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हिंगोली से गिरफ्तार आरोपी ने किया खुलासा, क्रेडिट के लिए IS ने मंगाए थे बम के फोटो

ISIS17मुंबई। महाराष्ट्र ATS ने तीन दिन पहले हिंगोली से जिस मोहम्मद रईसुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार किया है, जांच में पता चला है कि वह ही इस्लामिक स्टेट की परभणी विंग का लीडर था। सिद्दीकी से पहले तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक नासिर चौस भी है। ATS के एक अधिकारी के अनुसार, चौस और सिद्दीकी ने मिलकर बम बनाया था।

बम कैसे बनाया जाता है, इसकी डीटेल फारूक नाम की आईडी से सीरिया से इन दोनों को भेजी गई थी। बम बनने के बाद चौस ने पहले फारूक को फोटो भेजी। फारूक ने जवाब में बम को और विस्फोटक करने के कुछ सुझाव लिखे। जब दोबारा बम बना, तो इस बार बम की फोटो सिद्दीकी ने फारूक को भेजी। ATS सूत्रों का कहना है कि यह फोटो फारूक ने इसलिए मंगाई थी, ताकि जब महाराष्ट्र में बम धमाका हो, तो इस्लामिक स्टेट यू ट्यूब में फोटो डालकर बम धमाके का क्रेडिट ले सके।

परभणी से जुड़े मॉड्यूल को औरंगाबाद में ATS की यूनिट को उड़ाने और SP रैंक के एक अधिकारी की हत्या की सुपारी दी गई थी। SP रैंक के अधिकारी ने चार साल पहले इंडियन मुजाहिदीन के एक आदमी को एनकाउंटर में मारा था। तब वह अधिकारी औरंगाबाद यूनिट में था। आईएस की भारतीय विंग का चीफ शफी अरमार तब इंडियन मुजाहिदीन में था। माना जा रहा है कि फारूक नाम की आईडी वह ही ऑपरेट करता है।

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इस बीच जाकिर नाईक की इस्मालिक रिसर्च फाउंडेशन के कर्मचारी अर्शीद कुरैशी और रिजवान को केरल पुलिस से अपनी कस्टडी में लेने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम केरल जा रही है। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, केरल से जिन 21 लोगों ने आईएस जॉइन किया है, जुलाई के बाद उनमें से किसी का भी कोई कॉल भारत में किसी भी रिश्तेदार को नहीं आया है।

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