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पाक संसद की कमेटी ने माना- J&K में आतंकियों को सपोर्ट करता है उनका देश

कश्मीर के मुस्लिम धर्मगुरु मौलवी शौकत अहमद के जनाजे की नमाज में शिरकत करने जाता जमात-उद-दावा का चीफ हाफिज मोहम्मद सईद (बीच में) - फाइल फोटो।
कश्मीर के मुस्लिम धर्मगुरु मौलवी शौकत अहमद के जनाजे की नमाज में शिरकत करने जाता जमात-उद-दावा का चीफ हाफिज मोहम्मद सईद (बीच में) – फाइल फोटो।

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने पहली बार माना है कि उनकी सरकार कश्मीर में आतंक को सपोर्ट करती रही है। दरअसल, पाकिस्तान पार्लियामेंट की एक कमेटी ने अपनी सरकार को कश्मीर में आतंकियों का सपोर्ट बंद करने का कहा है। कमेटी ने यह भी कहा है कि पाक के एक्शन न लेने से इंटरनेशनल कम्युनिटी में देश का भरोसा कम हो रहा है। यही नहीं कमेटी के चीफ ने माना है कि उनका देश कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ गंभीर नहीं है।

कमेटी ने और क्या कहा…
– नेशनल असेंबली स्टैंडिंग कमेटी ने फॉरेन अफेयर्स पर चार पेज का पॉलिसी पेपर जारी किया।
– इसमें भारत-पाक संबधों, कश्मीर, वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन और आतंकवाद जैसे मुद्दों का जिक्र है।
– कमेटी के चीफ नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन के सांसद अवैस अहमद लेघारी हैं।
– रिपोर्ट के मुताबिक, “पाकिस्तान को कश्मीर में हथियारबंद और बैन किए जा चुके आतंकियों को सपोर्ट देना बंद करना चाहिए।”
– “इस मसले के हल के लिए पाकिस्तान को कश्मीर रिजॉल्यूशन की बात करनी चाहिए।”
-“कश्मीर के मामले में पाकिस्तान को कश्मीरियों के मोरल और डिप्लोमैटिक सपोर्ट को ढाल बनाना चाहिए।”
– बता दें कि यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब फरवरी में फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की बातचीत होनी है।
कई तरीकों से भारत के साथ जुड़े रहने पर जोर
– “भारत के साथ रिश्ता चार प्रिंसिपल- पहल का जवाब देना, आपसी भरोसे में कमी को खत्म करना, रुकी हुई चीजों को फिर शुरू करना और नतीजे की बुनियाद पर होना चाहिए।”
– अगर यह नहीं हो पाता है तो दोनों देश कश्मीर, वॉटर, ट्रेड, कल्चर और कम्युनिकेशन के जरिए जुड़े रह सकते हैं।
पानी पर क्या कहा?
– “पानी के मुद्दे पर दोनों देशों को किसी खास प्रोजेक्ट पर बात करने के बजाय पूरे मामले पर बातचीत करनी चाहिए।”
– “इसमें इंटरनेशनल फोरम्स पर इंडस वॉटर ट्रीटी से जुड़े मुद्दों को सामने लाना चाहिए।”
ट्रेड पर क्या कहा?
– “पाकिस्तान को भारत के साथ इन्फॉर्मल ट्रेड बढ़ाने और कंट्रोल पर फोकस करना चाहिए।”
– “यह कस्टम डिपार्टमेंट की कैपीसिटी और बॉर्डर फोर्सेस को बढ़ाकर किया जा सकता है।”
– “इसके साथ वीजा नियमों में छूट भी दी जानी चाहिए।”
एक्शन को लेकर सीरियस नहीं पाक: कमेटी चीफ
– कमेटी के चीफ और सांसद अवैस अहमद लेघारी के मुताबिक, भारत की मांग रही है कि पाक अपनी धरती से आतंक के खिलाफ एक्शन ले।
– “इंटरनेशनल कम्युनिटी को लगता है कि कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान सीरियस नहीं है।”
मोदी के पीएम बनने के बाद भारत-पाक के रिश्तों में कैसे आए उतार-चढ़ाव?
1. मई 2014 में मोदी ने की पहल
– मोदी ने प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ को न्योता दिया।
– अगले दिन दोनों के बीच 20 मिनट बातचीत भी हुई।
– भारत अपना विदेश सचिव इस्लामाबाद भेजने को राजी हुआ।
2. पाकिस्तान ने अलगाववादियों को बुलाया
– अगस्त 2014 में भारत की तरफ से विदेश सचिव भेजे जाने से पहले ही पाकिस्तान हाई कमिश्नर ने दिल्ली में कश्मीरी अलगाववादियों से मुलाकात की।
– इसके बाद मोदी सरकार ने विदेश सचिव का दौरा रद्द कर दिया।
3. सार्क समिट में चुपके-चुपके हुई बात
– नवंबर 2014 में मोदी-नवाज नेपाल में हुई सार्क समिट में मौजूद थे। दोनों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया।
– ऑफिशियल बातचीत तो नहीं हुई। लेकिन बताया जाता है कि दोनों के बीच सीक्रेट मीटिंग हुई थी।
4. रूस के उफा में हुई बातचीत
– जुलाई 2015 में रूस के उफा शहर में मोदी-नवाज के बीच बातचीत हुई।
– अगस्त 2015 में एनएसए लेवल की बातचीत शुरू करने पर आम राय बनी।
5. बात-बात पर बिगड़ी बात
– अगस्त में बातचीत होती, इससे पहले ही पाकिस्तान ने कश्मीर का मुद्दा उठा दिया।
– साथ ही अलगाववादियों से मुलाकात करने की शर्त भी रख दी।
– दोनों देशों के बीच तीखी बयानबाजी हुई।
– चार दिन के ड्रामे के बाद पाक एनएसए ने अपना भारत दौरा ही रद्द कर दिया।
6. क्लाइमेट चेंज समिट
– 30 नवंबर को पेरिस में क्लाइमेट चेंज समिट के दौरान मोदी-नवाज की मुलाकात हुई।
– दोनों के बीच करीब दो मिनट बात हुई थी।
7. बैकॉक में मिले थे दोनों देशों के एनएसए
– मोदी नवाज की पेरिस में हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों के एनएसए थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में मिले थे।
– 7 दिसंबर को हुई इस मुलाकात में एनएसए अजीत डोभाल और नसीर जंजुआ के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
8. सुषमा का पाकिस्तान दौरा
– इसी महीने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस्लामाबाद गई थीं।
– सुषमा ने एलान किया था कि दोनों देशों के बीच कम्पोजिट डायलॉग शुरू होगा।
– यह डायलॉग 2008 में मुंबई हमलों के बाद से रुका हुआ है।
9. पठानकोट हमले के बाद बातचीत खटाई में
– दोनों देशों के बीच फॉरेन सेक्रेटरी लेवल की बातचीत होनी थी। लेकिन जनवरी में हुए पठानकोट में आतंकी हमले के चलते यह टाल दी गई है।
– भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान हमले की साजिश रचने वालों पर एक्शन नहीं लेता है तब तक बातचीत नहीं होगी।
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