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सियाचिन: एवलांच में लापता 10 जवान शहीद, PM ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि

siyachin04नई दिल्ली/श्रीनगर। आर्मी को सियाचिन में एवलांच के बाद लापता 10 जवान शहीद हो चुके हैं। खुद पीएम ने गुरुवार देर शाम ट्वीट कर इस बात को कन्फर्म किया। उन्होंने ट्विटर पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, ‘सियाचिन में जवानों की मौत बहुत दुखद है। मैं बहादुर फौजियो को सलाम करता हूं, जिन्होंने देश के लिए जान दे दी। उनके परिवारों को सांत्वना।’
19 हजार फीट की ऊंचाई पर बर्फ खिसकने से आया था एवलांच…
– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सियाचिन में बुधवार सुबह 8.30 बजे 19 हजार फीट की ऊंचाई पर बने आर्मी कैंप के पास एवलांच हुआ।
– कैंप से कुछ दूरी पर पैट्रोलिंग के लिए निकले सेना के 10 जवान इसकी चपेट में आ गए।
– नॉर्दन कमांड के डिफेंस पीआरओ एस.डी. गोस्वामी ने बताया कि आर्मी के लापता 10 जवानों में एक जेसीओ और 9 जवान शामिल हैं।
– गुरुवार को आर्मी ने बयान जारी कर कहा, ”ये एक दुखद हादसा है। बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे बहादुर सैनिकों को हम सैल्यूट करते हैं।”
– जवानों की तलाश में बुधवार से आर्मी और एयरफोर्स की टीम ऑपरेशन चला रही है।
– इस बीच, पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस मेजर जनर अामिर रजा ने जवानों की तलाश में मदद की पेशकश रखी थी।
– भारत के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल रनबीर सिंह ने यह पेशकश यह कहते हुए ठुकरा दी कि इंडियन आर्मी के पास सर्च ऑपरेशन के लिए काफी रिसोर्सेस हैं।
भारत ने ठुकराई पाकिस्तान की मदद
– पाकिस्तानी फौज ने जवानों को ढूंढने में मदद की पेशकश की थी, जिसे भारत ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि हमारे पास काफी रिसोर्सेस हैं।
आर्मी के लिए बेहद अहम है सियाचिन…
– हिमालयन रेंज का सियाचिन ग्लेशियर दुनिया का सबसे ऊंचा बैटल फील्ड है।
– सियाचिन से चीन और पाकिस्तान दोनों पर एक साथ नजर रखी जा सकती है।
– सर्दियों में यहां टेम्प्रेचर माइनस 60 डिग्री तक पहुंच जाता है और अक्सर एवलांच आते रहते हैं।
– 1984 के बाद से अब तक यहां तैनात 860 से ज्यादा जवान शहीद हो चुके हैं।
जनवरी में शहीद हुए थे 4 जवान
– 3 जनवरी को लद्दाख इलाके में आर्मी के 4 जवान एवलांच में शहीद हो गए थे।
– 2015 में लेह के पास आर्मी जवानों का व्हीकल एवलांच में फंस गया था। इस हादसे में भी 4 जवान शहीद हो गए थे।
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