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सुप्रीम कोर्ट ने तिहाड़ जेल में बंद जम्मू.कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को सुनवाई के लिए जम्मू कोर्ट भेजने से इनकार किया

नई दिल्ली

जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक तिहाड़ जेल में बंद है। उसके खिलाफ जम्मू कश्मीर की अदालत में एक मामले में सुनवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये उसे सुनवाई में शामिल होने की अनुमति दी है। आइए पढ़ते हैं सुप्रीम कोर्ट की अहम खबरें…।

बिहार से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने संसद की तरफ से पारित वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बता दें कि, दोनों सदनों से पारित विधेयक को कानून बनने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी का इंतजार है।वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से ही सुनवाई में शामिल होगा यासीन मलिक
सुप्रीम कोर्ट ने तिहाड़ जेल में बंद जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को सुनवाई के लिए जम्मू कोर्ट भेजने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने उसे जेल से ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये गवाहों से जिरह करने की अनुमति दी है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार आईटी और जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल की तिहाड़ जेल और जम्मू में उपलब्ध वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाओं को लेकर सौंपी गई रिपोर्ट देखी।

शीर्ष अदालत ने कहा कि जम्मू सत्र न्यायालय वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली से अच्छी तरह सुसज्जित है, जिससे वर्चुअल सुनवाई संभव हो सकेगी। इस दौरान यासीन मलिक ने कहा कि वह गवाहों से जिरह के लिए वकील नहीं रखना चाहते। शीर्ष अदालत जम्मू ट्रायल कोर्ट के 20 सितंबर, 2022 के आदेश के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मलिक को निर्देश दिया गया था कि उन्हें राजनेता मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण के मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों से जिरह करने के लिए शारीरिक रूप से पेश किया जाए।

दो मामलों में चल रही है सुनवाई
यासीन मलिक और पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ दो मामलों में सुनवाई चल रही है। पहला मामला 25 जनवरी 1990 को श्रीनगर में गोलीबारी में चार भारतीय वायु सेना कर्मियों की हत्या से जुड़ा है। जबकि दूसरा मामला आठ दिसंबर 1989 को तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के अपहरण से जुड़ा है। रुबैया सईद के अपहरण के बदले भाजपा समर्थित वीपी सिंह सरकार ने पांच आतंकवादियों को रिहा किया था। सीबीआई ने 1990 के दशक की शुरुआत में इस मामले को अपने हाथ में लिया था।

तिहाड़ जेल में बंद है यासीन मलिक
यासीन को एनआईए की विशेष अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में बीते साल 25 मई 2023 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यासीन को दो मामलों में उम्रकैद और 10 मामलों में 10 साल सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा उस पर 10 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था। मलिक तिहाड़ जेल में बंद है। 

टीएएसएमएसी मामले में तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
राज्य सरकार के स्वामित्व वाली शराब कंपनी तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) में ईडी की छापेमारी से जुड़ी तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से ईडी की छापेमारी के खिलाफ अपनी याचिका को मद्रास उच्च न्यायालय से किसी अन्य उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने की अपील की है।  इससे पहले 25 मार्च को मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एम एस रमेश और न्यायमूर्ति एन सेंथिलकुमार की खंडपीठ ने तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पीठ ने शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी की दलीलों पर गौर किया कि उच्च न्यायालय में अगली सुनवाई से पहले याचिका पर तत्काल सुनवाई की जाए। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम इसे सूचीबद्ध करेंगे।

आठ न्यायिक अधिकारी बनेंगे इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में आठ न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम ने दो अप्रैल को बैठक में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें जितेंद्र कुमार सिन्हा, अब्दुल शाहिद, अनिल कुमार-दशम, तेज प्रताप तिवारी, संदीप जैन, अवनीश सक्सेना, मदन पाल सिंह और हरवीर सिंह शामिल हैं।