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रिजवान से खुला चेन्नै, गोवा कनेक्शन

rizwanमुंबई। जिस रिजवान अहमद अली नवाजुद्दीन को पिछले सप्ताह यूपी के कुशीनगर में गिरफ्तार किया गया है, उससे सोमवार को महाराष्ट्र एटीएस अधिकारियों ने लंबी पूछताछ की। वह आईएस के भारतीय स्लीपर सेल के भारतीय कमांडर मुंब्रा के मुदब्बिर शेख और लखनऊ के अलीम से सीधे संपर्क में था। रिजवान सितंबर महीने में मुंबई आया था और हाजी अली में किसी व्यक्ति से मिला था। क्या रिजवान से मिलने वाला यह व्यक्ति मुदब्बिर था ?

जांच अधिकारियों ने इसका खुलासा तो नहीं किया, पर यह जरूर बताया कि रिजवान की मुंबई यात्रा के बाद ही मुदब्बिर ने अक्टूबर, 2015 में लखनऊ में तीन दिन का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान मुदब्बिर ने आईएस से जुड़े 7 लोगों के साथ वहां मीटिंग तो की ही, लखनऊ के कई इलाकों की रेकी भी की थी। रेकी करने वालों में रिजवान, अलीम के अलावा उत्तरांचल के तीन लोग भी थे। दूसरी ओर, रिजवान ने गोवा की रेकी के लिए वहां किराए पर कोई घर भी लिया हुआ था, जिसका पेमेंट चेन्नै से हवाला के जरिए भिजवाया जाता था। महाराष्ट्र एटीएस का दावा है कि रिजवान मालवणी से भागे कुछ युवकों के भी संपर्क में था। महाराष्ट्र एटीएस ने उसी केस में पूछताछ के लिए दरअसल उसकी कस्टडी भी ली है।

इस पूरे केस में चेन्नै और मालवणी का नाम इसलिए बहुत महत्चपूर्ण है, क्योंकि 16 दिसंबर, 2015 को मालवणी से जो तीन युवक वाजिद शेख, नूर मोहम्मद और मोहसिन भागे थे, वे कर्नाटक के रास्ते चेन्नै गए थे। चेन्नै में आईएस के किसी व्यक्ति को उनके पासपोर्ट बनवाने का जिम्मा सौंपा गया था। बाद में जब मीडिया में उनके लापता होने की खबर आई, तो ये युवक घबराकर चेन्नै से भाग लिए और फिर वहां से साथ-साथ पुणे वापस आ गए। पुणे से वाजिद और नूर तो मुंबई आ गए, पर मोहसिन वहां से दिल्ली भाग गया। दिल्ली से मोहसिन कहां गया, इसका सुराग नहीं मिला है। जांच टीम रिजवान के जरिए पूछताछ कर रही है कि आईएस का चेन्नै लिंक कौन है? रिजवान से उसके गोवा के किराए के घर के बारे में भी पूछा जा रहा है।

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एनआईए ने आईएस के 14 लोगों की गिरफ्तारी के बाद जारी प्रेस नोट में दावा किया था कि इन लोगों को विदेशी नागरिकों पर भी अटैक करना था। चूंकि गोवा में विदेशी टूरिस्ट सबसे ज्यादा आते हैं, इसलिए माना जा रहा है कि रिजवान को इसी के तहत गोवा में रहने को कहा गया। गोवा में कोल माफिया बहुत सक्रिय है, इसलिए यह भी कहा जा रहा है कि आईएस गोवा में कोल माफिया के जरिए बम धमाकों के लिए डेटोनेटर्स की जुगाड़ कर रहा था और फिर इन्हीं डेटानेटर्स का पूरे देश में बम धमाकों के लिए इस्तेमाल किया जाना था। किसी भी बम धमाके के लिए डेटोनेटर्स के साथ टाइमर भी जरूरी होता है। एनआईए ने मुदब्बिर के मुंब्रा स्थित घर से दो दिन पहले कई मोबाइल टाइमर जब्त भी किए हैं।

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