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अनुपूरक बजट पास, सीएम अखिलेश ने कहा ..केन्द्र ने उत्तर प्रदेश के हिस्से का पैसा ही नहीं दिया

akhilesh sarkarलखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों के हंगामें और उत्तर प्रदेश की केन्द्र पर मदद नहीं करने के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आरोपों के बीच राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए आज 25347  करोड़ 86 लाख रूपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी दे दी। भाजपा ने कानून व्यवस्था के हालात को बेहद खराब बताते हुए दोनो सदनों में जमकर हंगामा किया। हंगामें की वजह से प्रश्नकाल नहीं हो सका। सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल समाप्त होने तक स्थगित रही।

विधानसभा में शून्यकाल शुरू होते ही अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डे ने अनपूरक बजट पर चर्चा करानी चाही लेकिन सदन व्यवस्थित नहीं हुआ। भाजपा सदस्यों के नारेबाजी के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यहां हंगामा कर रहे लोगों को संसद का घेराव करना चाहिए क्योंकि केन्द्र ने उत्तर प्रदेश के हिस्से का पैसा ही नहीं दिया। भाजपा विधायकों को दिल्ली और सांसद का घेराव करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कटाक्ष किया कि भाजपा सदस्य तथ्यों को छिपाने के लिए हंगामा कर रहे हैं। वह तो बहस कराना चाहते हैं लेकिन ढाई वर्षों में केन्द्र की भाजपा सरकार ने कुछ किया ही नहीं तो ये बहस क्या करेंगे। कमियों को छिपाने के लिये ये बहस से भाग रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना और राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए केन्द्र पैसा नहीं दे रहा है इसी वजह से कहीं कहीं सड़कें गड़बड़ हैं। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि के समय किसानों की मदद के लिए केन्द्र ने पैसा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अनुपूरक बजट की मुखालफत कर रहे नेता विपक्ष और अन्य लोग पूर्वांचल एक्सप्रेस वे जैसी जनहित की योजनाओं की खिलाफत कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि कलई खुल गयी है। प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्राचीर से जिस गांव में विद्युतीकरण की बात की थी वहां बिजली पहुंची ही नहीं। भाजपा को विकास से कोई लेना देना नहीं है। उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री दिया। भाजपा को सर्वाधिक सांसद दिये लेकिन राज्य को कोई फायदा नहीं हुआ। इससे पहले विधानसभा में नेता विरोधी दल गया चरण दिनकर ने कहा कि जब आम बजट को पूरा पैसा खर्च नहीं हुआ है तो अनुपूरक बजट का क्या औचित्य है। उनका दावा था कि बजट का अधिकतम 28 फीसदी पैसा खर्च हुआ है। विभागवार व्यौरा देते हुए ॉ दिनकर ने कहा कि संस्थागत वित्त में 1.8, पिछडा वर्ग कल्याण में 2.88, परिवार कल्याण में 3.6, न्याय विभाग में 8.14, बेसिक शिक्षा में 6.3, माध्यमिक में 8.44, चिकित्सा में 8, उच्च शिक्षा में 10.34 फीसदी ही बजट खर्च हुआ है। ऐसे में अनुपूरक बजट का क्या औचित्य है।

भाजपा सदस्यों के शोर शराबे के बीच संसदीय कार्यमंत्री मोहम्मद आजम खां ने उन्हें बहस करने की चुनौती दी। खां ने भाजपा को बुझदिल और कमजोर बताया । खां ने भाजपाइयों से शर्म करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग सदन का समय बर्बाद कर रहे हैं। खां के बोलते समय भाजपा के सुरेश राणा ने उनका नाम लेकर नारेबाजी की। राणा ने ‘आजम तेरी तानाशाही नहीं चलेगी नहीं चलेगी जैसे नारे लगाये । इससे पहले दिनकर की मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने 30 अगस्त को कानून व्यवस्था पर चर्चा कराना स्वीकार कर लिया।

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