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पकड़ गया ‘आईएस के पहले भारतीय स्लीपर सेल’ का सरगना

ISIS23मुंबई/ठाणे। देश में पिछले एक-डेढ़ साल में आईएस के लिए जितने युवकों की भर्तियां हुई थीं, उन सबको ट्रेनिंग और हमले के लिए सीरिया या अफगानिस्तान भेजा गया था और उन्हें देश के बाहर ही हमला करने का आदेश दिया गया था। लेकिन, शुक्रवार को एनआईए ने एटीएस के साथ अलग-अलग जगहों से जिन 14 लोगों को गिरफ्तार किया, उनकी आईएस में भर्ती भारत में अटैक के लिए की गई थी। महाराष्ट्र एटीएस से जुड़े एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इस अधिकारी के अनुसार, भारत के खिलाफ ऑपरेशन के लिए आईएस का यह पहला भारतीय स्लीपर सेल है। महाराष्ट्र एटीएस ने इस स्लीपर सेल के मुख्य सरगना मुदब्बिर शेख को तो शुक्रवार सुबह मुंब्रा से गिरफ्तार किया ही है, मझगांव के बिजनेसमैन खान मोहम्मद हुसैन को भी देर रात दक्षिण मुंबई से अरेस्ट कर लिया गया। खान मोहम्मद को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा, पर मुदब्बिर को गिरफ्तारी के बाद एनआईए को सौंप दिया गया।

एनआईए ने मुंबई की कोर्ट से शुक्रवार को मुदब्बिर की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड ली और फिर आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई। खबरें इस तरह की भी आ रही हैं कि मुदब्बिर के घर से कुछ विस्फोटक सामग्री भी जब्त की गई है, पर महाराष्ट्र एटीएस ने इस खबर की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है। हालांकि, एक अधिकारी ने इतना जरूर माना कि एटीएस ने उसके और उसकी पत्नी के मोबाइल तथा लैपटॉप अपने कब्जे में लेकर एनआईए को सौंप दिए।

नालासोपरा से भागा था
मुदब्बिर को मुंब्रा के अमृतनगर इलाके की रेश्मा को-ऑप-हाउजिंग सोसाइटी से पकड़ा गया। इससे पहले वह नालासोपारा में रहता था, लेकिन मां-बाप से झगड़े के बाद वह पत्नी एवं दो बच्चियों के साथ वहां से भाग गया था। एटीएस सूत्रों के अनुसार, मुदब्बिर के पास अपना पासपोर्ट भी है। पिछले कुछ महीनों में आईएस में जितनी भी भर्तियां हुई हैं, उनमें से ज्यादातर उसके मार्फत ही हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, आईएस ने इन भर्तियों के लिए उसे 6 लाख रुपये भी भिजवाए थे।

उसके बारे में कहा जाता है कि वह उस शफी अरमार के सीधे संपर्क में था, जो मूलत: कर्नाटक के भटकल गांव का रहने वाला है। भटकल गांव के ही रियाज और इकबाल भटकल भी हैं, जिन्होंने इंडियन मुजाहिदीन नाम का आतंकवादी संगठन बनाया था। ये दोनों भाई सन 2008 में पाकिस्तान भाग गए थे, पर दो साल पहले, ऐसा कहा जाता है कि रियाज भारत वापस लौटा और फिर उसका असम में मर्डर कर दिया गया। उसी दौरान एनआईए ने इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े यासीन भटकल को गिरफ्तार कर लिया।

यासीन की गिरफ्तारी के बाद भटकल का शफी अरमान ऐक्टिव हुआ। उसने एक नया आतंकवादी संगठन अंसार अल तोहिद बनाया, जो इन दिनों अफगानिस्तान- पाकिस्तान इलाके से ऑपरेट हो रहा है। 30 अक्टूबर को मालवणी भागे अयाज सुल्तान को यही संगठन इन दिनों अफगानिस्तान में ट्रेनिंग दे रहा है। यह संगठन आईएस और अल कायदा दोनों से जुड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, ट्रेनिंग के बाद अयाज को भारत में आतंकवादी हमले के लिए वापस बुलाया जाना था, पर इस बीच उसके भागने की खबर लीक हो गई।

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मालवणी कनेक्शन
अयाज के गायब होने के डेढ़ महीने बाद मालवणी से तीन और युवक भी लापता हुए। इनमें दो वापस आ गए, पर एक युवक मोहसिन सैयद अभी भी नहीं लौटा है। महाराष्ट्र एटीएस से जुड़े एक अधिकारी ने एनबीटी से कहा कि शुक्रवार को मुंब्रा से गिरफ्तार मुदब्बिर का परोक्ष या अपरोक्ष रूप से मालवणी के लापता और वापस आए युवकों से लिंक है। ऐसा कहा जाता है कि शुक्रवार को आईएस से जुड़ा यह पूरा रैकेट मोहसिन की वजह से ही पकड़ा गया।

दरअसल, जब दिसंबर में मालवणी से लापता युवकों की खबर मीडिया में सुर्खियां बनीं, तो मालवणी के ये युवक उन दिनों कर्नाटक के रास्ते चेन्नै गए हुए थे। खबर आने के बाद वे वहां से भागे और फिर पुणे आए। पुणे में वाजिद नामक युवक को एटीएस ने पकड़ लिया, जबकि नूर मोहम्मद ने मुंबई में सरेंडर किया। लेकिन, इनका साथी मोहसिन पुणे से गाजियाबाद भाग गया। वहां से वह फिर दिल्ली पहुंचा और वहां उसने एक नया सिम कार्ड खरीदा। इस सिम कार्ड से उसने बंगलुरु में मौलाना सैयद अंजार को फोन किया। अंजार को उसी कॉल के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उसके बाद हुई जांच और छानबीन में एक-एक कर 14 और लोग पकड़े गए।

महाराष्ट्र कनेक्शन
किसी आतंकवादी संगठन से महाराष्ट्र का कनेक्शन पहले भी सामने आ चुका है। महाराष्ट्र एटीएस के पूर्व चीफ के पी रघुवंशी कहते हैं कि सन 2007 में जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकवादी मारा गया था। बाद में हुई जांच में पता चला कि वह कोल्हापुर का है। 26/11 हमले के लिए मुंबई आए दस आतंकवादियों को हिंदी सिखाने वाला अबू जुंदाल भी महाराष्ट्र का ही है।

किसी को नहीं खबर, क्या करता था मुदब्बिर
मुदब्बिर शेख क्या करता था, इस बारे किसी को कुछ पता नहीं। मुदब्बिर के ससुर अहमद मियां से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया, ‘मेरा दामाद 4 साल से मुंब्रा के उस घर में रह रहा है। घर से बिजनस करता है। क्या करता है, यह उसने कभी बताया नहीं।’ अहमद मियां ने बताया कि उनका आईटी प्रोग्रामर दामाद पहले नौकरी करता था और नालासोपारा में रहता था। वहीं, पति की अचानक धरपकड़ से शेख की पत्नी उजमा शेख हैरान है। उजमा के मुताबिक, उसका पति आईटी फील्ड में है। वह घर में क्या करता था, उसे भी कुछ पता नहीं।

शेख के पड़ोस में रहने वाले अब्दुल कादिर से जब शेख की गिरफ्तारी पर बात की गई, तो उनका कहना था, ‘शेख घर में ही रहता था और आदमी ठीक था। वह क्या करता था, इसका पता नहीं।’ अपार्टमेंट के पूर्व सेक्रटरी फिरोज सोरटिया के मुताबिक, ‘4 साल पहले मुदब्बिर शेख अपने ससुर के मार्फत इमारत में रहने आया था। उसके ससुर एस्टेट एजेंट हैं और उन्होंने ही उसे यहां घर दिलाया था। नमाजे के समय वह आते-जाते दिखाई देता था और बाकी पता नहीं कि घर के भीतर वह क्या करता था।’

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