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गोरखपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना को लेकर क्रेडिट की होड़

gkp aiimsगोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के गोरखपुर में स्थापना से ठीक पहले इसके जगह को लेकर स्थानीय स्तर पर सियासी वाकयुद्ध छिड़ गया है। समाजवादी पार्टी की मांग है कि एम्स को खुटहन में ही बनाया जाए जबकि केन्द्र सरकार ने अपना रूख साफ कर दिया है।

केंद्र सरकार अब फैसला नहीं बदलेगी और एम्स की स्थापना गोरखपुर-कुशीनगर मार्ग पर ही उत्तर प्रदेश गन्ना शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान की जमीन पर होगी। भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इसी जगह की प्रबल पैरोकारी कर रहे हैं।

दरअसल, गोरखपुर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना को लेकर क्रेडिट की होड़ शुरू से ही रही। गोरखपुर जनपद में सपा की एकमात्र विधायक राजमती निषाद के विधानसभा क्षेत्र पिपराईच स्थित खुटहन में एम्स की स्थापना के लिए यूपी सरकार ने पूरी कोशिश की। सरकार के इस फैसले के पीछे दो वजहें थीं।

एक तो सपा का विधानसभा क्षेत्र और दूसरा निषाद बहुल इलाके में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान स्थापना कर पिछड़ा वर्ग के विकास का संदेश देना। खुटहन में 200 एकड़ जमीन तो थी लेकिन वह विवादित थी और मामला कोर्ट में था। खुटहन तक फोरलेन भी नहीं था। केंद्र सरकार की आपत्ति पर यूपी सरकार ने खुटहन तक फोरलेन बनाने की तैयारियां शुरू कर दीं थीं और कोर्ट में पैरवी भी तेज कर दी गई थी।

140 एकड़ में बनेगा एम्स

यूपी सरकार के प्रयास चल ही रहे थे कि केन्द्र ने एक अन्य प्रस्तावित जमीन पर एम्स को मंजूरी दे दी। तय हो गया कि उत्तर प्रदेश गन्ना शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के 140 एकड़ जमीन पर एम्स बनेगा। केन्द्र की मंजरी के ठीक बाद कोर्ट ने खुटहन की जमीन पर सरकार के पक्ष में फैसला दे

दिया। इसके बाद राज्य सरकार एक बार फिर कोशिश में जुट गई कि एम्स खुटहन में ही बने। लेकिन केंद्र ने राज्य की इस मांग को खारिज कर दिया।

सपा का तर्क

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समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डा. मोहसिन खान का कहना है कि जब खुटहन में 200 एकड़ जमीन है तो कूड़ाघाट में 140 एकड़ जमीन पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। सपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक तरफ एम्स की जगह को लेकर विरोध जता रहे हैं तो दूसरी ओर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना के लिए सारा श्रेय यूपी के सीएम अखिलेश यादव को दे रहे हैं।

भाजपा का दावा

नगर विधायक डा. राधामोहन दास अग्रवाल ने दावा किया है कि अगर विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनती है तो भी खुटहन को एक बड़ा तोहफा दिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार खुटहन के 200 एकड़ जमीन पर क्रषि विश्वविद्यालय की स्थापना कराएगी। नगर विधायक भी शोधसंस्थान परिसर में ही एम्स के स्थापना के पक्षधर हैं।

पूर्व कुलपति और आप नेता को आपत्ति

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और आम आदमी पार्टी के नेता डा. राधे मोहन मिश्र ने 140 एकड़ में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान स्थापना का विरोध किया है। डा. मिश्र उन नेताओं में शुमार हैं जिन्होंने एम्स की स्थापना को लेकर लड़ाई लड़ी है। डा. मिश्र का कहना है कि जब खुटहन में 200 एकड़ जमीन का रास्ता साफ हो गया है तो एम्स की स्थापना वहीं होनी चाहिए।

पीएम मोदी रखेंगे ईंट

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जुलाई को गोरखपुर आ रहे हैं। वे एम्स के लिए भूमिपूजन में हिस्सा लेंगे और इसके नीवं की ईंट रखेंगे। पीएम के दौरे के ठीक पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की जगह को लेकर वाकयुद्ध तेज हो गया है। हांलाकि अब लगभग तय हो चुका है कि एम्स की जगह कत्तई नहीं बदली जाएगी। और इस तथ्य की पुष्टि भाजपा सांसद महंत योगी आदित्यनाथ भी कर चुके हैं।

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