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आजम खान और राम नाईक के बीच और बढ़ी तल्खी

ram-naik5लखनऊ। विधानसभा में संसदीय कार्य मंत्री आजम खान की कथित टिप्पणी पर राज्यपाल राम नाईक की तल्खी ने समाजवादी पार्टी और राजभवन में तकरार बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी ने गवर्नर पर पलटवार किया और कहा कि आजम खान की प्रतिभा और योग्यता पर सवाल उठाना अनुचित है। समाजवादी पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने साफ कहा कि सांप्रदायिकता के सहारे अपनी रोटियां सेंकने वाली ताकतें उनके चरित्र हनन में जुटी हैं।

विवाद की शुरुआत बीती आठ मार्च को तब हुई जब नगर विकास मंत्री मो. आजम खान ने कहा कि सदन में पारित किए जाने के बाद भी राज्यपाल नगर निगम संशोधन विधेयक को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। राज्यपाल ने जिस तरीके से साल भर से इस विधेयक को रोक रखा है, उससे ऐसा लगता है कि वे किसी दल विशेष के प्रभाव में काम कर रहे हैं। इसके बाद सदन में अपने बारे में आजम खान द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी को गंभीरता से लेते हुए नाईक ने विधानसभा अध्यक्ष से इस संबंध में असंपादित सीडी और रेकॉर्डिंग की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा था, जो उन्हें 15 मार्च को उपलब्ध कराई गई थीं।

सीडी देखने के बाद गवर्नर ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि मंत्री की भाषा विधानसभा की गरिमा, मर्यादा और परम्परा के अनुकूल नहीं है। सदन में संसदीय कार्य मंत्री का वक्तव्य संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उनकी योग्यता पर प्रश्न चिह्न के समान है। इस विषय पर मुख्यमंत्री जी से मुझे विचार करना पड़ेगा।

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मंत्री को निशाना बनाना घटिया मानसिकता
समाजवादी पार्टी ने गवर्नर के इस बयान के बाद शनिवार को कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार की बढ़ती लोकप्रियता से कुछ तत्व उसकी छवि को बिगाड़ने में लग गए हैं। पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि वे एक न एक मंत्री को निशाना बनाकर अपनी घटिया मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले कुछ लोगों ने मंत्री गायत्री प्रजापति को लेकर अनर्गल बयानबाजी की और अब आजम खान को आलोचना का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खान के संसदीय कौशल की प्रशंसा विधानसभा में विपक्ष के नेता भी करते हैं। उनकी प्रतिभा और योग्यता पर सवाल उठाना किसी भी तरह उचित नहीं है।

मेरी जिम्मेदारी है सरकार-विधानसभा के काम की निगरानी: गवर्नर
वहीं शनिवार को एक स्कूल के समारोह में पहुंचे गवर्नर राम नाईक ने कहा कि विधानसभा, विधानपरिषद और सरकार के काम की निगरानी करना मेरी जिम्मेदारी है। विधानसभा में आजम के कथित कॉमेंट वाली सीडी देख ली है। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय को मैंने ये बातें करने के लिए बुलाया है। उन्हें ही पूरा मामला बताऊंगा। मेयर वाला विधेयक भी संविधान के 74वें संशोधन के तहत रोका है। विधानसभा अध्यक्ष आकर मिलें तो उन्हें इसका कारण बताऊंगा। वैसे मंत्री की टिप्पणी गरिमा के अनुकूल नहीं थीं। वहीं समाजवादी पार्टी बयान पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अब मैं इस पर क्या कहूं?

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