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माल्या ने कहा मैैं वापस आना चाहता हूं, लेकिन आजादी और सुरक्षा का भरोसा चाहिए

mallya16www.puriduniya.com मुंबई। बैंकों का कर्ज चुकाने में डिफॉल्टर घोषित हो चुके विजय माल्या ने कहा है कि वह भारत वापस आना चाहते हैं।उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें सुरक्षा और आजादी का भरोसा चाहिए। बकाया लोन चुकाने के लिए माल्या पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। माल्या ने कहा कि उन्होंने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को एक नया सेटलमेंट ऑफर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मामला तेजी से बढ़ेगा। यूनाइटेड ब्रुवरीज लिमिटेड की बोर्ड मीटिंग में शामिल डायरेक्टर्स ने यह जानकारी दी। माल्या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस बोर्ड मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे।

वहीं प्रवर्तन निदेशालय माल्या को ब्रिटेन से भारत लाना चाहता है। वह पिछले दो महीने से ब्रिटेन में हैं। बोर्ड मीटिंग में शामिल डायरेक्टरों ने बताया कि यूबीएल के चेयरमैन को बोर्ड और स्ट्रैटेजिक पार्टनर हेनेकेन का सपॉर्ट है। यह बोर्ड मीटिंग शुक्रवार को मुंबई में हुई थी। इंडिपेंडेंट बोर्ड मेंबर किरण मजूमदार शॉ ने कहा, ‘हमने कई मुद्दों पर चिंता जताई और माल्या ने भरोसा दिलाया कि वह बैंकों के साथ गंभीरता से बातचीत कर रहे हैं और जितनी जल्दी हो सके वह लोन चुका देंगे। उन्होंने कहा कि वह सभी सवालों का जवाब देने के लिए इंडिया लौटना चाहते हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा और आजादी का भरोसा चाहते हैं।’

शॉ ने कहा, ‘कंपनी का परफॉर्मेंस काफी अच्छा है और यह कॉरपोरेट गवर्नेंस का मुद्दा नहीं है कि माल्या से जुड़ी कंपनियों पर इसका असर होगा।’ हालांकि, इस मामले में ज्यादा जानकारी के लिए माल्या से संपर्क नहीं हो पाया है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एग्जिक्यूटिव्स ने कहा कि हेनेकेन ने माल्या का साथ देने का फैसला किया है और वह आधारहीन आरोपों पर ध्यान नहीं देगी। माल्या ने कहा है कि वह लगातार कोशिश कर रहे हैं कि लोन का भुगतान जल्दी हो जाए और उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है।

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बैंकों ने माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोन दिया था और अब वे 9,000 करोड़ रुपये के बकाये को वसूलने में लगे हैं। किंगफिशर एयरलाइंस का कामकाज 2012 में बंद हो गया था। ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में माल्या से पूछताछ करना चाहता है। एक और इंडिपेंडेंट बोर्ड मेंबर सुनील अलघ ने कहा कि माल्या बैंकों के साथ गंभीरता से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘माल्या ने हमसे कहा कि उन पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं और उनका इरादा लोन चुकाने का है।’

उन्होंने कहा, ‘अभी बोर्ड माल्या के सपोर्ट में है और वह इसे कॉरपोरेट गवर्नेंस का मसला नहीं मान रहा है और अगस्त में होने वाली अगली बोर्ड मीटिंग तक इस मामले पर नजर रखी जाएगी।’ इस बात की आशंका थी कि हेनेकेन यूबीएल का कंट्रोल अपने हाथों में ले लेगी और चेयरमैन पद से माल्या को हटा देगी। हेनेकेन ने 2008 में यूबीएल में 37.5 फीसदी हिस्सेदारी ली थी और उसके बाद से उसने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 42.4 फीसदी कर ली है।

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