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NSG सदस्यता के लिए अब रूस, न्यू जीलैंड और दक्षिण कोरिया की तरफ देख रहा है पाकिस्तान

09missilewww.puriduniya.com नई दिल्ली। एनएसजी (न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप) सदस्यता के मसले पर चीन अब अकेला पड़ता नजर आ रहा है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका द्वारा भारत को एनएसजी मेंबरशिप के लिए सपॉर्ट मिलने पर पाकिस्तान की चिंता साफ नजर आ रही है। पाकिस्तान ने न्यूक्लियर टेक्नॉलजी होल्डर्स के कार्टेल को चेताया है कि अगर भारत को एनएसजी की सदस्यता मिलती है तो इससे दक्षिण एशिया की कूटनीतिक स्थिरता पर नकारात्मक असर पड़ेगा। चिंतित पाकिस्तान अब अपनी एनएसजी सदस्यता के लिए रूस, दक्षिण कोरिया और न्यू जीलैंड की ओर देख रहा है।

पाकिस्तान के लिए एनएसजी सदस्यता में समर्थन जुटाने के लिए इस्लामाबाद में एक ब्रीफिंग सेशन भी रखा गया। विदेश मंत्रालय में यूएन डेस्क की हेड तसनीम असलम ने कहा,’पाकिस्तान के न्यूक्लियर ऐप्लिकेशन्स के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए पास एनएसजी आइटम्स और सर्विसेज सप्लाई करने के लिए जरूरी विशेषज्ञता, मैनपावर, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता है।’ उन्होंने मीटिंग में मौजूद डिप्लोमैट्स से कहा कि वे नॉन-एनटीपी (नॉन-प्रॉलिफरेशन ट्रीटी) वाले देशों के लिए भेदभावरहित और निष्पक्ष रवैया अपनाएं।
एनएसजी की सदस्यता हासिल करने के लिए पाकिस्तान अब रूस, दक्षिण कोरिया और न्यू जीलैंड का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहा है। बुधवार को पाकिस्तान के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने फोन पर रूस, दक्षिण कोरिया और न्यू जीलैंड के विदेश मंत्रियों से इस मामले में बातचीत भी की। भारत ने हाल ही में एनएसजी मेंबरशिप के लिए अपना अभियान तेज किया है। भारत के इस दावे पर चीन ने आपत्ति जताई थी। इससे उत्साहित पाकिस्तान ने भी एनएसजी सदस्यता के लिए पिछले महीने औपचारिक तौर पर आवेदन कर दिया था।

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वहीं, दूसरी तरफ चीन ने एनएसजी में भारत की एंट्री रोकने के लिए पूरी ताकत लगा दी है। हालांकि भारत को अब स्विटजरलैंड, अमेरिका और मेक्सिको का समर्थन भी मिल चुका है और अब दुनिया के इकलौते न्यूक्लियर कार्टेल में भारत के शामिल होने की संभावनाएं बेहद करीब हैं।

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