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किसान आंदोलन में मसाज पार्लर, जिम लंगर के बाद अब पिज्जा पार्टी: वीडियो देख लोगों ने पूछा- ‘आखिर ये चाहते क्या हैं?’

नई दिल्ली। कृषि कानून को लेकर चल रहे किसान आंदोलन की वजह से आम जनता को आने जाने में असुविधा हो रही है, वहीं किसान इन विरोध स्थलों पर अपने खाली समय का आनंद ले रहे हैं। पहले तथाकथित प्रदर्शनकारी विरोध स्थलों पर मसाज पार्लरों और जिम के साथ अपने विरोध को आगे बढ़ा रहे थे। वहीं अब इन ‘किसानों’ ने सार्वजनिक सड़कों को पिकनिक स्पॉट में बदल दिया है। जहाँ तथाकथित प्रदर्शनकारियों को पिज्जा बना कर बाँटा जा रहा है।

पत्रकार सबा नकवी ने शुक्रवार को ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें यह देखा जा सकता है कि किस तरह ‘किसान‘ विरोध स्थल पर पिज्जा बनाते और उसे तथाकथित प्रदर्शनकारियों में मुफ्त बाँटकर अपने समय का आनंद उठा रहे हैं। जिसपर सबा नकवी ने इसे ‘पिज़्ज़ा लंगर’ कहते हुए प्रदर्शनकारियों की सराहना की है।

देखते ही देखते सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में आप देख सकते है कि हरियाणा-दिल्ली सीमा पर स्थित विरोध स्थल पर प्रदर्शनकारी एक पिज्जा स्टाल पर इंतजार कर रहे थे। सोशल मीडिया पर यह सब देखकर इस बात की भी चर्चा है कि आखिर ये चाहते क्या हैं?

गौरतलब है वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया यूजर को अचंभे में डाल दिया। नेटिज़ेंस ने आश्चर्यचकित हो कर सवाल किया कि क्या इन कथित किसानों के विरोध प्रदर्शनों का आयोजन कृषि कानूनों के खिलाफ अपनी शिकायतों के लिए किया गया था या ऐसी पार्टियों के माध्यम से अपने खाली समय का आनंद उठाने के लिए।

वहीं एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने पूछा कि क्या किसानों ने विरोध प्रदर्शन को पिकनिक स्पॉट में बदल दिया है?

दूसरी ओर आर्ची नाम की यूजर ने कहा कि पहले प्रदर्शनकारियों ने भीड़ को आकर्षित करने के लिए काजू और किशमिश वितरित किए, अब विरोध स्थल पर कथित किसानों को पिज्जा खिला रहे हैं। यूजर ने तंज कसते हुए कहा कि आयोजक भीड़ को बनाए रखने और अधिक प्रदर्शनकारियों को आकर्षित करने के लिए यह सब कर रहे। देखो इनका अगला कदम अब क्या होता है।

उनमें से कुछ ने इन तथाकथित किसानों के विरोध प्रदर्शनों को लेकर अपनी नाराजगी भी जाहिर की। श्री सिन्हा नाम के यूजर ने कहा कि गुंडों और खालिस्तान के हमदर्द विरोध के नाम पर सड़कों को ब्लॉक करके पिज्जा और फुट मसाज का आनंद ले रहे हैं, जबकि आम लोग लंबे ट्रैफिक जाम के कारण परेशान हैं।

कुछ नेटिज़ेंस ने यह भी उल्लेख किया कि किसान विरोध शाहीन बाग सीएए के विरोध की तुलना में बहुत खतरनाक साजिश की तरह दिखाई देता है। जिसकी आड़ में हिंदू विरोधी दिल्ली दंगे हुए थे।

फ्री पिज्जा के अलावा प्रदर्शनकारियों ने सिंघू सीमा पर ‘जिम का लंगर’ भी स्थापित किया है। ताकि किसान के साथ एकजुटता दिखाने पहुँचे खिलाड़ी और अन्य प्रदर्शनकारी भी जिम का इस्तेमाल कर सके। बता दें भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कप्तान मंगत सिंह और पावरलिफ्टर अमन हौथी ने विरोध स्थल पर जिम स्थापित किए हैं।

बता दें इससे पहले हमनें रिपोर्ट किया था, खालसा ऐड इंडिया ने सिंघू सीमा पर प्रदर्शनकारियों के लिए मसाज सेंटर स्थापित किया था। खालसा ऐड इंडिया ने विरोध प्रदर्शन के लिए अधिक भीड़ को आकर्षित करने के प्रयास में किसानों को मालिश प्रदान करने के लिए इन विरोध स्थल पर स्टॉल भी खोले थे। बता दें खालसा ऐड खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का ही एक संगठन है।

किसानों का विरोध स्थल आए दिन पार्टी स्पॉट के रूप में बदलता नजर आ रहा है, जोकि शाहीन बाग में सीएए के विरोध प्रदर्शन की याद दिलाता है। उस दौरान इस्लामवादियों, वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध के नाम पर सार्वजनिक सड़कों पर कब्जा कर लिया था और उन्होंने भी विरोध स्थल को पिकनिक स्थल में बदल दिया था।

किसान प्रदर्शन में आंदोलन के नाम पर पिकनिक मनाने जुटे इन लोगों के लिए बादाम, किशमिश, फाइव स्टार लंगर और पिज्जा से लेकर मसाज तक की सुविधा किसी 5 स्टार होटल की सुविधा से कम नहीं है। प्रदर्शनकारियों के लिए वाटर फ्रूफ टेंट में कंबल, गद्दे के साथ गीजर और जिम की सुविधा भी है। अब ऐसे में सवाल तो उठने लाजमी है कि आखिर ये सुविधा उपलब्ध कराने के पीछे असली मंशा क्या है?

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