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‘मौन’ के बाद ब्रसल्ज में जमकर बरसे PM मोदी

आतंकवाद को धर्म से नहीं जोड़ें, यह विश्व की पीड़ा हैः पीएम

PM-MODI3ब्रसल्ज। एक दिन के बेल्जियम दौरे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की राजधानी ब्रसल्ज में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। भाषण से पहले पीएम ने ब्रसल्ज हमले में मारे गए लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। मौन के बाद आतंकवाद से बात शुरू कर पीएम ने एक तीर से कई निशाने लगाए। विपक्ष से लेकर, पाकिस्तान और बैंकों का पैसा लेकर भागने वालों को भी मोदी ने खरी-खरी सुनाई।
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत 40 साल से आतंक से पीड़ित है। भारत जब चीख-चीखकर कहता था तो दुनिया हमें समझाती थी कि यह लॉ ऐंड ऑर्डर की समस्या है। 9/11 के बाद दुनिया को समझ आया कि भारत की पीड़ा क्या है। भारत कभी आतंकवाद के सामने झुका नहीं और झुकने का तो सवाल ही नहीं होता।’ पीएम ने कहा कि बम-पिस्तौल से आतंकवाद खत्म नहीं कर सकते। यूएन को भी नहीं पता कि आतंकवाद क्या होता है और कैसे इससे निपटें? इस वैश्विक संस्था को इस संबंध में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धियां
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने कहा कि 2015 में सबसे अधिक यूरिया का उत्पादन हुआ। पहली बार ऐसा हुआ कि किसानों को यूरिया के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ा। पीएम ने कहा, ‘पहले सभी राज्य के मुख्यमंत्री चिट्ठी लिखते थे कि यूरिया की कमी है। यूरिया के लिए किसानों पर लाठी चार्ज हो जाता था। लगातार दो साल कम बारिश हुई, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। 2015 में सबसे ज्यादा कारों का भी उत्पादन हुआ और रेलवे में भी सबसे अधिक निवेश हुआ।

विश्व के लिए भारत आशा की किरण
पीएम ने कहा, ‘विश्व आर्थिक मंदी से गुजर रहा है। विश्व बैंक हो, रेटिंग एजेंसी सभी एक स्वर में कह रहे हैं कि भारत ही आशा की किरण है। पीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि देश के महान प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने अपील की थी कि देश में अन्न की कमी है। देशवासी एक दिन उपवास करें। उनकी अपील पर लोगों ने उपवास किया। मैं शास्त्री जी से अपनी तुलना नहीं कर सकता, लेकिन संपन्न लोगों से अपील की थी कि गैस पर मिलने वाली सब्सिडी छोड़ें। 90 लाख लोगों ने मेरी अपील पर सब्सिडी छोड़ी।

विपक्ष पर साधा निशाना
पीएम मोदी ने बिना नाम लिए ही पूर्व की यूपीए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘साल 2015 में सबसे अधिक मात्रा में कोयले का उत्पादन हुआ।पहले खबर आती थी कि कोयले में कितने हाथ काले हुए। पता है न क्या खबर आती थी?’ वहीं पीएम ने वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठने की बात करते हुए कहा कि 2015 में दूध का सबसे अधिक उत्पादन हुआ। हम वोट बैंक की राजनीति नहीं करते। जानवरों का भी ख्याल रखते हैं। गत वर्ष बंदरगाहों पर माल आने, उतरने में सबसे कम समय लगा। पहले हिंदुस्तान में इसके लिए क्या करना पड़ता था, आपको तो मालूम ही है।

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पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘बैंक का पैसा लेकर भागने वाले तो हैं और बैंक में जमा करने वाले भी। लेकिन, गरीबों की अमीरी की चर्चा नहीं होती है। मेरे देश के गरीबों की अमीरी देखिए 34000 करोड़ रुपया गरीबों ने बैंक में जमा करवाए। जीरो बैलेंस पर खाता खुलने की सुविधा होने पर भी प्रधानमंत्री जन-धन योजना में गरीबों ने छोटी रकम के साथ खाते खुलवाए। हमने लगभग दो साल में 21 करोड़ नए बैंक अकाउंट खोले।

पड़ोसियों को दी नसीहत
पीएम ने कहा बांग्लादेश के साथ 40 साल से चल रहे भूमि विवाद को हमने सुलझा लिया। इसके लिए कोई गोली नहीं चलानी पड़ी। आपसी बातचीत से ही दोनो देशों के निवासियों की एक देश की सीमा से दूसरे देश में अदला-बदली की गई। हम पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते की अहमिहयत समझते हैं। कुछ पड़ोसी नहीं समझते, लेकिन वह भी धीरे-धीरे समझ जाएंगे।

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