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बॉलिवुड बाउंसरों ने लिखी खूनी स्क्रिप्ट

abductionमुंबई/लखनऊ। राम गोपाल वर्मा ने कई थ्रिलर फिल्में बनाई हैं, पर शायद उन्हें भी इस बात का अंदाज नहीं होगा कि अपनी फिल्म ‘डिपार्टमेंट’ में सिक्यॉरिटी के लिए उन्होंने जो बाउंसर हायर किए थे, वे बाउंसर असल जिंदगी में अपहरण का ऐसा ड्रामा करेंगे कि उनकी ही किसी थ्रिलर फिल्म की कहानी फ्लॉप हो जाए।

जितेश कोरवे और मोहम्मद इमरान नामक इन बाउंसरों ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर लखनऊ के एक सरकारी कर्मचारी सलीम फरीदी का अपहरण किया और फिर उनके परिवार से दस लाख रुपये की फिरौती लेने के बाद उन्हें छोड़ दिया। बाद में इन अपहरणकर्ताओं ने अपने ही साथी संदीप सिंह और उसकी गर्लफ्रेंड नीतू का कत्ल कर दिया। ‘डिपार्टमेंट’ फिल्म सन 2012 में रीलिज हुई थी, जिसमें अमिताभ बच्चन और संजय दत्त की मुख्य भूमिकाएं थीं। शीना बोरा के बाद मुंबई से जुड़ा यह सबसे सनसनीखेज हत्याकांड माना जा रहा है।

कुर्ला से लखनऊ
यूपी एसटीएफ के सीनियर इंस्पेक्टर पी के मिश्र ने बताया कि अपहरण की पूरी साजिश मुंबई के कुर्ला उपनगर में रची गई। संदीप मूल रूप से इलाहाबाद का रहने वाला था, पर लखनऊ में वह रीयल इस्टेट का बिजनस करता था। उसी बहाने उसकी कभी यूपी जल संस्थान में काम करने वाले सलीम फरीदी से जान- पहचान हुई। फरीदी हालांकि सेक्शन ऑफिसर हैं, पर संदीप उन्हें जूनियर इंजीनियर समझता था और मानकर चल रहा था कि इनके पास करोड़ों की नकदी होगी। फरीदी का मूल काम ठेकेदारों का पानी के पाइप से जुड़े कॉन्ट्रेक्ट को रिन्यू करना था।

घाटे की भरपाई के लिए क्राइम
संदीप को रीयल स्टेट में काफी घाटा हुआ था, इसलिए उसे रुपयों की बहुत जरूरत थी। इसी वजह से उसने कुछ महीने पहले लखनऊ छोड़ दिया और अपनी गर्लफ्रेंड नीतू सिंह के साथ मुंबई आ गया। मुंबई में वह इमरान से मिला और इमरान के जरिए उसकी जितेश कोर्वे से पहचान हुई। संदीप की तरह इमरान व जितेश भी इलाहाबाद के ही मूल निवासी हैं।

इमरान व जितेश कभी शार्पऐज कंपनी में काम करते थे। रामगोपाल वर्मा ने अपनी फिल्म ‘डिपार्टमेंट’ की शूटिंग के दौरान इस सिक्यॉरिटी कंपनी को हायर किया था, जिससे जुड़े जितेश और इमरान जहां-जहां शूटिंग होती थी, वहां-वहां बतौर बाउंसर जाते थे। संदीप की तरह इन दोनों को भी रुपयों की सख्त जरूरत थी, इसलिए सभी ने लखनऊ के सलीम फरीदी के अपहरण की मुंबई में साजिश रचनी शुरू कर दी।

मुंब्रा में बुक कराया फ्लैट
सभी आरोपियों ने तय किया कि फरीदी के परिवार से दो करोड़ रुपये फिरौती में मांगे जाएंगे और बाद में रकम का हिस्सा आपस में बांट लिया जाएगा। फिरौती से मिलने वाली रकम की उम्मीद में संदीप ने मुंबई से सटे मुंब्रा में एक फ्लैट भी बुक करा दिया और टोकन के रूप में मामूली रकम भी बिल्डर को दे दी। इसके बाद सभी –संदीप, इमरान, जितेश और नीतू सिंह 6 अगस्त को मुंबई से सफेद स्कोर्पियो गाड़ी से निकले और 7 अगस्त को लखनऊ पहुंचे। वहां सब एक दिन होटल में रुके।

8 अगस्त को संदीप और उसकी गर्लफ्रेंड ने सलीम फरीदी को किसी सरकारी ठेके के बहाने फोन किया और फिर एक खास जगह मिलने के लिए बुलाया। फरीदी जैसे ही बताई गई जगह पर पहुंचे, उन्हें बंदूक की नोक पर जबरन सफेद स्कोर्पियो गाड़ी में डाल दिया गया और फिर इलाहाबाद ले जाया गया। वहां इन चारों के साथी अमजद, आसिफ और जमील ने पहले से एक घर लिया हुआ था। उस घर में फरीदी को रखा गया और फिर उनके परिवार से दो करोड़ रुपये मांगने का फैसला किया गया। पर फरीदी ने जब साफ कर दिया कि उनके परिवार के पास इतनी रकम नहीं है, तो इसके बाद उन्हें छोड़ने का सौदा दस लाख रुपये में तय हुआ।

