Wednesday , April 2 2025
Breaking News

बिहार के जनता दल एमएलसी गुलाम गौस ने वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे धार्मिक मामलों पर हमला बताया और केंद्र पर बार.बार अनुचित नीतियों के साथ अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया

बिहार के जनता दल (यूनाइटेड) एमएलसी गुलाम गौस ने वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे धार्मिक मामलों पर हमला बताया और केंद्र पर बार-बार अनुचित नीतियों के साथ अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया। एएनआई से बात करते हुए गौस ने कहा कि मैं वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने वाला पहला व्यक्ति था। जब से यह केंद्र सरकार आई है, कभी लव जिहाद, सीएए, मॉब लिंचिंग, ट्रिपल तलाक और अब यह। यह हमारा धार्मिक मामला है। केंद्र पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि आपने हमारे अधिकारों की रक्षा के लिए कुछ नहीं किया।

संजय झा का बयान

गुलाम गौस ने कहा कि मौलाना आज़ाद फाउंडेशन द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति भी बंद कर दी गई। विविधता में एकता हमारी विशेषता है। मैं निश्चित रूप से इन सभी मुद्दों को उनके (सीएम नीतीश कुमार) सामने उठाऊंगा। वहीं, वक्फ संशोधन विधेयक पर जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा कि नीतीश कुमार पिछले 19 सालों से बिहार में काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लिए जो काम किया है, वो भी दिख रहा है। वक्फ बिल पहली बार नहीं आ रहा है। इससे पहले 2013 में भी संशोधित विधेयक आया था। हमारी पार्टी ने कहा था कि इसे पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू नहीं किया जाना चाहिए, और हमें उम्मीद है कि सरकार इस पर विचार करेगी। जब तक नीतीश कुमार राजनीति में हैं, लोगों के हितों की रक्षा की जाएगी।

ललन सिंह क्या बोले

केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा कि जेडीयू या बिहार के सीएम नीतीश कुमार को कांग्रेस पार्टी से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। उन्हें (कांग्रेस को) अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। उन्होंने इस देश और बिहार पर कितने साल राज किया? मुसलमानों के लिए उन्होंने क्या किया। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने पिछले 20 सालों में मुसलमानों के हक और उत्थान के लिए जो काम किया है, वह आजादी के बाद आज तक देश के किसी भी राज्य में किसी सरकार ने नहीं किया।

कांग्रेस का सवाल

इस बीच सोमवार को कांग्रेस सांसद और पार्टी के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने वक्फ (संशोधन) विधेयक को “संविधान पर सीधा हमला” करार देते हुए विधेयक के क्रियान्वयन का विरोध करने की कसम खाई और मांग की कि एनडीए के सहयोगी दल तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) और जनता दल (यूनाइटेड) इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक संविधान पर सीधा हमला है और इसकी नींव के खिलाफ है, इसे जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) के जरिए बुलडोजर से गिराया गया है।