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शिवपाल के करीबी और रामवृक्ष के सहयोगी पंकज महाराज ने बुलाई थी मौत की भीड़

pankajलखनऊ/ वाराणसी। राजघाट पुल पर शनिवार को घटे हादसे के बाद बनारस के प्रसिद्द राजघाट पुल पर एक तरफ जहाँ हजारों की संख्या में लोगों के जूते चप्पल,अनाज, बैग के साथ साथ घायलों और मृतकों के रक्त पड़े हुए थे वहीँ दूसरी तरफ ऐसे लोग भी थे जो रो रोकर आने जाने वालों अपने परिजनों का पता पूछ रहे थे।
इन सबके बीच सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि बाबा जयगुरुदेव के समर्थक घटनास्थल पर मृतकों के सामान को हटाकर उनमे से जय गुरुदेव के नारों वाले रक्तरंजित झंडों को एक एक करके निकाल रहे थे। जब उनसे यह पूछा गया कि ये झंडे कहाँ ले जा रहे हैं तो उनका कहना था कि बाबा जयगुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज महाराज का कहना है कि झंडे का अपमान नहीं होना चाहिये।जिस वक्त यह सब हो रहा था लाखों समर्थकों की भीड़ पुल से गुजर रही थी ,देश के अलग अलग हिस्सों से आई भीड़ को पता ही नहीं था कि यहाँ पर एक बड़ा हादसा हो चुका है।जिलाधिकारी वाराणसी विजय किरण आनंद बदहवास से पुल पर तीन चार पुलिस अधिकारियों के साथ खड़े थे वहीँ चारों तरफ से शहर पर वाहनों और भीड़ का रेला टूटा जा रहा था।
बनारस के रामनगर में आयोजित शाकाहारी समागम का मुख्य आयोजनकर्ता पंकज महाराज पहले बाबाजय गुरुदेव का ड्राइवर था। जयगुरुदेव की मृत्यु के बाद पंकज यादव को उत्तराधिकारी बनाने में प्रदेश के काबिना मंत्री शिवपाल यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी| गौरतलब है कि खुद शिवपाल यादव भी बाबा जयगुरुदेव के प्रबल समर्थक रहे हैं।सूत्रों का कहना है कि वाराणसी में हुए आयोजन के लिए प्रशासन से मदद लेने के लिए भी पंकज ने शिवपाल से मदद ली थी।यह उसका अपना रुसूख ही था कि बिना किसी उचित बंदोबस्त के उसने त्यौहारों के इस मौसम में बनारस शहर में इतनी भीड़ इकठ्ठा कर ली |सिर्फ इतना ही नहीं जाम से परेशान रहने वाले इस शहर में भीड़ को घूम घूम कर प्रचार करने की भी इजाजत दिलवा दी।
उत्तर प्रदेश में पिछले एक सप्ताह के दौरान भगदड़ मचने की यह दूसरी घटना है। इसके पहले लखनऊ में मायावती की रैली में मची भगदड़ में दो लोग मारे गए थे इसके बाद बनारस में यह घटना घटी है जिसमे यह खबर लिखे जाने तक 24 लोगों के मारे जाने की सूचना मिल रही है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि यह कहने को तो शाकाहार समर्थकों का आयोजन था लेकिन पंकज महाराज इस समागम का इस्तेमाल कर पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही थी। आयोजक मंडल के दिनेश कुमार सिंह ने हांलाकि ऐसी किसी बात से इनकार किया लेकिन उनका यह जरुर कहना था कि आयोजन में जरुर कमी रह गई कम से कम आने वाले भक्तों के लिए पीने के पानी का इंतजाम करना चाहिए था।यह भी उचित नहीं था कि भारी संख्या में आये इन भक्तों को जिनमे बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों की संख्या बेहद ज्यादा थी 25 किलोमीटर पैदल पदयात्रा करके प्रचार करने का आदेश दे दिया गया।
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