अकाउंट में फिरौती
सवाल यह उठा कि फिरौती की रकम ली कैसे जाए ? सीनियर इंस्पेक्टर पी के मिश्र कहते हैं, उस वक्त अमजद ने इमरान को सुझाव दिया कि नकदी लेने में रिस्क रहेगी, इसलिए संदीप के अकाउंट में रकम ट्रांसफर करवा दो और बाद में संदीप का कत्ल कर दो। इमरान को यह आइडिया जम गया। उसने संदीप से उसका एचडीएफसी अकाउंट नंबर लिया और सलीम फरीदी को बता दिया। फरीदी ने किसी भी तरह जिंदा बचने के लिए अगले दिन सुबह दस बजे अपने बेटे को इस बाबत कॉल किया और बताए गए अकाउंट नंबर पर रकम ट्रांसफर करने को कहा। शाम 4 बजे RTGS से रकम जब ट्रांसफर हो गई, तो पांच घंटे बाद रात 9 बजे इलाहाबाद में साउथ मलाका, फाफामऊ के निकट फरीदी को छोड़ दिया गया।

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प्रेमिका का कत्ल
फरीदी को रिहा करने के बाद अपनी खुद की हत्या की रची जा रही साजिश से अनजान संदीप ने इमरान से कहा कि ‘हमें पहले नीतू का गेम करना है। मैं इससे बहुत परेशान हो चुका हूं।’ पी के मिश्र ने एनबीटी को बताया कि 6 अगस्त को जब संदीप मुंबई से निकला था, तब भी उसने इमरान को नीतू के कत्ल करने के अपने इरादे बता दिए थे। संदीप पहले से शादीशुदा था। उसकी पत्नी इलाहाबाद में रहती है।

संदीप काफी दिनों से नीतू को छोड़ना चाहता था, पर वह संदीप को छोड़ने को तैयार नहीं थी, इसलिए अपहरण का ड्रामा खत्म होते ही संदीप ने अपने साथियों के साथ मिलकर हाइवे पर नीतू को गोली मार दी। उसके बाद जब संदीप अन्य आरोपियों के साथ हाइवे पर कुछ और आगे बढ़ा, तो गाड़ी में ही उसकी भी हत्या कर दी गई। पर हत्या से पहले इमरान, जितेश ने उसकी जेब से उसका एटीएम कार्ड निकाल लिया और जबरन उससे उसका पिन नंबर पूछ लिया। इसके बाद जगह-जगह वे एटीएम से रकम निकालते रहे।

एटीएम कार्ड पर नजर
चूंकि पहले सलीम फरीदी के अपहरण और फिर संदीप व नीतू सिंह की हत्या की जानकारी पुलिस तक पहुंच गई थी, इसलिए लोकल पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक, एसपी जय प्रकाश, अडिशनल एसपी अरविंद चतुर्वेदी, डेप्यूटी एसपी दिनेश पुरी और सीनियर इंस्पेक्टर पी के मिश्र की टीम भी समानांतर जांच कर रही थी। जांच टीम ने संदीप के एटीएम कार्ड के हर ट्रांजैक्शन पर नजर रखनी शुरू कर दी।

उसी में 10 अगस्त को शाम 5.45 बजे अचानक 6200 रुपये का एक ट्रांजैक्शन HOE Wellness स्पॉ का अपडेट हुआ। तड़ातड़ इंटरनेट पर जब इसकी डिटेल निकाली गई, तो यह स्पॉ लखनऊ एयरपोर्ट पर पाया गया। फौरन एयरपोर्ट चौकी इंचार्ज को अलर्ट किया गया। उसने स्पॉ में एंट्री देख कर बताया कि पेमेंट संदीप सिंह ने किया है जो 6 बजे की गो एयर 396 फ्लाइट से मुंबई जा रहा है। हालांकि संदीप मर चुका था, लेकिन स्पॉ पर उसका नाम इसलिए आया, क्योंकि उसका एटीएम कार्ड यूज हुआ था।

रनवे पर विमान
एयरपोर्ट के स्पॉ से मिली इस जानकारी के बाद जब और पड़ताल हुई, तो पता चला कि विमान रनवे पर जा चुका है। उसी वक्त एसएसपी अमित पाठक ने डायरेक्टर , लखनऊ एयरपोर्ट, श्रीवास्तव से पूरी बात की और विमान को होल्ड करने के लिए कहा। एयरपोर्ट पर HOE Wellness स्पॉ के सीसीटीवी से आरोपियों की शिनाख्त हो चुकी थी, इसलिए विमान पर पहुंचकर इमरान और जितेश को पहचान लिया गया और फिर उन्हें नीचे उतारा गया। उनकी जेब की तलाशी में इमरान के पास संदीप का डेबिट कार्ड मिल भी गया।

संदीप और नीतू की जूलरी भी इमरान की जेब से बरामद कर ली गई। एसटीएफ के अनुसार, नीतू संदीप की पत्नी नहीं थी, पर लिव इन रिलेशन में वह संदीप के साथ रहती थी। संदीप उससे मुक्ति चाहता था और अपनी इलाहाबाद में रह रही पत्नी को साथ रखना चाहता था, इसलिए उसने अपने साथी इमरान से नीतू के कत्ल के लिए मदद मांगी, पर संदीप को कभी यह अहसास नहीं हुआ कि यही इमरान फिरौती की पूरी रकम हड़पने के लिए अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर खुद उसका कत्ल कर देगा।

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