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पठानकोट: आतंकी ने कहा था- मैंने दो काफिर मार डाले, मां बोली- जन्नत मिलेगी

pathankot 4नई दिल्ली। पठानकोट एयरबेस पर हमले को अंजाम देने आए एक आतंकी की फोन पर मां से हुई बातचीत की डिटेल्स सामने आ गई हैं। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के पास मौजूद बातचीत की रिकॉर्डिंग के मुताबिक, आतंकी से उसकी मां ने पूछा था कि वह पठानकोट में कैसे घुसा, उसके पास खाने का क्या सामान है और क्या उसने काफिरों को मार डाला?
हमले से एक दिन पहले आतंकी ने किया था फोन, भाई और चाचा से भी की थी बात…
– पठानकोट एयरबेस पर हमला 2 जनवरी को सुबह 3 बजे के करीब हुआ था। हमले को अंजाम देने पाकिस्तान से छह आतंकी घुसे थे।
– 1 जनवरी को सुबह 9.20 बजे नासिर नाम के आतंकी ने ज्वैलर राजेश वर्मा के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के नंबर +92-3000957212 पर कॉल किया।
– राजेश वही ज्वैलर है, जो गुरदासपुर के पूर्व एसपी सलविंदर सिंह के साथ उस कार में मौजूद था, जिसे आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था।
– दो लोगों के मर्डर के बाद आतंकियों ने कार को छोड़ दिया था। राजेश और सलविंदर से एनआइए पूछताछ कर चुकी है।
– एक अंग्रेजी अखबार ने एनआईए की जांच के हवाले से बताया कि आतंकी नासिर ने अपने भाई बाबर, चाचा और मां से करीब 18 मिनट बात की थी।
क्या हुई थी बातचीत…
– नासिर- अस्सलाम अलैकुम। नासिर बोल रहा हूं।
– चाचा- वालैकुम अस्सलाम। कहां हो तुम? सेफ हो?
– नासिर- मैं यहां दूसरे मुल्क में हूं। अम्मी कहां हैं?
– चाचा- लो, उनसे बात करो।
– अम्मी- मेरे बेटे! कहां हो तुम? ठीक तो हो ना?
नासिर- मैं भारत में हूं। तुम्हारे बेटे ने दो काफिरों को मौत के घाट उतार दिया। मैंने छुरे से उनका गला रेत दिया। मैं एक बड़े काम को अंजाम देने जा रहा हूं। मेरा एक साथी पकड़े जाने से डर रहा था। मैंने उससे कहा- भारत से डरने की जरूरत नहीं।
– अम्मी- तू जांबाज है। अल्लाह तुझे जन्नत बख्शे।
– नासिर- मैंने वही जैकेट पहनी है, जो तुमने मेरे लिए सिली थी। अगर मुझे कुछ हो गया तो यही मेरे लिए कफन भी बन जाएगी।
– अम्मी- लेकिन तुम भारत के अंदर कैसे पहुंचे?
– नासिर- हमने एक बड़ी एसयूवी कार ली थी। लैंडक्रूजर ने हमें बॉर्डर पर उतार दिया था।
– अम्मी- तुमने कुछ खाया?
– नासिर- केवल ड्राय फ्रूट्स और चॉकलेट। इसके अलावा कुछ नहीं।
– अम्मी- क्या तुमने काफिरों को मार दिया?
– नासिर- अभी मेरे पास समझाने का वक्त नहीं है। ये मेरी आखिरी बातचीत है। मैं चाहता हूं कि आप इस कॉल को रिकॉर्ड कर लो।
– अम्मी- मुझे नहीं पता कि रिकॉर्ड कैसे करते हैं?
