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मिल्कीपुर उपचुनाव में पासी कार्ड से भाजपा उत्साहित जरूर है, लेकिन अवधेश प्रसाद के खिलाफ अन्य दलों का यह कोई पहला प्रयोग नहीं, आठ बार तोड़ा है चक्रव्यूह

अयोध्या  मिल्कीपुर उपचुनाव में भाजपा ने अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद के सामने पासी जाति के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया है। यह अवधेश के खिलाफ कोई पहला प्रयोग नहीं है।

मिल्कीपुर उपचुनाव में पासी कार्ड से भाजपा उत्साहित जरूर है, लेकिन अवधेश प्रसाद के खिलाफ अन्य दलों का यह कोई पहला प्रयोग नहीं है। वर्ष 1985 से सोहावल व मिल्कीपुर में हुए विधानसभा चुनावों में आठ बार भाजपा व अन्य विपक्षी दलों ने अवधेश प्रसाद के खिलाफ पासी फैक्टर ही अपनाया लेकिन सफलता नहीं मिली।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद 1974 से अब तक 13 विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें उन्हें नौ बार सफलता मिली है। सात बार वह जिले की सोहावल विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं, जबकि तीन चुनाव वह मिल्कीपुर सीट से लड़े हैं, जिसमें दो बार उन्हें जीत मिली है। पिछले इन सभी चुनावों पर नजर डालें तो लगभग हर बार प्रमुख दलों ने उनके सामने पासी समाज के ही उम्मीदवार को उतारा है। इसमें आठ बार उन्होंने प्रमुख दलों की चाल नाकामयाब की है।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद 1974 से अब तक 13 विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें उन्हें नौ बार सफलता मिली है। सात बार वह जिले की सोहावल विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं, जबकि तीन चुनाव वह मिल्कीपुर सीट से लड़े हैं, जिसमें दो बार उन्हें जीत मिली है। पिछले इन सभी चुनावों पर नजर डालें तो लगभग हर बार प्रमुख दलों ने उनके सामने पासी समाज के ही उम्मीदवार को उतारा है। इसमें आठ बार उन्होंने प्रमुख दलों की चाल नाकामयाब की है।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की है कि मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव में थाना इनायतनगर के थानाध्यक्ष देवेंद्र पाण्डेय, थाना कुमारगंज के थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह, थाना खण्डासा के थानाध्यक्ष संदीप सिंह को तत्काल प्रभाव से अयोध्या से बाहर स्थानांतरित किया जाए व सपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रधानों पर दर्ज एफआईआर निरस्त की जाए। श्यामलाल पाल ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के तीनों थानाध्यक्ष चुनाव की घोषणा होने बाद से अब तक सपा के एक दर्जन से अधिक निर्दोष पदाधिकारियों, सेक्टर प्रभारियों, कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रधानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर भय का माहौल बना रहे हैं।