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कोर्स में शामिल करेंगे ‘इमरजेंसी का जुल्म’

27 mukhtar-abbas-naqviwww.puriduniya.com लखनऊ। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि वह अपनी सरकार से आपातकाल को ‘इमरजेंसी के जुल्म’ चैप्टर के नाम से कोर्स में शामिल करने का अनुरोध करेंगे। माध्यमिक कक्षाओं में इसे शामिल कर 26 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक कांग्रेस सरकार में हुए अत्याचार और जुल्म से भावी पीढ़ियों को रू-ब-रू कराया जाएगा। इसके लिए वह सरकार और एचआरडी मिनिस्ट्री से बात करेंगे।

नकवी रविवार को प्रदेश कार्यालय पर बीजेपी महानगर इकाई की ओर से आयोजित इमरजेंसी में जेल गए लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कांग्रेस सरकार में लगी इमरजेंसी के जुल्म याद करते हुए कहा कि यह देश सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है लेकिन अहंकार, तानाशाही और सामंती मानसिकता नहीं। यही वजह है कि कांग्रेस मुक्त भारत की तरफ देश बढ़ रहा है। इमरजेंसी में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कितने जुल्म किए लेकिन कभी किसी ने ‘भारत तेरी बर्बादी तक जंग रहेगी जारी’ या ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे नहीं लगाए होंगे। ना ही किसी ने एक आतंकी का समर्थन किया होगा।

बीजेपी के कार्यक्रम में मुलायम की ‘जय’
सम्मान भले ही बीजेपी ने किया लेकिन ‘जय’ मुलायम की हुई। सम्मान पाने वालों का कहना था कि मुलायम ने उन्हें लोकतंत्र सेनानी का नाम दिया, पेंशन दी, यात्रा भत्ता और मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं दीं, लेकिन दो बार केंद्र में सरकार बनने के बाद भी बीजेपी ने किसी तरह की सुविधा का ऐलान नहीं किया। सम्मान समारोह में कोई घोषणा न होने से नाराज लोकतंत्र सेनानी मंच पर पहुंच गए। केंद्र सरकार से सुविधाओं की मांग करते हुए हंगामा होने लगा तो प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कटारिया ने इस संबंध में बाद में बात करने को कहा। इससे नाराज लोकतंत्र सेनानी मंच से नीचे उतर आए।

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तो स्वामी के लिए दरवाजे बंद नहीं
बीएसपी छोड़ चुके स्वामी प्रसाद मौर्य बीजेपी जॉइन करेंगे या नहीं? इस सवाल पर मुख्तार कुछ भी खुलकर बोलने के बजाय इशारों में ही बात करते रहे। उन्होंने कहा कि जो भी संघर्षशील और जमीनी नेता है, उसका बीजेपी में स्वागत है। उन्होंने चुनाव से पहले कई नए चेहरों के पार्टी में शामिल होने की उम्मीद भी जताई। चेहरे के सवाल पर राष्ट्रीय प्रवक्ता का कहना था कि चेहरा जीत की गारंटी नहीं है।

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