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बुलंदशहर गैंगरेप: आजम पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, सीबीआई से कहा-फिर भेजें नोटिस

azam-khanनई दिल्ली। यूपी के कैबिनेट मंत्री आजम खान द्वारा बुलंदशहर रेप केस में की गई कथित टिप्पणी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से कहा है कि वह आजम को इस मामले में नया नोटिस जारी करके निजी तौर पर पेश होने के लिए कहे। बता दें कि इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आजम को पेश होने का आदेश दिया था। हालांकि, आजम ने ऐसा नहीं किया।

कोर्ट ने आजम के कोर्ट में उपस्थित न होने पर उनके वकील के जरिए नाखुशी जताई। जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली बेंच ने कहा, ‘हमारे विचार से प्रतिवादी नंबर 2 (खान) को पेश होना चाहिए था क्योंकि उन पर सीधे तौर पर आरोप लगे हैं। हम सीबीआई को निर्देश देते हैं कि वह प्रतिवादी नंबर दो को नोटिस जारी करे।’ बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग को आदेश दिए कि वह सीबीआई को केस रेकॉर्ड्स और मंत्री को भेजा जाने वाला नोटिस मुहैया कराए।

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कोर्ट के मुताबिक, ऐसा लगता है कि खान ने जो कुछ कहा है, वह ‘निजी तौर पर’ कहा है। कोर्ट ने यह टिप्पणी तब की, जब सीबीआई की ओर से पेश वकील अडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने बताया कि नोटिस को यूपी सरकार के जरिए भेजा जाना चाहिए था क्योंकि खान कैबिनेट के हिस्सा हैं। इस बीच, बेंच ने पीड़ित के पिता की ओर से कोर्ट में पेश वकील से कहा कि वह इस मामले में अन्य दस्तावेज कोर्ट में दाखिल करें। कोर्ट अब इस मामले पर अगली सुनवाई 25 अक्टूबर को करेगा।
इस साल 29 जुलाई को कुछ लुटेरों पर हाइवे पर एक कार को रोककर उसमें बैठी महिला और नाबालिग बेटी के साथ गैंगरेप किया। इस दौरान बंदूक की नोक पर परिवार के अन्य सदस्यों को बंधक बनाए रखा। आजम खान पर आरोप है कि उन्होंने इस मामले को ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया था। कोर्ट ने उनके इस कथित बयान पर 29 अगस्त को संज्ञान लिया था। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि क्या राज्य सरकार को उच्च पदों पर बैठे लोगों को ऐसे जघन्य अपराधों पर इस तरह के बयान देने से रोकना चाहिए?

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