हमारी चुनाव प्रणाली में एक गंभीर समस्या है, पारदर्शी होना चुनाव आयोग का कर्तव्य है: राहुल गांधी
January 15, 2025390 Views
नई दिल्ली
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने बुधवार को पार्टी के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ का उद्घाटन किया। पिछले करीब पांच दशक से पार्टी का मुख्यालय ‘24 अकबर रोड’ था। अब मुख्य विपक्षी दल का नया मुख्यालय ‘9ए कोटला मार्ग’ पर बनाया गया है। सोनिया गांधी ने फीता काटकर नए भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी मौजूद थे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र और हरियाणा समेत हालिया विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए बुधवार को चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए और दावा किया कि देश की चुनाव प्रणाली में गंभीर समस्या है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी के नए मुख्यालय के उद्घाटन के बाद यह दावा भी किया कि आयोग महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदान करने वालों के नाम और पते के साथ मतदाता सूची उपलब्ध कराने से इनकार कर रहा है, जबकि पारदर्शी होना उसका कर्तव्य है।
राहुल गांधी ने कहा, ‘यह मत सोचिए कि हम निष्पक्ष स्थिति वाली लड़ाई लड़ रहे हैं। यदि आप मानते हैं कि हम सिर्फ भाजपा नाम के राजनीतिक संगठन और आरएसएस के खिलाफ लड़ रहे हैं, तो ऐसा नहीं है। उन्होंने हमारे देश की लगभग हर संस्था पर कब्जा कर लिया है।’ उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के लोग सिर्फ भाजपा और आरएसएस से नहीं, बल्कि व्यवस्था से भी लड़ रहे हैं।
‘महाराष्ट्र चुनाव में कुछ गलत हुआ’
उन्होंने दावा किया कि मैंने साफ तौर पर कहा है कि महाराष्ट्र चुनाव में कुछ गलत हुआ है। हम चुनाव आयोग के काम करने के तरीके से खुश नहीं हैं। महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच अचानक करीब एक करोड़ नए मतदाताओं का सामने आना समस्या की बात है। राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में मतदान करने वालों के नाम और पते के साथ मतदाता सूची उपलब्ध कराना चुनाव आयोग का कर्तव्य है, लेकिन उसने यह जानकारी देने से इनकार कर दिया है।
‘यह बताना उनकी जिम्मेदारी है कि ऐसा क्यों हुआ’
उन्होंने सवाल किया कि चुनाव आयोग मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने से क्यों इनकार करेगा? हमें सूची न देकर किस उद्देश्य की पूर्ति होती है और वे इसे क्यों रोके हुए हैं? पारदर्शिता सुनिश्चित करना निर्वाचन आयोग का कर्तव्य है और यह बताना उनकी जिम्मेदारी है कि ऐसा क्यों हुआ है।