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सरकारी विज्ञापन में SC और ST की ‘पूंछ मुंडवाने’ पर विवाद

dalit3नई दिल्ली अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनयम, 2015 मंगलवार से लागू हो रहा है और इस अवसर पर सरकार द्वारा दिए गए विज्ञापन पर विवाद छिड़ सकता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए विज्ञापन में कहा गया है कि SC और ST के प्रति होने वाले अत्याचारों में “नए अपराध जैसे: सिर, ‘पूँछ मुंडवाना’ अथवा इस प्रकार के अन्य कार्य जो अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाले हैं….”

सोशल मीडिया पर इस विज्ञापन का विरोध कर रहे लोग पूछ रहे हैं कि क्या सरकार की नजर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातियों के लोगों के पास पूंछ भी होती हैं? हालांकि पहली नजर में यह टाइपिंग की गलती लगती है। क्योंकि संशोधन कानून के अंग्रेजी वर्जन में इसके लिए मस्टैश या मूंछ शब्द का इस्तेमाल किया गया है।
अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) संशोधन अधिनियम, 2015 की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:- *अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के विरुद्ध किए जाने वाले नए अपराधों में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लोगों के सिर और मूंछ का मुंडन कराने और इसी तरह अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लोगों के सम्मान के विरुद्ध किए गए कृत्य हैं।

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