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नोटबंदी पर पहली बार बोले मोदी, तकलीफ के बावजूद मुझे आशीर्वाद दे रहे हैं लोग

modiतोक्यो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नोटबंदी पर बोलते हुए कहा कि लोगों को इससे तकलीफ जरूर हो रही है, लेकिन वे इसके बावजूद उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। मोदी ने इसे अपनी सरकार का सबसे बड़ा ‘स्वच्छता अभियान’ करार देते हुए कहा कि हालत यह है कि कल तक गंगा में चवन्नी तक न डालने वाले लोग अब नोट बहा रहे हैं। उन्होंने कालेधन रखने वालों को भी सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जो लोग अपने अकाउंट्स में ब्लैक मनी जमा करेंगे, उसके खिलाफ सरकार बेहद सख्त कार्रवाई करेगी।

पीएम मोदी ने जापान में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए अपनी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बारे में बताया। मोदी ने अपने भाषण में कालाधन रखने वालों पर जमकर चुटकियां लीं। जानिए क्या क्या बोला उन्होंने…

1-जापान के फुकुशिमा में 2011 में सुनामी की आपदा के बाद सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से बिजली, एसी बंद करने को कहा, लेकिन पूरी जनता ने इसे अपनी जिम्मेदारी माना। मुझे लगता था कि कैसे महान लोग हैं। देश के लिए क्या कुछ कष्ट नहीं झेलते। मैं सोचता था कि क्या हमारे देश में ऐसा हो सकता है। लेकिन आज मैं बड़े विश्वास से कह सकता हूं कि हिंदुस्तान के आम आदमी को भी मौका मिले तो वह जिम्मेदारी से पीछे रहने वालों में से नहीं है। यह मैं अनुभव से कह सकता हूं। अभी-अभी का मेरा ताजा अनुभव है।

2-आपको भी पता चला होगा… अचानक रात को आठ बजे 500 और 1000 के नोट (ताली बजाते हुए).. मैं सवा सौ करोड़ देशवासियों को नमन और सलाम करता हूं। घर मे शादी है… पैसे नहीं हैं… मां बीमार है… मुश्किल है… लेकिन इन सबके बावजूद… तकलीफ के बाद भी…. लोग मुंह में ऊंगली डाल डालकर पुछवाते थे कि मोदी के खिलाफ कुछ बोलो… लेकिन मैं देश के लोगों को सौ सौ सलाम करता हूं। कोई चार घंटे तो कोई छह घंटे लाइन में खड़ा रहा, लेकिन तकलीफ झेली… लेकिन दिश के हित में इस फैसले को स्वीकार किया।

3-कोई गंगा में चवन्नी नहीं डालता था। अब गंगा में नोट बह रहे हैं। यह चोरी का माल निकलना चाहिए।

4-जब मैं यह फैसला ले रहा था तो मुझे भी पता नहीं था कि जनता से ऐसा आशीर्वाद मिलेगा। मैं तो बस तकलीफों का अंदाजा लगा रहा था।

5-यह फैसला ऐसा था कि मैं किसी को बता भी नहीं सकता था। मैं अपनी छोटी सी टीम के साथ सोच रहा था कि यह तकलीफ होगी, वह तकलीफ होगी। मैंने नहीं सोचा था कि आशीर्वाद भी मिलेगा।

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6-हमने कह दिया है कि कोई गृहिणी ढाई लाख रुपये जमा कर देगी, तो सरकार उसे नहीं पूछेगी कि यह कहां से आए। इसका परिणाम यह हुआ कि कई बेटे और बहुएं जिन्होंने मां को वृद्धाश्रम में रखा था, वे उन्हें लाकर खाते में ढाई-ढाई लाख जमा कर रहे हैं। बताइए क्या वह मां मुझे आशीर्वाद नहीं देगी?

7-यह स्वच्छता का अभियान है। यह किसी को परेशान करने के लिए नहीं है। तकलीफ होगी। लेकिन जल्दबाजी की जरूरत नहीं है। नोट वापसी के लिए 50 दिन दिए गए हैं। आपका हक आपके खाते में आ जाएगा।

8-मैं स्पष्ट कह रहा हूं कि बिना हिसाब का कुछ हाथ आया, तो देश की आजादी से लेकर अब तक का हिसाब करने वाला हूं। जितने लोगों को लगाना पड़े, उतने लोगों को इस काम में लगाऊंगा।

9-अगर किसी ने कालाधन बैंक में यह सोचकर जमा किया कि देखा जाएगा तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। जो मुझे जानते हैं, वह समझदार हैं। ऐसे लोग अब सोचते हैं कि गंगाजी में बहाना बेहतर है। पैसे मिले न मिले, पुण्य तो मिल जाएगा। ईमानदार लोगों के लिए मेरी सरकार सबकुछ करेगी, बेईमान का हिसाब बराबर किया जाएगा।

10-यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। पहले एक स्कीम निकाली था। 67 हजार करोड़ उससे आए। लोग कहते रहे कि मोदी फेल हो गए। पिछले दो साल में सवा लाख करोड़ रुपया वापस आया। है। मौका दिया गया था। अब गलती मेरी नहीं है।

11-30 दिसंबर तक लोगों के पास समय है। तब तक कोई मुश्किल नहीं होगी। उनका हक मिल जाएगा। कुछ लोग सोचते होंगे कि 30 दिसंबर के बाद कुछ हो जाएगा। मैं ऐलान कर दूं कि 30 दिसंबर के बाद आपको ठिकाने लगाने के कुछ और नहीं आएगा, इसकी गारंटी नहीं है।

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