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कैराना से हिंदुओं के पलायन की सामने आई सच्चाई, यूपी चुनाव में बन सकती है गेम चेंजर!

darkairanaनई दिल्ली/लखनऊ। यूपी के कैराना से हिंदू परिवारों के पलायन का काला सच सामने आ गया है। केंद्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट से कैराना से पलायन की सच्चाई सामने आ गई है। आयोग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कैराना से हिंदुओं का पलायन हुआ था। पलायन की वजह डर थी। अब आयोग की रिपोर्ट सामने आने के बाद एक बार फिर कैराना पर सियासत गरमा गई है।

यूपी के शामली जिले के कैराना पलायन मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट में कैराना से हिंदू परिवारों के पलायन की बात साफ तौर पर मानी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये पलायन डर का नतीजा है। रिपोर्ट के मुताबिक साल 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों के बाद कैराना में 25 से 30 हजार मुस्लिमों को बसाया गया था। इस पुनर्वास में कैराना की सामाजिक स्थिति बिलकुल बदल गई और इस वजह से यहां कानून व्यवस्था भी बदतर होती चली गई। रिपोर्ट में इसी को हिंदुओं के पलायन की एक बड़ी वजह बताया गया है। बता दें कि कैराना पलायन की वजह से यूपी की सियासत गरमा गई थी। अब NHRC की रिपोर्ट के बाद राज्य सरकार दोषियों पर कार्रवाई की बात कर रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रविदास मेहरोत्रा का कहना है कि ऐसा कहीं हुआ है तो जो भी दोषी अधिकारी हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार चाहती है कि प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द बना रहे। अमन चैन बना रहे। प्रदेश सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। जो भी लोग दोषी हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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बता दें कि इसी साल जून में बीजेपी सांसद हुकुम सिंह ने ऐसे 346 लोगों की सूची जारी की थी, जिन्होंने ‘एक समुदाय विशेष’ के उगाही करने और सुरक्षा खतरों की वजह से कैराना छोड़ा था। उसके बाद बीजेपी ने पलायन का मुद्दा जोर-शोर से उठाया था। तब राज्य सरकार ने इसे झूठ बता खारिज कर दिया था। लेकिन अब मानवाधिकार आयोग की मुहर लग जाने के बाद बीजेपी पश्चिम यूपी में ध्रुवीकरण के लिए इसका जमकर इस्तेमाल कर सकती है। अब रिपोर्ट आने के बाद बीजेपी ने यूपी सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि ये सब जंगलराज का नतीजा है।

बहरहाल इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद कैराना का मामला एक बार फिर गरमाएगा, इसमें कोई दो राय नहीं। वो भी तब जबकि राज्य में चुनाव को बमुश्किल छह महीने का वक्त बचा है। सियासी सरगर्मियां पहले ही तेज हो चुकी हैं।

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