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अश्विन की करिश्माई गेंदबाजी से टेस्ट में भारत की एशिया से बाहर सबसे बड़ी जीत

Indian players surround captain Virat Kohli after he caught West Indies' Jermaine Blackwood, left, during day four of their first cricket Test match at the Sir Vivian Richards Stadium in North Sound, Antigua, Sunday, July 24, 2016. (AP Photo/Ricardo Mazalan)

नार्थ साउंड (एंटीगा)। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की करिश्माई गेंदबाजी से भारत ने आज यहां वेस्टइंडीज को पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में चौथे दिन ही पारी और 92 रन से करारी शिकस्त देकर एशिया महाद्वीप के बाहर अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

भारतीय पारी में शतक जड़ने वाले अश्विन ने 83 रन देकर सात विकेट लिये जिससे वेस्टइंडीज की टीम फॉलोऑन करते हुए दूसरी पारी 231 रन पर सिमट गयी। भारत ने इस तरह चार मैचों में 1-0 की बढ़त हासिल की। भारत की यह वेस्टइंडीज की धरती पर पारी के अंतर से पहली जीत है। इससे पहले भारत ने एशिया के बाहर पारी के अंतर से उसकी सबसे बड़ी जीत जिम्बाब्वे के खिलाफ 2005 में बुलावायो में दर्ज की थी। तब उसने पारी और 90 रन से टेस्ट मैच जीता था।

भारत ने कप्तान विराट कोहली (200) के दोहरे शतक और अश्विन (113) के शतक की मदद से अपनी पहली आठ विकेट पर 566 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी। इसके बाद वेस्टइंडीज की टीम को अपनी पहली पारी 243 रन पर आउट करके उसे फॉलोऑन के लिये मजबूर किया। वेस्टइंडीज की तरफ से दूसरी पारी में कालरेस ब्रेथवेट (नाबाद 51) और मलरेन सैमुअल्स (50) ने अर्धशतक जमाये। 

एक समय लग रहा था कि भारत अपने इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ पारी के अंतर से सबसे बड़ी जीत दर्ज करने में सफल रहेगा लेकिन कालरेस ब्रेथवेट और देवेंद्र बिशू (45) ने नौंवें विकेट के लिये 95 रन की साझेदारी करके हार का अंतर कम कर दिया। अश्विन ने बिशू को आउट करके यह साझेदारी तोड़ी और फिर इसी ओवर में शैनोन गैब्रियल की गिल्लियां बिखेरकर भारत को जीत दिलायी। भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कुल 17वीं और उसकी सरजमीं पर छठी जीत दर्ज है।

अश्विन एक टेस्ट मैच में दो बार शतक और पांच या अधिक विकेट लेने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गये हैं। इससे पहले उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ही मुंबई में 2011 में यह कारनामा दिखाया था। तब उन्होंने 103 रन बनाने के अलावा नौ विकेट भी लिये थे। भारत की तरफ से उनसे पहले वीनू मांकड़ और पाली उमरीगर ने एक-एक बार यह उपलब्धि हासिल की थी।

अश्विन ऐसे छठे क्रिकेटर हैं जिन्होंने दो या इससे अधिक बार ऐसा कारनामा किया है। इयान बाथम ने रिकॉर्ड पांच बार मैच में शतक और पांच या उससे अधिक विकेट लिये थे। वेस्टइंडीज ने सुबह जब ब्रावो का विकेट गंवाया तब उसने अपने कल के स्कोर में कोई इजाफा नहीं किया था। कोहली ने यादव से गेंदबाजी का आगाज करवाया। उनकी पांचवीं गेंद ब्रावो के बल्ले का किनारा लेकर स्लिप में गयी जहां अंजिक्य रहाणे ने अपने बायीं तरफ डाइव लगाकर बड़ी खूबसूरती से उसे कैच में बदला।

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इसके बाद सैमुअल्स ने कुछ खूबसूरत शॉट लगाये और चंद्रिका के साथ तीसरे विकेट के लिये 67 रन की साझेदारी की। इस बीच सैमुअल्स जब 16 रन पर थे तब मोहम्मद शमी ने विकेट के पीछे कैच की जोरदार अपील की लेकिन तीसरे अंपायर के हिसाब से गेंद विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के दस्तानों में पहुंचने से पहले जमीन स्पर्श कर चुकी थी।

अश्विन ने अपने अगले ओवर में ब्लैकवुड को भी पवेलियन भेजा जो लगातार दूसरी पारी में खाता खोलने में नाकाम रहे। अश्विन ने बड़ी बुद्धिमानी से बल्लेबाज को अपने जाल में फंसाया। ब्लैकवुड आगे बढ़कर शाट खेलना चाहते थे लेकिन अश्विन ने सही समय पर गति में परिवर्तन किया जिससे की शॉट मिडविकेट पर खड़े कोहली के हाथों में समा गया।

सैमुअल्स ने अमित मिश्रा की गेंद पर एक रन लेकर टेस्ट मैचों में अपना 23वां अर्धशतक पूरा किया लेकिन इसके बाद वह आगे कोई रन नहीं जोड़ पाये और अश्विन की ऑफ ब्रेक पर बोल्ड होकर पवेलियन लौटे। सैमुअल्स ने 85 गेंद की अपनी पारी में 11 चौके लगाये। अश्विन ने अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे रोस्टन चेज (आठ) को अपना शिकार बनाकर वेस्टइंडीज का स्कोर छह विकेट पर 106 रन कर दिया।

कोहली ने मिश्रा को काफी देर बाद गेंद सौंपी और उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज शेन डोरिच (नौ) को पगबाधा आउट करके कैरेबियाई टीम को सातवां झटका दिया। अश्विन ने कप्तान जैसन होल्डर (16) के रूप में अपना पांचवां विकेट लिया। यह पहला अवसर है जबकि उन्होंने उपमहाद्वीप के बाहर किसी पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया।

इससे पहले एशिया से बाहर उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 105 रन देकर चार विकेट था जो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2014-15 में सिडनी में किया था। कालरेस ब्रेथवेट और बिशू ने हालांकि भारत का इंतजार बढ़ा दिया। बिशू ने अपने करियर का सर्वोच्च स्कोर भी बनाया। आखिर में उन्होंने अश्विन की गेंद पर मिडविकेट पर चेतेश्वर पुजारा को कैच थमाया। उन्होंने 74 गेंद खेली तथा छह चौके और एक छक्का लगाया। कालरेस ब्रेथवेट ने अपनी नाबाद पारी में 82 गेंदों का सामना किया तथा तीन चौके और दो छक्के जमाये।

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