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मन की बात: फिर बोले मोदी-बख्शे नहीं जाएंगे उड़ी हमले के दोषी

mann-ki-baatनई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए 24वीं बार देशवासियों को संबोधित किया। संबोधन के दौरान उन्होंने उड़ी में हुए आतंकी हमले से लेकर कश्मीर में जारी तनाव, स्वच्छ भारत अभियान, पैरालिंपिक्स में भारत को मिली शानदार कामयाबी जैसे विषयों पर अपनी राय रखी। उन्होंने युवाओं को स्वच्छ भारत अभियान के तहत ‘वेस्ट टु वेल्थ’ मुहिम से जुड़ने और आर्थिक निर्भरता हासिल करने की भी अपील की।

मोदी ने संबोधन की शुरुआत उड़ी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि देकर की। पीएम ने बताया कि उन्हें इस विषय पर बोलने का सुझाव भी मिला था। मोदी के मुताबिक, उड़ी में हुए हमले में शहीदों को गंवाने वाले परिवारों को ही नहीं, देश को भी इससे नुकसान हुआ है। मोदी ने दोबारा से भरोसा दिलाया कि इस हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सेना के पराक्रम की तारीफ करते हुए भरोसा जताया कि वे घुसपैठ या देश के खिलाफ किसी भी कोशिश को हर हाल में नाकाम करेंगे। मोदी ने कहा, ‘सेना बोलती नहीं, पराक्रम करती है।’

मोदी ने कश्मीर में जारी तनाव का भी जिक्र किया। पीएम के मुताबिक, कश्मीर के लोग शांति चाहते हैं। उनके सामने सच्चाई अब खुलने लगी है इसलिए उन्होंने शांति की राह चुनी है। मोदी ने कहा कि लोग चाहते हैं कि बाजार और स्कूल खुलें, कारोबार वापस पटरी पर आए और ऐसा होना शुरू भी हो गया है। मोदी के मुताबिक, शांति, एकता और सद्भाव ही विकास का रास्ता है। उन्होंने भरोसा जताया कि कश्मीर के लोग हर समस्या का समाधान मिल बैठकर खोजेंगे और कश्मीर के लिए भविष्य का रास्ता खोलेंगे।

11वीं के स्टूडेंट का जिक्र
मोदी ने अपनी स्पीच में 11 क्लास के स्टूडेंट हर्षवर्धन का जिक्र किया। मोदी के मुताबिक, हर्षवर्धन उड़ी हमले के बाद कुछ करने के लिए बेकरार थे, इसलिए उन्होंने फैसला किया कि वे हर रोज तीन घंटे ज्यादा पढ़ाई करेंगे। मोदी ने कहा, ‘हर्षवर्धन, आप आक्रोश के इस माहौल में ऐसा सकारात्मक सोच सकते हैं, यह बेहद खुशी की बात है।’ हालांकि, मोदी ने यह भी साफ किया कि हमले को लेकर जनता के बीच जो गुस्सा है, वह जनचेतना का प्रतीक है। लोगों के गुस्से को जायज ठहराते हुए पीएम ने कहा कि इसे सकारात्मक तौर पर इस्तेमाल करने की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने 1965 की जंग का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि तत्कालीन पीएम लालबहादुर शास्त्री ने ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर इस गुस्से को सकारात्मक दिशा दी।

पैरालिंपिक्स के विजेताओं की तारीफ
मोदी ने इस साल पैरालिंपिक खेलों में मेडल दिलाने वाले हर ऐथलीट की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की वजह से आम लोगों ने दिव्यांगों के प्रति एक नया नजरिया पैदा हुआ है। मोदी ने भरोसा जताया कि पैरालिंपिक खेलों के विकास के लिए सरकार की ओर से कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने गुजरात के नवसारी में दिव्यांगों के लिए आयोजित मेले और वहां बने कई वर्ल्ड रेकॉर्ड का भी जिक्र किया।

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स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाने की अपील
मोदी ने दो साल पहले महात्मा गांधी की जयंती पर शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान की हालत पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत अच्छी हुई है और इस बात की पूरी उम्मीद है कि कामयाबी मिलेगी। पीएम ने शौचालय बनवाए जाने के लिए अभियान को तेज करने की भी अपील की। उन्होंने एक खास नंबर 1969 का जिक्र किया। पीएम के मुताबिक, इस नंबर पर फोन करके न सिर्फ शहर में शौचालय बनने की रिक्वेस्ट का स्टेटस जाना जा सकेगा, बल्कि आवेदन भी कर सकेंगे। मोदी ने ‘स्वच्छता ऐप’ का भी जिक्र किया। उन्होंने तकनीक से जुड़े युवाओं से अपील की कि वे स्वच्छता के अभियान को आगे बढ़ाएं।

मोदी के मुताबिक, स्वच्छता को सिर्फ संस्कारों तक सीमित रहने तक बात नहीं बनेगी। स्वच्छता के साथ रेवेन्यू मॉडल भी जरूरी है। उन्होंने ‘वेस्ट टु वेल्थ’ अभियान को रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का अवसर बताते हुए युवाओं को इससे जुड़ने की अपील की। मोदी ने दिवाली पर खादी का कुछ न कुछ खरीदने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग 2 अक्टूबर को स्वच्छता से जुड़ें, फिजिकली खुद काम करें और उसकी फोटो या वीडियो नरेंद्र मोदी ऐप पर शेयर करें। स्पीच के आखिर में मोदी ने जल्द शुरू होने वाली नवरात्रि के मौके पर एकता का मंत्र के साथ जीवन में आगे बढ़ने की अपील की।

बताई पीएम आवास का पता बदलने की वजह
मोदी ने जनसंघ संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भी याद किया। उनके ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि गरीबों की भलाई के लिए काम करने की जरूरत है। उन्होंने पीएम आवास के पते 7 रेसकोर्स रोड का नाम बदलने की वजह भी बताई। मोदी ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे नाम को लोक कल्याण मार्ग करना गरीब के हित में काम करने की कोशिश का ही प्रतीकात्मक स्वरुप है।

‘मन की बात’ कार्यक्रम सुनने के लिए नीचे क्लिक करें

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