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Rio Live (हॉकी): भारतीय हॉकी टीम 36 सालों का सूखा खत्म करने से चूकी, बेल्जियम ने 3-1 से हराया

indian-hockey-team rioरियो डि जिनेरियो। ओलिंपिक में पिछले 36 वर्षों में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से एक जीत दूर रही भारतीय पुरुष हॉकी टीम पास पहुंचकर भी बहुत दूर रह गईं. क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम ने उसे खेल के हर विभाग में पीछे छोड़ते हुए 3-1 से करारी शिकस्त दी. गौरतलब है कि हाफ टाइम तक भारत 1-0 से आगे था, लेकिन वह अपनी बढ़त को कायम नहीं रख पाया. भारत की ओर से एकमात्र गोल आकाशदीप सिंह ने किया, जबकि बेल्जियम की ओर से सेबेस्टीन डॉकियर ने दो और टॉम बून ने एक गोल दागा.

चौथा क्वार्टर : बहुत पीछे रह गया भारत
चौथे क्वार्टर में भारत ने आक्रमण से शुरुआत की. गोल का मौका भी बना, लेकिन भुना नहीं पाए. 48वें मिनट में बेल्जियम को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिल गया. गोल नहीं हुआ…भारत का जवाबी हमला…बेल्जियम की रक्षापंक्ति का खूबसूरत बचाव…भारत विफल. लॉन्ग कॉर्नर भारत को…बेल्जियम की पासिंग पूरे मैच में देखने लायक रही..इसी से भारत पर दबाव बढ़ा…बेल्जियम की ओर से तीसरा गोल…3-1 से आगे…50वें मिनट में टॉम बून का फील्ड गोल…भारतीय टीम बिल्कुल भी टच में नहीं दिख रही…भारत मैच में अब तक लगभग अपनी ही ‘डी’ में खेलता नजर आया है…मैच के 53वें मिनट में आकाशदीप ने बेल्जियम के गोलपोस्ट की ओर करारा शॉट लगाया, लेकिन गोलकीपर ने बचा लिया..गेंद ज्यादातर समय बेल्जियम के पास ही रही…भारतीय खिलाड़ी मूव तक नहीं बना पा रहे…

तीसरा क्वार्टर : बेल्जियम के दो गोल
तीसरे क्वार्टर में पीछे चल रही बेल्जियम टीम ने हमले से शुरुआत की. थॉमस ब्रील्स ने करारा शॉट लगाया, लेकिन श्रीजेश संकटमोचक बन गए. लगातार आक्रमण कर रही बेल्जियम टीम भारत पर दबाव बनाने में कामयाब रही और सेबेस्टीन डॉकियर ने 34वें मिनट में फील्ड गोल करके टीम को बराबरी पर ला दिया. सेबेस्टीन डॉकियर ने 37वें मिनट में फिर हमला बोला, लेकिन इस बार गोल नहीं कर पाए. तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम कुछ दबाव में दिख रही है और वह एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं हासिल कर सकी है. 41वें मिनट में भारत के वीआर रघुनाथ को ग्रीन कार्ड दिखा गया, जो भारत के लिए झटका रहा. इस बीच बेल्जियम के एमानुअल ने गोल पर करारा शॉट लगाया, लेकिन गोल नहीं कर पाए, पर फाउल हो गया और बेल्जियम को पेनल्टी कॉर्नर मिल गया. हालांकि भारत को कोई नुकसान नहीं हुआ. जहां भारतीय फॉरवर्ड मूव बनाने के बावजूद गोल नहीं कर पाए, वहीं बेल्जियम ने तीसरे क्वार्टर के अंतिम मिनट में फील्ड गोल करके 2-1 से बढ़त बना ली. यह गोल भी सेबेस्टीन डॉकियर ने किया, जो उनका दूसरा गोल था.