– नासिर- बाबर कर देगा। उसे पता है कि मोबाइल में इस फीचर का इस्तेमाल कैसे करते हैं। (रिकॉर्डर ऑन करने के बाद फोन बाबर ने ले लिया)
– नासिर- बाबर, अगर उस्ताद (हैंडलर) मेरे मरने की खबर बताएं तो किसी को मत बताना।
पठानकोट हमले में था किसी अंदरूनी शख्स का हाथ
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी को पठानकोट हमले में किसी अंदरूनी शख्स का हाथ होने के अहम सुराग भी मिले हैं। अब तक की जांच बता रही है कि एयरबेस की 10 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल के ऊपर लगे तार अंदर से काटे गए थे। जहां तार काटे गए, वहां की लाइटें भी काम नहीं कर रही थीं।
किस सुराग पर काम कर रही एनआईए…
– मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तार अंदर से काटा गया हो या बाहर से, दोनों ही हालत में निशान भी अलग-अलग ही बनेंगे।
– सूत्रों के मुताबिक, एयरबेस पर तार के देखे जाने के बाद से यह शक पुख्ता हो रहा है कि ये काम टेररिस्ट का नहीं है, बल्कि अंदर के किसी आदमी ने ही किया है। तार की फोरेंसिक जांच से यह बात पूरी तरह से कन्फर्म हो जाएगी।
– शक है कि जिस भी शख्स ने इस काम को अंजाम दिया, उसे जगह की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि वहां अंधेरा होगा।
– एनआईए की जांच में यह भी पता चला है कि जहां से आतंकी एयरबेस में दाखिल हुए थे, उसके दूसरी तरफ ही फायरिंग रेंज थी।
– यहीं पर एक ऊंची दीवार भी है। यह माना जा रहा है कि इसी दीवार का इस्तेमाल आतंकियों ने ढाल की तरह किया होगा, ताकि फायरिंग के दौरान गोलियां उन्हें न लगें।
– ये दीवार बाउंड्री वॉल के 4-5 फीट अंदर की तरफ है। ये जगह आतंकियों के छिपने के लिए सबसे सेफ रही होगी।
– बड़ी बात ये है कि करीब 22 घंटे तक आतंकियों का पता भी नहीं लगाया जा सका था।
– 25-26 किमी के घेरे में केवल इसी रोड से अंदर आया जा सकता है। इसकी पैट्रोलिंग न होना भी सवाल खड़े करता है।
– एक सिक्युरिटी अफसर के मुताबिक, इलाके की सेंसिटिविटी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आतंकी जहां इंतजार कर रहे थे, वहीं बाईं तरफ फैमिली क्वार्टर हैं।
– दाईं तरफ अहम एयर एसेट्स हैं। ये वे जगहें हैं, जहां एनएसजी स्पेशल फोर्सेस का डिप्लॉयमेंट 1 जनवरी दोपहर को होना था।
– आतंकियों ने खाली पड़े मिलिट्री शेड में पनाह ली थी। फैमिली क्वार्ट्स और सैन्य ठिकानों से इसकी दूरी महज 150-200 गज है।
क्या थी एनआईए के सामने चुनौती?
– सूत्रों की मानें तो हमले में अंदर के आदमी का हाथ था, इस बात को साबित करने के लिए बड़े पैमाने पर काम करना था।
– यह भी पता लगाना था कि क्या आतंकियों को रास्ता दिखाया गया और घुसने में भी मदद की गई।
– इसके अलावा, एनआईए एयरबेस से किए गए फोन कॉल्स के डिटेल भी खंगाल रही है।
– हमले के दिन एयरबेस के बाहरी घेरे में नजर रखने वाली सिक्युरिटी से भी पूछताछ की जा रही है।
– साथ ही, एयरबेस में रह रहे लोगों ने से पूछा जा रहा है कि क्या हमले के दिन उन्होंने कोई संदिग्ध एक्टिविटी देखी थी।
कब हुआ पठानकोट हमला और इस केस में अब तक क्या हुआ?
– 2 जनवरी की सुबह छह पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। इसमें सात जवान शहीद हो गए।
– 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला।
– हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर है।
– अजहर को 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक केस में पैसेंजरों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।
– भारत ने आतंकियों की उनके हैंडलर्स से बातचीत की कॉल डिटेल्स और उनसे मिले पाकिस्तान में बने सामानों के सबूत पड़ोसी देश को सौंपे हैं।
– पाक मीडिया का दावा है कि मसूद अजहर को हिरासत में लिया जा चुका है। लेकिन पाकिस्तान इससे इनकार कर रहा है।
– इस बीच, भारत-पाक फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की 15 जनवरी को होने वाली बातचीत टल गई।
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