Tuesday , March 2 2021
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दिल दहला देने वाला हादसा मस्जिद की मीनार का ढह जाना

लखीमपुर। मंगलवार को देर शाम आए भीषण आंधी-तूफान से गोला क्षेत्र के ग्राम भुड़वारा की जामा मस्जिद की मीनार एक मकान पर गिरने से घर में मौजूद दस लोग मलबे में दब गए। अचानक भराभरा कर ढही मस्जिद की मीनार की धमक की आवाज सुनकर आस पास के घरों के लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो उनके पावों के नीचे से जमीन ही निकल गई। मस्जिद के पास ही बना अजीजुल्ला का मकान पूरी तरह से जमींदोज हो चुका था। मलबे से चीखने चिल्लानें की आवाजें सुनकर लोगों का कलेजा मुंह को आ रहा था। क्या करें, किसे फोन करें गांव वाले कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे। इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। साथ ही किसी तरह प्रयास करते हुए दबे लोगों को निकालने का काम शुरू किया। लेकिन जब तक जेसीबी से मलबा हटाया गया।

प्राचीन मस्जिद का जीर्णाेद्वार

ग्राम भुड़वारा में सैकड़ों वर्ष पुरानी जामा मस्जिद का पिछले वर्ष से निर्माण कार्य कराकर जीर्णाद्वारा का काम कराया गया था। मस्जिद की कुल ऊंचाई करीब 120 फुट की है। जबकि मस्जिद की 35 फुट ऊपर छत से आरसीसी लिंटर के ऊपर से 85 फुट की मीनार बनाई गई थी। मस्जिद की ऊपरी मीनार का व्यास करीब सात फुट के करीब था। मस्जिद की मीनार आरसीसी मसाले व ईंटों से बनाई गई थी।

मीनार ने 25 फुट तक किया तहस नहस 

तेज आंधी तूफान की जद में आई मस्जिद की मीनार का ऊपरी हिस्सा हवा के थपेड़े के साथ गिरते हुए मस्जिद के गेट सहित पास के अजीजुल्ला के मकान के ऊपर इस कदर गिरा कि मीनार जमीन से करीब 25 फुट की दूरी तक को अपने जद में ले लिया। जिसमें अजीजुल्ला का मकान जो कि आधा कच्चा व आधा हिस्सा पक्का बना था। पूरी तरह से हिल गया। आगे के हिस्से में सीमेंट की चादर पर मिट्टी डालकर बनाया सहन सहित पीछे का पक्का कमरा भी धमक से टूट गया। तथा पीछे की दीवार टूटकर दूसरी ओर जा गिरी।

खुशनुमा की आंखे में दिख रहा खौफ का मंजर

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हादसे में बाल बाल बची मृतक अजीजुल्ला की पत्नी साजिदा व रिश्तेदार के बेटी खुशनुमा हादसे के बाद से बेसुध होकर अपने खुशहाल परिवार को एक सेंकेड में तबाह होते देख कर कुछ भी बताने में असहाय दिख रही थी। साजिदा के भरे पूरे परिवार में पति, 1 बेटा, 1 बेटी, तथा भाई के लडके की मौत का बोझ से पूरी तरह से गमजदा है। साजिदा ने पूरा हादसा अपनी आंखे से देखा, जिसे भुला पाना उसके वश में नहीं दिख रहा था। गांव, परिवार, रिश्तेदार बार बार उसे समझाने व ढांढस बंधाने की कोशिश करते रहे। लेकिन साजिदा किसी से बात करना तो दूर की बात वह खुद को ही संभालने में सक्षम नहीं थी। दोनों की आंखों में रात के खौफ का मंजर अभी तक उनके चेहरों से नजर आ रहा था।

सरकार से यह मिलेगा मुआवजा 

जिला प्रशासन ने चारों मृतकों के वारिसों को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता सहित मकान क्षतिग्रस्त होने के लिए अहेतुक सहायता 95 हजार 1 सौ रुपए। वहीं कपड़ा, बर्तन आदि के लिए 38 सौ रुपए की सहायता, साथ ही ब्लाक स्तर से तीस हजार रुपए की सहायता, प्रधानमंत्री सर्वहित योजना के तहत भी लाभ दिलाए जाने के लिए रिपोर्ट बनाई गई है। ग्राम भुड़वारा में हादसे की घटना की खबर पर सपा नेता वारिस अली, कांग्रेस नेता प्रहलाद पटेल, बसपा नेता राधेश्याम कश्यप, अजय गिरि, जवाहर वर्मा सहित आस-पास की पंचायतों के प्रधान अब्दुल कयूम, जलालपुर प्रधान नजमा, जैनुल, इखलाक ने पहुंचकर परिवारीजनों को सांत्वना व सहयोग का आश्वासन दिया। वहीं ग्राम भुड़वारा के प्रधान यासीन कुरैशी पूरे समय पीडि़त परिवारीजनों के साथ मौजूद रहे।

पांच वक्त के नमाजी अजीजुल्ला का परिवार तबाह

ग्राम भुड़वारा में मीनार गिरने से एक भरे पूरे गरीब व भूमिहीन परिवार पर संकट छा गया। पूरे दिन के रोजे के बाद अजीजुल्ला मगरीब की नमाज के बाद अपने घर पहुंचा। उसी समय आंधी तूफान आते ही वह जैसे ही अपने घर के टीनशेड नुमा आंगन में पहुंचा। उसी दौरान आंधी तूफान की जद में आई मस्जिद की मीनार ने हवा के रुख के साथ उसके घर को अपनी चपेट में लेकर चंद लम्हों में सबकुछ तबाह कर दिया। अजीजुल्ला अपने घर के सामने एक खोखे में चाय पकोड़ी बनाने के अलावा बाबर्ची आदि का काम करता था। स्वभाव से मिलनसार पांच वक्त की नमाज पढने वाले मस्जिद के समीप रहकर धर्म का काम करना उसके स्वभाव बन चुका था। मृतक अजीजुल्ला की छह बेटे तथा चार बेटियां थी। जिसमें एक बेटी व एक बेटे की मौत के बाद पांच बेटे बड़े लाला (20), छोटे लाला (26), अब्दुल कामत (23), मोहम्मद उमर (22), खुर्षेद (19) वर्ष जो कि दिल्ली व बांबे में किसी तरह काम कर जीवन यापन कर रहे है। जबकि चार बेटियों में एक की मौत के बाद तीन बेटियों की शादी हो चुकी थी। जिसमे तबस्सुम (26) पत्नी जमील अपनी लहरपुर ससुराल से इन दिनों माएके आई हुई थी। यहां हुए हादसे में एक बच्चे तालिब की मौत तथा तीन बच्चे जख्मी हो गए। वहीं दूसरी बेटी रहमुतनिशा पत्नी आरिफ अपने पति की मौत के बाद अपने पिता के सहारे पर अपने पुत्र आमिर, समीर, फलक के साथ जीवन काट रही थी। लेकिन इन दिनों वह दिल्ली में काम-काज के लिए परिवार सहित गई थी। जबकि तीसरी पुत्री नाजो पत्नी जनाब अपनी ससुराल पिहानी में रहती है।

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