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चीन के जहाज ने की भारत, जापान और अमेरिका के युद्धाभ्यास की जासूसी की

15John-C-Stennisओकिनावा। चीन की एक ऑब्जरवेशन शिप ने हाल ही में खामोशी से पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र (वेस्टर्न पसिफिक) में ताकतवर अमेरिकी एयरक्राफ्ट करियर जॉन सी. स्टेनिस और भारत और जापान के वॉरशिप की जासूसी की है। भारत-जापान और अमेरिकी जहाज दक्षिणी चीन सागर के पास संयुक्त युद्धाभ्यास कर रहे हैं। जापान के एक नौसेना अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।

जासूसी वाला मामला बुधवार का है। तीनों देशों की ओर से अभ्यास का फैसला चीन द्वारा दक्षिणी चीन सागर में लगातार अपनी दावेदारी जताने के बाद लिया गया था। अमेरिका और जापान को लग रहा था कि चीन इसके पास के ही वेस्टर्न पसिफिक में सबमरीन्स और जहाजों से अपना प्रभुत्व फैलाने की कोशिश करेगा।

बाकी दुनिया के समुद्रों को यहां से होकर जाने वाली सप्लाई लाइन और अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाने के चलते चीन पसिफिक में अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहता है।
इस युद्धाभ्यास में मौजूद 1 लाख टन वजनी अमेरिकी स्टेनिस में F-18 फाइटर जेट शामिल रहते हैं। यह पोत जापान के हेलिकॉप्टर कैरियर और भारत के युद्धपोत के साथ जापान की ओकिनावा द्वीप श्रंखला से लगे समुद्र में अभ्यास कर रहा है। पता चला है कि चीन का जहाज दक्षिणी चीन सागर में पहुंचने के बाद से ही अमेरिकी जहाज का पीछा कर रहा था। जापान के मुख्य द्वीप से होकर ताइवान से 100 किमी दूर तक फैले 200 द्वीपों में चीन की पहुंच सीमित है। इससे बचने के लिए जापान इनमें रेडार स्टेशन और ऐंटी-शिप मिसाइल बैटरी भी तैनात कर रहा है।

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उम्मीद की जा रही है कि जापान के साथ अभ्यास में शामिल होने से चीन की बढ़ती ताकत पर अंकुश लगाया जा सकेगा। हाल ही में पूर्वी चीन सागर के द्वीपों के पास चीन के युद्धपोत के 24 मील तक चले आने के बाद पेइंचिंग और टोक्यो के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। इस क्षेत्र में चीन के आक्रामक रुख को देखते हुए अमेरिकी नौसेना के तीसरे बेड़े ने और जहाजों को पूर्वी एशिया में भेजने की योजना बनाई है। एक अमेरिकी अधिकारी ने मंगलवार को बताया है कि ये जहाज जापान के सातवें बेड़े के साथ मिलकर काम करेंगे।

भारत के लिए इस गतिविधि का मकसद चीन की हिंद महासागर में बढ़ती समुद्री सक्रियता के प्रति नाराजगी जाहिर करना है। भारत ने इस अभ्यास के लिए अपने नौसेना के बेड़े में से चार जहाज भेजे थे। ये जहाज दक्षिणी चीन सागर से होते हुए गए थे और फिलीपींस और वियतनाम में रुके थे और वहां से अभ्यास में शामिल हुए थे।

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