मुंबई ‘एक देश एक चुनाव’ के मुद्दे पर उद्धव गुट की शिवसेना ने एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा है। शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में जारी लेख में भाजपा पर आरोप लगाए गए कि भाजपा एक देश एक चुनाव के माध्यम से दूसरे धर्मों के लोगों को चुनाव से दूर रखने की कोशिश कर रही है।
‘एक देश एक चुनाव’ के मुद्दे को लेकर केंद्र सरकर और विपक्षी दलों में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति तेज है। इसी बीच शिवसेना यूबीटी ने एक बार फिर इस प्रस्ताव पर केंद्र सरकार का घेराव किया है। यूबीटी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार एक साथ चुनाव कराने की आड़ में मतदाता सूची से अन्य धर्मों क लोगों को बाहर करने के प्रयास में है, ताकि अंत में कुछ खास वोटर्स को ही मतदान का अधिकार मिल सके। बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में ये भी कहा गया कि भाजपा की योजना है कि देश में केवल एक ही पार्टी सत्ता में हो और एक पार्टी, एक चुनाव उनका अंतिम लक्ष्य है।
शिवसेना यूबीटी के संपादकीय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि जहां ट्रंप अमेरिकी चुनावों में अश्वेत, लैटिनो और अप्रवासियों को मतदान से रोकने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं भारत में भाजपा द्वारा अन्य धर्मों के लोगों को मतदाता सूची से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही इस संपादकीय में ट्रंप द्वारा अमेरिकी चुनाव सुधारों के लिए किए गए हस्ताक्षरित आदेश का भी हवाला दिया गया, जिसमें नागरिकता के प्रमाण को मतदान पंजीकरण के लिए अनिवार्य किया गया है।