Friday , February 26 2021
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पिता का शव घर पर छोड़ आंसू लेकर परीक्षा देने गई थी खुशी, रिजल्ट ने दिए ‘खुशी के आंसू’

गाजीपुर । विपरीत परिस्थितियों में भी किस तरह हौसला बनाए रखना चाहिए यह कोई सीखे वेद इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा खुशी से। वह पिता का शव घर पर छोड़कर परीक्षा देने पहुंची। रिजल्ट आने के बाद पता चला कि वह 75 फीसद अंक के साथ परीक्षा पास कर चुकी है। वार्ड चार निवासी खुशी श्रीवास्तव की 28 मार्च को गणित की परीक्षा थी। 27 मार्च को उसके पिता राजेश श्रीवास्तव का असामयिक निधन हो गया। खुशी रातभर पिता के शव के पास बैठकर रोती रही, लेकिन अगले दिन परीक्षा थी। वह परीक्षा देने भी नहीं जा रही थी, लेकिन घरवालों ने समझाकर उसे परीक्षा देने भेजा।

अब परीक्षाफल घोषित हुआ तो सभी की नजर खुशी के रिजल्ट पर थी। खुशी सभी की उम्मीदों पर खरी उतरी और 75 फीसद अंक प्राप्त कर परीक्षा पास की।परीक्षाफल देखने के बाद आंखों में आंसू आ गए। पिता की यादें एक बार फिर उसके जेहन में तैरने लगी। खुशी ने कहा कि काश आज उसके पिता जिंदा होते तो मेरा रिजल्ट देखकर खुश होते। परिवार व विद्यालय के लोगों ने उसे उसे समझाया और कहा कि इतना अच्छा परीक्षाफल लाकर तुमने अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।

इन स्कूलों का रिजल्ट रहा शत-प्रतिशत
गाजीपुर के सैदपुर क्षेत्र में स्थित सीबीएससी बोर्ड के मान्यता प्राप्त तीनों विद्यालय बासूपुर स्थित वेद इंटरनेशनल स्कूल, तुलसीपुर विक्रमपुर स्थित बीएसवाई शिक्षण संस्थान व बेलहरी स्थित उमा पब्लिक स्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। सभी बच्चे पास रहे। इससे बच्चों के साथ विद्यालय व परिवार में खुशी है।

कुछ मीठा हो जाए
गाजीपुर के बासूपुर स्थित विद्यालय पर परीक्षाफल घोषित होने के कुछ देर बाद ही बच्चे आ गए। सर्वोच्च 90.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले हर्ष मिश्र व 89.8 प्रतिशत अंक पाने वाली एश्वर्या चौबे समेत अन्य छात्र-छात्राएं को एमडी पंकज श्रीवास्तव व विद्यालय के शिक्षकों ने चॉकलेट खिलाकर मुंह मीठा कराया। इसी तरह बीएसवाई शिक्षण संस्थान में प्रबंधक हनुमान सिंह यादव व उमा पब्लिक स्कूल में निदेशक रामगोपाल सिंह ने सर्वोच्च अंक अर्जित करने वाले बच्चों को मिठाई खिलाया। बच्चे काफी खुश थे। वे एक-दूसरे से उनके अंक के बारे में चर्चा कर रहे थे।

बीएसवाई शिक्षण संस्थान के छात्र अभिनव सिंह ने 83.4, शुभम पाल ने 83, नीलाक्षी यादव ने 83, अर्चिता बरनवाल ने 82.4 व आकाश यादव ने 80.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया। प्रबंधक हनुमान सिंह यादव ने कहा कि बच्चों की मेहनत व विद्यालय परिवार द्वारा दी गई उपयोगी शिक्षा के बल पर बच्चों ने कामयाबी हासिल की है। उन्होंने कहा कि आगे चलकर यह बच्चे जनपद का नाम रोशन करेंगे।

