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पूरा हुआ गर्मी का इम्तिहान, अब 11 साल सर्दियों में रमजान रहेंगे, 2007 से 2025 तक गर्मियों के बीच रोजे रखे गए थे 2026 से 2036 तक रोजेदारों को सूरज की तपिश से निजात मिलेगी

गर्मी का इम्तिहान पूरा हो गया है। अब 11 साल सर्दियों में रमजान रहेंगे। 2007 से 2025 तक गर्मियों के बीच रोजे रखे गए थे। 2026 से 2036 तक रोजेदारों को सूरज की तपिश से निजात मिलेगी।

जल्द ही माह-ए-रमजान मुकम्मल होने के साथ-साथ गर्मी में रोजेदारों के सब्र का इम्तिहान भी पूरा हो जाएगा। 2007 से 2025 के बीच 19 साल रोजेदारों ने सूरज की तपिश, उमस भरी गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच खुदा की इबादत की। अब आने वाले 11 साल तक रमजान का महीना सर्दियों के बीच ही गुजरेगा।

2026 से 2036 तक रमजान की आमद ठंडे मौसम में होगी। वर्ष 2007 से 2025 तक 19 बार रमजान का महीना आया। इस्लामिक कैलेंडर का यह पाक महीना पिछले 19 वर्षों में मार्च से सितंबर के बीच गुजरा।

इस बीच कभी रोजेदारों का सामना अप्रैल-मई की झुलसा देने वाली तपिश से हुआ तो कभी जून, जुलाई, अगस्त में पसीने से तरबतर करने देने वाली उमस भरी गर्मी से। मार्च और सितंबर ने भी रोजेदारों का इम्तिहान लिया। इस दौरान मार्च, अप्रैल, मई, जुलाई, अगस्त में तीन-तीन रमजान गुजरे।

दो-दो बार जून और सितंबर में रमजान की शुरुआत हुई। अब रमजान का महीना खिसक कर सर्दियों में पहुंचने वाला है। आने वाले 11 साल रोजेदारों के लिए राहत भरे होंगे। मुकद्दस रमजान की आमद ठंडे मौसम होगी।

इसकी शुरुआत 2026 से होगी। यह सिलसिला 2036 तक चलेगा। इस दाैरान माह-ए-रमजान कंपा देने वाले दिसंबर, जनवरी, फरवरी की सर्दियों में आएगा। इसके अलावा अक्तूबर और नवंबर की गुलाबी सर्दी भी रोजेदारों को राहत देगी।
हर साल 10 से 12 दिन पीछे खिसकता है रमजान
मदरसा अरबिया इमदादिया मोहतमिम और शेखुल हदीस माैलाना मोहम्मद असजद कासमी के मुताबिक रमजान इस्लामिक कैलेंडर का नाैवां महीना है। इसकी रमजान की तारीखें इस्लामी कैलेंडर से तय होती हैं। जो एक हिजरी चंद्र कैलेंडर है। जिसमें 12 चंद्र महीने होते हैं। हर महीना अर्द्धचंद्र के दिखने के साथ शुरू होता है। चंद्र महीना 29 या 30 दिन का होता है, जिससे चंद्र वर्ष करीब 354 दिन का हो जाता है। ऐसे में साैर गणना आधारित ग्रेगोरियन वर्ष 10 से 12 दिन छोटा हो जाता है। इस अंतर के कारण रमजान हर साल ग्रेगोरियन कैलेंडर में पहले शुरू होता है और हर 33 साल में एक समय माैसमी चक्र को पूरा करता है।

2030 में दो बार मुबारक महीना दो बार
मुसलमानों के लिए वर्ष 2030 खास रहेगा। इस साल उन्हें माह-ए-रमजान का तोहफा दो बार मिलेगा। मुबारक महीना दो बार पड़ेगा। एक साल की शुरुआत में दूसरा साल के अंत में। वर्ष 2030 में जनवरी और दिसंबर में रमजान का आगाज होगा।

2033 में दो बार होगी ईद
वर्ष 2030 में रहमत और बरकत का महीना रमजान दो बार पड़ेगा। वहीं तीन साल बाद वर्ष 2033 में मुसलमानों को दो बार ईद मनाने का मौका मिलेगा। एक ईद जनवरी में होगी तो दूसरी दिसंबर में मनाई जाएगी।

वर्ष किस तारीख से किस तारीख तक
2026 18 फरवरी से 19 मार्च तक
2027 आठ फरवरी से नाै मार्च तक
2028 28 जनवरी से 26 फरवरी तक
2029 16 जनवरी से 14 फरवरी तक
2030 छह जनवरी से चार फरवरी तक
2030 26 दिसंबर से 24 जनवरी 2031 तक
2031 15 दिसंबर से 13 जनवरी 2032 तक
2032 चार दिसंबर से दो जनवरी 2033 तक
2033 23 नवंबर से 22 दिसंबर तक
2034 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक
2035 दो नवंबर से एक दिसंबर तक
2036 21 अक्तूबर से 19 नवंबर तक