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संजय या विश्वास? किसकी बात है पार्टी की राय

vishwas2अहमदाबाद। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता कुमार विश्वास ने कहा है कि उनकी पार्टी शुरू से ही जातिगत आरक्षण के खिलाफ रही है। उन्होंने इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) अहमदाबाद के ऐन्युअल फेस्ट ‘केऑस’ में हिस्सा लेने के दौरान यह बात कही। हालांकि, उनकी पार्टी नेता संजय सिंह ने इससे पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह कुमार विश्वास की निजी राय है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि किसकी राय पार्टी की राय है।
कुमार विश्वास ने रविवार को कहा था कि आरक्षण जाति के नहीं बल्कि आर्थिक स्थिति के आधार पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का शुरू से यह मानना रहा है कि जातिगत आरक्षण को धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने रोहित वेमुला की मौत पर पीएम मोदी पर भी निशाना साधा और कहा,’प्रधानमंत्री जी को पांच दिनों बाद दुख हुआ। लेकिन उन्हें अपने मंत्रियों के खिलाफ कड़ा ऐक्शन लेना चाहिए, क्योंकि उन्होंने ऐसा माहौल बनाया था जिसमें एक होनहार छात्र को अपनी जिंदगी खत्म करनी पड़ी। मुझे यकीन है कि प्रधानमंत्री इस पर कार्रवाई करेंगे।’

गुजरात में आरक्षण के लिए पाटीदार आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,’हम चाहते हैं कि जाति आधारित आरक्षण को धीरे-धीरे खत्म कर दिया जाए। इसकी जगह आर्थिक स्थिति के आधर पर आरक्षण लाया जाए।’ उन्होंने कहा कि पाटीदार आंदोलन ने गुजरात की पोल खोल दी है, उन्होंने पटेल समुदाय के लोगों पर पुलिस की यातना की निंदा भी की। कुमार विश्वास ने कहा कि गुजरात सरकार ने आंदोलन को कुचलने की कोशिश की और पटेल नेताओं पर गलत मामले दर्ज किए। वहीं, असहिष्णुता के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

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हालांकि उनके बयान के तूल पकड़ने पर आम आदमी पार्टी ने इससे किनारा कर लिया। पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि यह पार्टी की राय नहीं बल्कि कुमार विश्वास की निजी राय है। संजय सिंह ने कहा,’पार्टी के अंदर एक मसले पर लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है लेकिन जो पार्टी की राय है वह सबको माननी होगी। इस देश में जाति के आधार पर एक बड़े तबके को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है इसलिए हमारी पार्टी जातिगत आरक्षण का समर्थन करती है।’

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