पहली बार में शत-प्रतिशत रिजल्ट
गाजीपुर बेलहरी स्थित उमा पब्लिक स्कूल के बच्चों ने पहली बार में ही शत-प्रतिशत रिजल्ट हासिल किया है। विद्यालय में पंजीकृत 65 में सभी बच्चे पास हुए। विद्यालय के छात्रा वंदना सिंह ने 84 प्रतिशत, पूजा यादव ने 82.2 प्रतिशत व दीपजीत भौमिक ने 80.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। निदेशक रामगोपाल सिंह ने परीक्षा फल का श्रेय विद्यालय के शिक्षकों व बच्चों के मेहनत को दिया है। उन्होंने कहा कि पहली बार में शत-प्रतिशत परीक्षाफल आना काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा, आगे और अच्छा रिजल्ट आएगा।

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बासूपुर स्थित वेद इंटरनेशनल ने पिछली बार की तरह इस बार भी शत-प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त किया है। विद्यालय के छात्र हर्ष मिश्र ने सर्वाधिक 90.8 प्रतिशत, छात्र एश्वर्या चौबे ने 89.8 प्रतिशत, सौरभ यादव ने 87.6 प्रतिशत, आशीष कुमार यादव ने 85.6 प्रतिशत, ओंकार यादव ने 81 प्रतिशत व साक्षी पांडेय ने 80 फीसद अंक प्राप्त किए हैं। एमडी पंकज श्रीवास्तव ने कहा कि विद्यालय में समय-समय पर टेस्ट कराए जाते हैं। बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर प्रश्नपत्र तैयार कर बच्चों की परीक्षा ली जाती है, ताकि वह परीक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। विद्यालय के शिक्षकों व बच्चों ने कड़ी मेहनत की, जिसका नतीजा यह परीक्षाफल है।

कैंसर को मात दे अच्छे अंक पाकर बढ़ाया मान
इसी तरह कुछ अौर छात्र हैं जो विषम परिस्थितियों में अच्छे अंक लाकर यह साबित कर दिया सच्ची लगन हो तो कुछ भी किया जा सकता है। सीबीएसई दसवीं की परीक्षा में गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन के होनहारों ने कैंसर जैसी घातक बीमारी को मात देकर अच्छे अंकों से परीक्षा पास की है। छात्र आयुष सिंह सनवैली और एमिटी इंटरनेशनल स्कूल पढ़ने वाले सार्थक श्रीवास्तव ने अपने साथ ही परिवार का भी मान बढ़ाया। प्रधानाचार्य प्रीति गोयल ने छात्रों के हौसले को सलाम किया है।

वैशाली के सनवैली इंटरनेशनल स्कूल के आयुष सिंह ने सीबीएसई की 10वीं 91.8 फीसद अंक हासिल कर सभी का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। आयुष ने इस साल परिवार को दो बार खुशखबरी दी। आयुष स्पाइनल कैंसर की बीमारी पर भी विजय हासिल कर चुके हैं, आयुष अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और अपनी बीमारी को दूर कर अच्छे नंबरों से दसवीं की परीक्षा पास की है। वहीं वसुंधरा सेक्टर छह स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल पढ़ने वाले सार्थक श्रीवास्तव ने ब्लड कैंसर बीमारी से जूझते हुए 83.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। सार्थक के पिता गोपाल श्रीवास्तव और माता रजनी श्रीवास्तव बेहद खुश हैं।

सार्थक के पिता एक निजी कंपनी में काम करते हैं। रजनी ने बताया है कि 2016 में उन्हें सार्थक की इस बीमारी के बारे में पता चला सार्थक का इलाज राजीव गांधी कैंसर अस्पताल में चल रहा है, जिसके चलते उन्हें हर महीने डॉक्टर के पास जाना पड़ता था। ब्लड कैंसर होने की वजह से सार्थक की हड्डियां काफी कमजोर हो गई हैं जिसके चलते परीक्षा के समय उनके हाथ का फ्रैक्चर भी हो गया था। सार्थक आगे कॉमर्स लेना चाहते हैं और होटल मैनेजमेंट या बैं¨कग में रुचि रखते हैं।

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