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आरपीएफ ने चेन पुलिंग गिरोह का किया पर्दाफास

rpf arrestमुंबई। बुजुर्गों ने कहा है कि ट्रेन छूटने से कुछ देर पहले ही यात्रियों को निर्धारित प्लैटफॉर्म पर पहुंच जाना चाहिए। अगर आप बुजुर्गों की बातों को मानकर यात्रा शुरू करते हैं तो आपकी यात्रा मंगलमय होगी, अन्यथा आप भी ‘चेन पुलिंग ठग गिरोह’ का शिकार बन सकते हैं। बोरीवली रेलवे पुलिस ने ऐसे ही एक ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मुंबई से बाहर जाने वाली एक्सप्रेस या मेल ट्रेनों के यात्रियों को ठगते थे।

कैसे देते थे वारदात को अंजाम
बोरिवली रेलवे पुलिस के प्रभारी सीनियर इंस्पेकटर राजीव सिंह सालरिया के अनुसार, चेन पुलिंग ठग गिरोह के बदमाश 5 से 6 की संख्या में होते हैं, जो भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर मेल/एक्सप्रेस ट्रेन आने और छूटने से पहले घात लगाकर बैठे रहते हैं। इनके निशाने पर वे यात्री होते हैं, जो किसी वजह से ट्रेन में नहीं बैठ पाते हैं या वे यात्री जिनके परिजन ट्रेन में चढ़ जाते हैं और वे किसी वजह से नहीं चढ़ पाते। ऐसे यात्रियों के पास गिरोह के लोग जाकर उनसे उसी ट्रेन में बिठाने की बात कहते हैं, जो ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी होती है। हालांकि, उसी ट्रेन में गिरोह का एक सदस्य पहले से ही चढ़ा रहता है।

कैसे बिठाए जाते हैं यात्री
सालरिया ने बताया कि गिरोह के लोग ट्रेन में न चढ़ पाने वाले यात्रियों से स्टेशन पर मोल-तोल करते हैं। एक यात्री को उक्त ट्रेनों में बिठाने के लिए 2 से 3 हजार रुपये वसूले जाते हैं। कभी-कभी सौदे की राशि 5 से 6 हजार तय होती है। सौदा तय हो जाने के बाद ट्रेन में मौजूद गिरोह का सदस्य ट्रेन अगले किसी स्टेशन पर चेन पुलिंग (आपातकालीन चेन को खींचना) कर देता है। गिरोह का सदस्य यह चेन पुलिंग गिरोह के दूसरे सदस्यों से संपर्क करने के बाद खींचता है। इस बीच, गिरोह के सदस्य छूटे हुए यात्री को अपनी गाड़ी (बाइक या कार) से अत्यधिक स्पीड में बिना ट्रैफिक नियमों की परवाह किए हुए चेन पुलिंग वाले स्टेशन तक पहुंचा देते हैं।

कैसे हुआ खुलासा?
सालरिया ने बताया कि पुलिस पिछले कुछ दिनों से बोरिवली स्टेशन पर चेन पुलिंग की वजह से रुकने वाली मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस को शक था कि बोरिवली में ही कुछ ट्रेनों की चेन पुलिंग क्यों होती है। इसकी जांच करने के लिए पुलिस की एक टीम बनाई गई, जो खासतौर से इसी काम को देख रही थी, जिसका खुलासा 30 अप्रैल को तब हुआ, जब बांद्रा से अमृतसर जाने वाली गरीब रथ ट्रेन की चेन पुलिंग की गई।

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क्या हुआ था 30 अप्रैल को?
सीनियर पीआई सालरिया के अनुसार, 30 अप्रैल को बोरीवली स्टेशन पर करीब 1:28 बजे गाड़ी संख्या 12216 प्लेटफॉर्म नंबर 4 से रवाना हुई ही थी कि अचानक ट्रेन रुक गई। चेन पुलिंग अलार्म बजते ही मौके पर पहुंचे RPF के ASI नारायणराम मय और QRT स्टाफ ने एक व्यक्ति को अनधिकृत रूप से कोच नं G-11(07944) में चेन पुल करते पकड़ लिया, जिसका नाम समी अहमद अब्दुल लतीफ शेख (24) है, जो बांद्रा के दलाल हाउस में रहता है।

समी ने बताया कि वह अपने चाचा अनीश इकबाल को बांद्रा स्टेशन छोड़ने आया था। जब तक वो स्टेशन पहुंचा, गरीबरथ वहां से रवाना हो चुकी थी। फिर वह एक टैक्सी करके बोरीवली स्टेशन आया, जहां गरीब रथ प्लेटफॉर्म-4 पर आ रही थी। यहां से भी ट्रेन निकल नहीं जाए, इसके चलते समी ने कोच नं G-11 में चढ़कर अवैध रूप से चेन पुल कर दी और रंगे हाथ पकड़ा गया। पुलिस ने समी के खिलाफ रेलवे ऐक्ट u/s141 RA के तहत मामला दर्ज किया। हालांकि, कोर्ट से उसे बाद में जमानत मिल गई है।

पूछताछ में समी ने उगला ‘चेन पुलिंग’ राज
पुलिस के मुताबिक, आरोपी समी शेख ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि ट्रेन छूटने के बाद तीन लोग आए, जिन्होंने उसे ट्रेन पकड़वाने की गारंटी देकर उससे सौदा तय किया और फिर शब्बीर सौदागर (33) की टैक्सी में बिठाकर उसे बोरीवली पहुंचा दिया गया। रास्ते में उन लोगों ने ट्रैफिक नियमों का भी उल्लंघन किया। शब्बीर के साथ सोहेल अहमद (25) और राजमणि मौर्या (46) शामिल था। शब्बीर बांद्रा, राजमणि खार, जबकि सोहेल सायन में रहता है। ये सभी लोग ‘चेन पुलिंग गिरोह’ के सदस्य हैं, जो यात्रियों के ट्रेन छूटने पर उसका फायदा उठाते हुए उनसे मुंहमांगा सौदा करते हैं।

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