नई दिल्ली
शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिससे कई इमारतें, पुल और सड़कें ध्वस्त हो गईं। इस भयावह आपदा में म्यांमार में कम से कम 1002 लोगों की मौत हो गई और 2300 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। वहीं थाईलैंड में 10 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार(28 मार्च) को आए भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है। अकेले म्यांमार में भूकंप में 1002 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सैंकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं इस भूकंप में अभी तक 2300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। 30 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत-बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। उधर थाईलैंड में करीब 10 लोगों की भूंकप से मौत हुई है। अचानक आई इस आपदा के बाद म्यांमार ने आपातकाल लगा दिया गया है। इस भंयकर भूकंप का असर सिर्फ म्यांमार पर ही नहीं बल्कि आसपास के देशों में देखने को मिला है। भूकंप का भारत, चीन नेपाल समेत पांच देशों में देखने को मिला है। भूकंप से प्रभावित म्यांमार की मदद के लिए भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत राहत सामग्री भेजी है। वायुसेना का विमान सी-130 जे करीब 15 टन राहत सामग्री लेकर यांगून पहुंच गया है।
वहीं अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण(यूएसजीएस) का अनुमान है कि मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है। अस्पतालों में खून की भारी किल्लत की खबरें मिल रही हैं। म्यांमार में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन हर तरफ मलबे का ढेर, टूटी सड़कें, और ढही इमारतें नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि, अस्पतालों में घायलों की तादाद भी हजारों में है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस भूकंप से मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है। वहीं सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमार के अनुसार, पांच शहरों और कई कस्बों में इमारतें गिर गई हैं, और दो प्रमुख पुल भी ढह चुके हैं।
म्यांमार सरकार के अनुसार, सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में रक्तदान की अत्यधिक आवश्यकता है। अस्पतालों में खून की भारी कमी बताई जा रही है। आपदा में घायल लोगों से अस्पताल भरे पड़े हैं। म्यांमार ना इस आपदा में दवाओं और अन्य राहत सामाग्री की कमी से जूझ रहा है। सैन्य सरकार ने विदेशी सहायता स्वीकार करने की घोषणा की है, जबकि संयुक्त राष्ट्र ने प्रारंभिक राहत कार्यों के लिए 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि जारी की है। वहीं चीन और रूस ने म्यांमार में बचाव दल भेजे हैं, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी अमेरिकी मदद की बात कही है।
पुल और मठ गिरे, बांध टूटा
एक ऑनलाइन वीडियो में देखा गया कि मंडाले की एक सड़क पर भिक्षु अपने मठ मा सोए याने की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तभी वह पूरी तरह धराशायी हो गया। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस दुर्घटना में कोई घायल हुआ या नहीं। क्रिश्चियन एड नामक संगठन ने बताया कि भूकंप से एक बांध भी टूट गया, जिससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है।