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महबूबा बोलीं, हिंसा की राह छोड़ने वालों से वार्ता को तैयार, अलगाववादियों को दी सीख

mehbooba-1नई दिल्ली। बीते 51 दिनों से अशांत कश्मीर में सीएम महबूबा मुफ्ती ने शांति की पहल करते हुए कहा है कि जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति-बहाली में मदद के लिए तैयार हैं, उनसे बातचीत की जानी चाहिए। महबूबा ने रविवार को कहा कि यदि अलगाववादी शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं तो बातचीत की प्रक्रिया में उन्हें भी शामिल करने से कोई परहेज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत के लिए एक ‘सौहार्दपूर्ण माहौल’ बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जवानों को सुरक्षा शिविरों के ‘घेराव और हमले’ के लिए उकसाने वाले ‘मुट्ठी भर लोगों’ को यह बंद करना चाहिए।

कश्मीर में जारी हिंसा के माहौल से निपटने के उपायों को लेकर शनिवार को पीएम मोदी से मिल चुकीं महबूबा ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत का स्वरूप पहले से बेहतर होना चाहिए, जब केंद्र सरकार ने वार्ताकारों की नियुक्ति की थी और कार्य समूहों का गठन किया था। ध्यान रहे कि यूपीए सरकार ने तीन वार्ताकारों का समूह गठित किया था। महबूबा ने पीटीआई दिए गए इंटरव्यू में कहा कि बातचीत की ‘कड़ी’ को वहां से जोड़ने की जरूरत है, जहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसे छोड़ा था।

उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने बाहरी मोर्चे पर पाकिस्तान और अंदरुनी मोर्चे पर हुर्रियत एवं आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन को बातचीत की प्रक्रिया में शामिल कर ‘काफी गंभीर कोशिश’ की थी। कश्मीर में कायम मौजूदा अशांति के बीच महबूबा ने कहा, ‘मैं जिस बात को लेकर चिंतित हूं और प्रधानमंत्री को भी बताया, वह यह है कि लोगों को अब बातचीत पर यकीन नहीं रहा। लिहाजा, पहले एक संस्था के तौर पर बातचीत बहाल की जानी चाहिए।’

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अलगाववादियों को दी सीख
अलगाववादियों को हिंसा का रास्ता छोड़ने की सीख देते हुए महबूबा बोलीं, ‘उन्हें इन नौजवानों के बारे में वैसा ही महसूस करना चाहिए, जैसे हम अपने बच्चों के बारे में महसूस करते हैं। यदि हमने उन्हें जाकर सुरक्षा बलों के शिविरों पर हमला करने दिया और भावनात्मक रूप से यह समझाने लगे कि इससे कश्मीर मसले का हल हो सकता है, तो हम ईमानदार नहीं रह जाते। हम उन्हें गुमराह कर रहे हैं और उन्हें खतरनाक स्थिति में डाल रहे हैं।’

पेलेट गन से घायल लड़की से एम्स जाकर मिलीं महबूबा
जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री ने पेलेट गन से घायल हुई 14 साल की लड़की से एम्स अस्पताल जाकर मुलाकात की। महबूबा ने लड़की का हालचाल पूछा और उसकी आंखों की दृष्टि वापस लाने के लिए हरसंभव उपाय करने का वादा किया। इंशा के पैरेट्स को भरोसा दिलाते हुए सीएम ने कहा कि राज्य सरकार उसका बेहतर इलाज कराएगी। जरूरत पड़ी तो उसका इलाज देश से भी बाहर भी कराया जाएगा।

सितंबर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल करेगा दौरा?
इस बीच जम्मू-कश्मीर के हालातों से निपटने के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, पीएमओ राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बैठक की। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में कश्मीर में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे और उसकी तारीखों को लेकर बात हुई। सूत्रों के मुताबिक सितंबर के पहले सप्ताह में एक सर्वदलीय मंडल कश्मीर का दौरा कर सकता है।

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