लखनऊ बलिया प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सरकार के दबाव में पुलिस हत्या को आत्महत्या बता रही है। उन्होंने मामले की जांच हाईकोर्ट के जज से कराने की मांग की।
उत्तर प्रदेश के बलिया में युवती की मौत से लोगों में आक्रोश है। शनिवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिजन से मिलने उनके गांव पहुंचे। उन्होंने घरवालों से बात करके घटना की जानकारी ली। घरवाले बेटी की हत्या करने की बात करने की बात कह रहे हैं। वहीं पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है।
अजय राय ने कहा कि सरकार के दबाव में पुलिस विभिन्न स्थानों पर हुई हत्याओं को आत्महत्या करार दे रही है। कई मामलों में पकड़कर थाने ले जाए गए लोगों को पीट कर मार दिया जा रहा है। ऐसा जघन्य अपराध किसी भी सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ। बलिया और बस्ती प्रकरण की हाईकोर्ट के जज से जांच कराई जाए। कांग्रेस इन परिवारों को न्याय मिलने तक संघर्ष करेगी।
…जब हाथ बंधे थे तो आत्महत्या कैसे हो सकती है?
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि सुबह जब वह सराय गुलाब राय गांव पहुंचे तो वहां सन्नाटा पसरा था। जिस युवती की हत्या कर शव घर के सामने पेड़ पर लटका दिया गया था, उस परिवार से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि युवती के हाथ पीछे बंधे थे। पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है। लेकिन, जब हाथ बंधे थे तो आत्महत्या कैसे हो सकती है? भाजपा सरकार में पुलिस निरंकुश हो गई है। इस परिवार को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस संघर्ष करेगी।
हाईकोर्ट के जज से जांच कराई जाए जांच
राय ने कहा कि हमारी मांग है कि पूरे मामले में हाईकोर्ट के जज से जांच कराई जाए। गांव के चौकीदार के घर यह घटना हुई है। जो व्यक्ति करीब 14 साल से पुलिस के साथ काम कर रहा है, उसे ही उसके ही थाने की पुलिस न्याय नहीं दिला रही है। यह पूरे प्रदेश के चौकीदारों का अपमान है। ऐसी ही एक घटना बस्ती में हुई है। वहां पुलिस ने एक युवक को घर से उठाया। इसके बाद पीट कर हत्या कर दी। उस परिवार को भी न्याय दिलाया जाएगा। इसके लिए चाहे जो भी करना पड़े।