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सबसे बड़ा खुलासा: नरसिंह के खाने में नशीला पदार्थ मिलाने वाले का पर्दाफाश

narsingh5नई दिल्ली। डोप टेस्ट में फंसे फ्रीस्टाइल पहलवान नरसिंह यादव के साथ हुई साजिश के तार अब जुड़ते नजर आ रहे है। नरसिंह के साथियों और सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के किचन के स्टाफ ने खाने में कुछ मिलाने वाले लड़के को पहचानने का दावा किया है। इस मामले में जल्द एफआइआर भी दर्ज होने की बात कही जा रही है। हालांकि अभी उसके नाम का खुलासा नहीं किया गया है। ये सुबूत बुधवार को राष्ट्रीय डोपिंग रोधक एजेंसी (नाडा) की अनुशासनात्मक समिति के सामने पेश किए जाएंगे। इस समिति के हाथ में ही नरसिंह का भविष्य है।

नरसिंह ने पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर रियो ओलंपिक के लिए 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में क्वालीफाई किया था। इससे दो ओलंपिक पदक जीतने वाले सुशील कुमार का पत्ता कट गया था। लेकिन नरसिंह पिछले महीने हुए डोप टेस्ट में फेल हो गए। उन्होंने अपने खिलाफ साजिश का आरोप लगाया है।

साइ सेंटर के किचन स्टाफ के कुछ लोगों ने दावा किया है कि पांच जून को जिस लडऩे के दाल के छौंक में कुछ मिलाया था उसे पहचान लिया गया है। सोनीपत में फ्रीस्टाइल कोच जगमिंदर सिंह उसकी फोटो लेकर मंगलवार को भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआइ) के दफ्तर आए और अध्यक्ष ब्रजभूषण सिंह को सारा मामला बताया। ब्रजभूषण ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जिस लड़के को देखा गया था वह उसी अखाड़े का है, जिन पर नरसिंह ने साजिश करने का शक जताया है। उस लड़के को एक बार नरसिंह के कमरे में भी जाते देखा गया था, जबकि वह साइ सेंटर में अभ्यास भी नहीं करता है। उन्होंने कहा कि हमारी नजर नाडा समिति की सुनवाई है। हम जितना कर सकते थे वह कर रहे हैं।

बृजभूषण ने नरसिंह और योगेश्वर की तरह सीबीआइ जांच की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि उसके बिना इस मामले का राज नहीं खुल नहीं हो सकता। सुशील के यह कहने पर कि जब 16 जुलाई को रिपोर्ट आई थी और नरसिंह को यही करना था तो उनका नाम ओलंपिक में भेजा जा सकता था। इस पर कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने कहा कि सुशील को कैसे पता चला कि 16 को रिपोर्ट आई। जबकि मुझे इसकी जानकारी 19 जुलाई को मिली। 16 को ये जानकारी सिर्फ नाडा और नरसिंह को थी। उन्होंने कहा कि सतपाल पहलवान ने भी यही कहा था। मैं ये जानना चाहता हूं कि इतनी गोपनीय जानकारी उन्हें उसी दिन कैसे पता चल गई।

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कैसे हुई साजिश :

साइ सेंटर में काम करने वाले एक व्यक्तिने दावा किया था जब वह दाल में छौंक लगाकर किसी काम से बाहर गए। बाद में अंदर आए तो उसमें झाग निकलता मिला। इसी दौरान एक लड़के को बाहर जाते देखा गया। बाद में वह दाल फेंक दी गई। तब उस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।

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