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अखिलेश के ५ करोड़ के ‘कमिशन’ की लागत से बने अभिसप्त ‘नवनीत’ रथ की चूल आरम्भ होते ही हिल गयी…. चक्का जाम हो गया…. अमंगल का आगमन !

suryapratap-150x150-1३०० मीटर चलते ही भ्रष्टाचार के बोझ के तले दबा ‘अखिलेश रथ’ ख़राब हो गया …. इक्स्प्रेस्वे के एक बड़े नौकरशाह द्वारा बनवाए व भेंट किए गए ५ करोड़ का मर्सेडीज़ लग्ज़री रथ शायद कमिशनखोरी के चलते ही टूट गया। यह सपा के लिए शुभ संकेत नहीं है….मुलायम व शिवपाल के मंच पर आने से अखिलेश के प्रति जो भी थोड़ी बहुत सहानुभूति हुई थी वह भी नौटंकी उजागर होने से अब समाप्त हो गयी … इसने संदेह नहीं।
हर नागरिक का यह जानने का हक़ है कि जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में कितना सरकारी धन लगा है और कितना चंदा इक्स्प्रेस्वे की ठेकेदार कम्पनियों ने चंदे के रूप में दिया गया है , की जाँच एक दिन अवश्य होनी चाहिए। इस रथ का निर्माण कहाँ कराया गया तथा पेमेंट किसने किया और धन का श्रोत क्या है …. विश्वास करें बड़े अहम प्रश्न हैं। मेरे पास कुछ जानकारी उपलब्ध है। पार्टी फ़ंड से यह रथ नहीं बना है। यह रथ लखनऊ-आगरा इक्स्प्रेस्वे के कमिशन के पैसे से बना है। कोई आर॰टी॰आई॰ डालेगा तो पता चल जाएगा।
‘विकास से विजय’ नाम से शुरू की गयी इस यात्रा में ९९% एक ही जाति के लोग आए … मुस्लिम वर्ग के बहुत कम लोग थे। सपा के पास विकास के नाम पर सैफ़ई को जोड़ने वाला भ्रष्टाचार का प्रतीक इक्स्प्रेस्वे व लखनऊ मेट्रो, आधा-अधूरा लैप्टॉप वितरण , लोहिया आवास व पेन्शन, कन्यादान की बात होती है। कोई इनसे पूछे …. शिक्षा व चिकित्सा की ख़स्ता हालत क्यों?…बेरोज़गारों के लिए क्या किया?…गन्ना किसानो का भुगतान क्यों नहीं?… धान ख़रीद अब तक क्यों नहीं?… बलदेलखंड व पूर्वांचल की बदहाली क्यों?… पर्याप्त बिजली क्यों नहीं?…सूखा व ओलाबृष्टि का मुआवज़ा अभी तक क्यों नहीं बँटा?…मुसलमानो को वायदे के अनुरूप १८.५०% आरक्षण क्यों नहीं?…प्रदेश में औद्योगिक निवेश क्यों नहीं आ पाया?…किसान-मज़दूरों की दुर्दशा क्यों?….४७% अपराधी मंत्री क्यों?…बुंदेलखंड व पूर्वांचल में सिंचाई के साधनों का अभाव क्यों?…सभी जिलों को ४ लेन रोड से जोड़ने के वायदे का क्या हुआ? लैप्टॉप केवल एक साल ही क्यों बँटा और टैब्लेट का वितरण क्यों नहीं? खाद्य सुरक्षा अधिनियम अर्थात ग़रीबों को भुखमरी से बचाने के लिए खाद्यान्न वितरण क्यों नहीं?…११ बलात्कार व १५ हत्या प्रतिदिन क्यों? सभी विभागों में भ्रष्ट मंत्री व नौकरशाह क्यों लूट मचाए हैं?… अखिलेश ने भ्रष्ट इंजीनियर यादव सिंह को क्यों बचाया?…लोक सेवा आयोग के पूर्व भ्रष्ट अध्यक्ष अनिल यादव को क्यों बचाया?… प्रदेश में ४२% बच्चे क्यों कुपोषित गाईं?…जाति आधारित भर्ती व अन्य लाभ क्यों?…सच्चाई तो दूर ,अखिलेश उक्त सब के होते अपनी स्वच्छ व विकास की छवि होने का ढोंग भी कैसे कर सकते है?…
rath-yatraराजनीतिक पंडित जानते हैं कि २०१२ में मायावती काल का anti-incumbency फ़ैक्टर की वजह से अखिलेश की २०११-१२ की रथ यात्रा को विजय मिली परंतु इस बार यह फ़ैक्टर अखिलेश व सैफ़ई परिवार के भ्रष्टाचार व कदाचार के कारण अखिलेश के ख़िलाफ़ जाएगा। सपा के ‘विकास से विजय’ का रथ का पहिया अखिलेश सरकार के ‘भ्रष्टाचार व कदाचार’ के बोझ तले चरमरा कर ३०० मीटर में ही धँस गया ….यह सपा के लिए अति अशुभ संकेत है…. शायद उत्तर प्रदेश की बलात्कार से पीड़ित हज़ारों बहिन-बेटियों की बद्दुआयें के परिणाम स्वरुप इस रथ का पहिया धँसा गया है …इस सपा सरकार के सफ़ाये के लिए ऐसी बद्दुआयें ही काफ़ी है।
चाहे ‘ख़रीदा हुआ मीडिया’ व लम्बे ‘बदनाम नौकरशाह’ का मैनज्मेंट …इस ‘यादव’ रथ यात्रा को कितना भी बढ़ा चढ़ा कर क्यों न दिखाए ……..सचाई यह है कि सपा का इस बार अंत निश्चित है !!!
इन भ्रष्ट नेताओं व नौकरशाहों के गठजोड़ के लिए दुष्यंत की कुछ लाइन ठीक ही हैं..
गिड़गिडाने का यहाँ कोई असर होता नहीं,
पेट भर कर गालियाँ दो आह भर कर बद-दुआ ।
दोस्त अपने मुल्क की किस्मत पे रंजीदा न हो,
उनके हाथों में है पिंजरा उन के पिंजरे में सुआ।…

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