र)। उत्तर प्रदेश में रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में मतदान के बाद रविवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई और ताजा जानकारी के अनुसार दोनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (सपा) से आगे चल रही है। दोनों सीटों पर भाजपा और सपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। निर्वाचन आयोग से उपलब्‍ध रुझान के अनुसार रामपुर में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार घनश्याम लोधी 27,365 मतों के अंतर से वरिष्ठ सपा नेता आजम खान के अति करीबी सपा उम्मीदवार मोहम्मद असीम राजा से आगे चल रहे हैं।

आजमगढ़ में भाजपा के दिनेश लाल यादव निरहुआ अब सपा के धर्मेंद्र यादव से 4,963 मतों के अंतर से बढ़त ले ली है। आजमगढ़ में तीसरे स्थान पर बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली हैं। पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई हैं। रामपुर में जहां सपा और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है, वहीं आजमगढ़ में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। 2019 के लोकसभा चुनाव में इन दोनों सीटों पर सपा का कब्जा था और आजमगढ़ से तब सपा प्रमुख अखिलेश यादव और रामपुर से सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान चुनाव जीते थे। दोनों सीटों पर 23 जून को मतदान को हुआ था। इस दौरान आजमगढ़ में 49.43 फीसदी, जबकि रामपुर में 41.39 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।

आजमगढ़ में समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार धर्मेंद्र यादव को सुबह स्ट्रांग रूम में कथित तौर पर प्रवेश नहीं करने देने को लेकर उनकी सुरक्षाकर्मियों से बहस की। वहां पहुंचे यादव ने आरोप लगाया कि “ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन)’’ बदलने की कोशिश की जा रही है, इसलिए उन्हें अंदर प्रवेश करने नहीं दिया गया।” हालांकि, बाद में यादव स्ट्रांग रूम के अंदर गए। आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अनुराग आर्य ने कहा, “जो लोग अधिकृत थे, उन्हें ‘तलाशी’ के बाद प्रवेश की अनुमति दी गई। अब वह (धर्मेंद्र यादव) अंदर हैं और मतगणना सुचारू रूप से चल रही है।”

सपा के दो नेताओं-अखिलेश यादव और आजम खां के क्रमश: आजमगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के कारण वहां उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी है। फरवरी में संपन्न उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में विधायक चुने जाने के बाद दोनों नेताओं ने लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। 2019 के लोकसभा चुनाव में रामपुर में 63.19 प्रतिशत और आजमगढ़ में 57.56 मतदान दर्ज किया गया था। दोनों सीटों पर हाल ही में हुए उपचुनाव में 19 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए 35 लाख से अधिक मतदाता मतदान के पात्र थे।

रामपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हाल ही में पार्टी में शामिल हुए घनश्याम सिंह लोधी को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, सपा ने आजम खां की पसंद असीम राजा पर भरोसा जताया है। मायावती के नेतृत्व वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) रामपुर से चुनाव नहीं लड़ रही है। उधर, आजमगढ़ में भाजपा उम्मीदवार दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, सपा के धर्मेंद्र यादव और बसपा के शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।