दूसरा क्वार्टर : भारत की बढ़त बरकरार

पहले क्वार्टर के अंतिम मिनट में गोल करके उत्साहित भारतीय टीम ने दूसरे क्वार्टर की शुरुआत आक्रमण से की. दोनों टीमों की ओर से लगभग बराबर के हमले किए. आकाशदीप और सुनील ने मूव बनाया और बेल्जियम पर दबाव बना दिया. हालांकि मैच के 22 मिनट में बेल्जियम के जीरोम ट्रूयेन्स ने भारत पर गोल का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली. 23वें मिनट में आकाशदीप सिंह और रमनदीप सिंह की जोड़ी ने भारत की ओर से शानदार मूव बनाया, लेकिन आकाशदीप गोल नहीं कर पाए और भारत के हाथ से एक मौका जाता रहा. दूसरे क्वार्टर के अंतिम 3 मिनट में मनप्रीत और हरमनप्रीत, फिर दानिश और सुनील ने शानदार मूव बनाकर बेल्जियम पर दबाव बनाया. इस बीच बेल्जियम ने भी हमला किया और वह इसमें सफल होते हुए भी दिखे, लेकिन गोलकीपर और कप्तान श्रीजेश ने शानदार बचाव किया. इसी शॉट के बाद बेल्जियम को मैच के 30वें मिनट में पहला पेनल्टी कॉर्नर मिल गया, लेकिन वह गोल नहीं कर सकी. एक बार फिर भारत के लिए कप्तान श्रीजेश ने गोल होने से बचा लिया.

पहला क्वार्टर : आकाशदीप ने दागा गोल
बेल्जियम ने पहले ही मिनट में भारतीय गोलपोस्ट की ओर धावा बोल दिया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने उनके हमले को नाकाम कर दिया. इसके बारी भारत की थी और पूर्व कप्तान सरदार सिंह ने शानदार मूव पर शॉट लगाया, लेकिन बेल्जियम के गोलकीपर ने शानदार बचाव किया. छठे मिनट में बेल्जियम के बून टॉम को अंपायर ने ग्रीन कार्ड दिखा दिया. 14वें मिनट में डॉकियर सेबस्टीन ने भारतीय गोलपोस्ट में हमला बोला, लेकिन कामयाब नहीं हुए और कप्तान श्रीजेश ने शानदार बचाव किया. इसके बाद भारतीय टीम ने हमला बोला और 15वें मिनट में आकाशदीप ने शानदार फील्ड गोल करके भारत को बढ़त दिला दी.

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रैंकिंग में ज्यादा अंतर नहीं
विश्व रैंकिंग पर गौर करें तो इन दोनों टीमों में कोई खास अंतर नहीं है. भारत जहां पांचवें स्थान पर है, वहीं बेल्जियम उससे एक पायदान नीचे छठे स्थान पर है. लेकिन ओलिंपिक में बेल्जियम ने अभी तक शानदार फार्म दिखाया है और उसने पूल चरण में स्वर्ण पदक के दावेदार और विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को भी हराया था. इसके अलावा बेल्जियम ने स्पेन, ग्रेट ब्रिटेन और ब्राजील को पराजित किया.

अब तक का सफर
भारत ने पूल-बी में दो जीत, दो हार और एक ड्रॉ से 7 अंक हासिल कर चौथे स्थान पर रहकर अंतिम आठ में जगह बनाई थी. लीग चरण में भारत ने आयरलैंड (3-2) और अर्जेंटीना (2-1) को हराया लेकिन मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन जर्मनी (1-2) और रजत पदक विजेता नीदरलैंड (1-2) से उसे हार झेलनी पड़ी थी. कनाडा जैसी कमजोर टीम के खिलाफ उसने मैच 2-2 से ड्रॉ खेला था. दूसरी तरफ से बेल्जियम पूल-ए में पांच मैचों में चार जीत से शीर्ष पर रहा था. उसे केवल अंतिम लीग मैच में न्यूजीलैंड (1-3) से हार का सामना करना पड़ा था.

जर्मनी के खिलाफ भारत ने अंतिम हूटर बजने से केवल तीन सेकेंड पहले गोल गंवाया जबकि नीदरलैंड के खिलाफ भी उसने चौथे क्वार्टर के अंतिम क्षणों में पेनल्टी कार्नर गंवाया और डच टीम ने इसका फायदा उठाने में कोई गलती नहीं की. इन हार के बावजूद भारत का शीर्ष टीमों के खिलाफ प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है लेकिन कनाडा के खिलाफ आखिरी मैच में उन्होंने लचर खेल दिखाया.

भारत को इस मैच में जीत का दावेदार माना जा रहा था लेकिन विश्व में 15वें नंबर के कनाडा ने उसे जीत का मौका नहीं दिया और भारतीय टीम को अंक बांटने पड़े. इस मैच भी भारतीयों ने कुछ बेवजह की गलतियां की जिससे वह दो बार बढ़त हासिल करने के बावजूद पूरे अंक हासिल नहीं कर पाया. यदि भारत को कल बेल्जियम हराना है तो उसे इन गलतियों से बचना होगा क्योंकि रेड लायन्स ऐसी किसी भी गलती का पूरा फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा.

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