Breaking News

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों पर ’1 खरीदें 1 मुफ़्त पाएं’ ऑफर को लेकर भाजपा की आलोचना की

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों पर ‘1 खरीदें 1 मुफ़्त पाएं’ ऑफर को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार वाले उत्तर प्रदेश के अलग-अलग शहरों में…सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहे हैं, शराब की दुकानों के सामने लंबी भीड़ है, भगदड़ जैसे हालात हैं क्योंकि योगी सरकार एक शराब की बोतल खरीदने पर एक बोतल मुफ्त दे रही है।

आतिशी ने आगे कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि क्या भाजपा उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के लोगों को शराबी बनाना चाहती है? क्या भाजपा सड़कों पर उतरेगी और इसका विरोध करेगी? आम आदमी पार्टी के नेता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर वायरल वीडियो को लेकर भी सवाल उठाया, जिसमें इस ऑफर के कारण शराब की दुकानों पर भारी भीड़ दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश के अलग-अलग राज्यों में, चाहे वो नोएडा हो या मेरठ या मुजफ्फरनगर, सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं जिनमें शराब की दुकानों पर भारी भीड़ दिख रही है, अफरा-तफरी मची हुई है, भगदड़ मची हुई है। क्यों?

 

उन्होंने दावा किया कि 1 खरीदें 1 मुफ़्त पाएं के तहत योगी जी की सरकार एक बोतल की खरीद पर एक बोतल शराब मुफ़्त दे रही है। हमने सोशल मीडिया पर वीडियो देखे कि लोग दुकानों में घुसने के लिए एक-दूसरे पर गिर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या योगी आदित्यनाथ सरकार ने केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी से नीति लागू की है। उन्होंने कहा, “मैं भाजपा से पूछना चाहती हूं कि क्या वह उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लोगों को शराबी बनाना चाहती है। मैं भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से पूछना चाहती हूं कि क्या योगी जी आपकी मंजूरी से ‘एक खरीदो एक मुफ्त पाओ’ लागू कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि बीजेपी कहती है कि शराब की एक बोतल के साथ एक फ्री देना बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है, तो फिर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के दफ्तर पर कब रेड करेगी? कुछ साल पहले, दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल की सरकार ने राज्य में अब बंद हो चुकी शराब नीति के तहत इसी तरह की पेशकश की थी। उस समय विपक्ष में बैठी भाजपा ने इस नीति का विरोध किया था और पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजधानी की सड़कों पर प्रदर्शन किया था। आतिशी, जो अब दिल्ली में विपक्ष की नेता हैं, ने सवाल उठाया कि क्या शहर की सत्ताधारी पार्टी उत्तर प्रदेश की स्थिति का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरेगी।