Thursday , November 26 2020
Breaking News

Cabinet: 24 घंटे बिजली की राह होगी आसान, नई पावर टैरिफ पॉलिसी को मंजूरी

electrcityelectricनई दिल्ली। सरकार ने 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में बड़ी पहल की है। कैबिनेट ने बुधवार को नई पावर टैरिफ पॉलिसी को मंजूरी दे दी। पॉलिसी में संशोधन के माध्यम से सरकार की क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने, डिस्कॉम्स (सरकारी बिजली वितरण कंपनियों) के लिए बेहतर नियम और जल्द निवेश सुनिश्चित करने की योजना है। कैबिनेट ने सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए 5,050 करोड़ रुपए के खर्च को भी मंजूरी दी।
24 घंटे बिजली देने का लक्ष्य
सरकार देश में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने टैरिफ पॉलिसी में संशोधन किए गए हैं। संशोधनों का लक्ष्य 4ई (सब को बिजली, किफायती दरों के लिए इफीशिएंसी, टिकाऊ भविष्य के लिए इनवॉयर्नमेंट, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के साथ उदय (उज्ज्वल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना) के उद्देश्यों को हासिल करना है।
नई पावर टैरिफ पॉलिसी की मुख्य बातें
  • सभी कंज्यूमर्स को 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी और राज्य सरकारों व नियामकों को इसे हासिल करने के लिए पावर सप्लाई की योजना बनानी होगी
  • दूरदराज के गांवों को बिजली मुहैया कराई जाएगी, जो बिजली खरीद के प्रावधान के साथ माइक्रो ग्रिडों के माध्यम से किया जाएगा
  • कोयला खदानों के आसपास रहने वालों को किफायती बिजली मुहैया कराई जाएगी
  • बिजली संयंत्रों के विस्तार के माध्यम से कंज्यूमर्स के लिए बिजली की लागत कम की जाएगी
  • बची बिजली से कुल बिजली की कॉस्ट में कमी को मंजूरी दी जाएगी
  • कम कॉस्ट पर तेज कार्यान्वयन के लिए कंपटीटिव बिडिंग की प्रक्रिया के माध्यम से ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट विकसित किए जाएंगे
क्लीन एनर्जी, स्वच्छ भारत प्रोग्राम को मिलेगा प्रोत्साहन
कैबिनेट बैठक के बाद एक सूत्र ने कहा, ‘केंद्रीय कैबिनेट ने एक नई पावर टैरिफ पॉलिसी को मंजूरी दे दी है, जिससे क्लीन एनर्जी, स्वच्छ भारत प्रोग्राम को बढ़ावा देने और डिस्कॉम्स के लिए बेहतर नियम सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।’
निवेश को रफ्तार देने का लक्ष्य
नई पॉलिसी में तेज निवेश को प्रोत्साहन देने के अलावा पर्यावरण के प्रति चिंता और रिन्युएबल एनर्जी को प्रोत्साहन की बात भी जाहिर होती है। इससे रेग्युलेटरी मैकेनिज्म को भी मजबूती मिलेगी, जिससे डिस्कॉम्स ज्यादा कुशल और अपने उपभोक्ताओं के प्रति ज्यादा सजग हों।
सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए 5,050 करोड़ रु की फंडिंग को मंजूरी
सरकार ने जवाहरलाल नेहरु नेशनल सोलर मिशन के अंतर्गत 5,000 मेगावॉट ज्यादा क्षमता के ग्रिड लिंक्ड सोलर पावर प्रोजेक्ट्स की स्थापना के लिए 5,050 करोड़ रुपए की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट मीटिंग के बाद पावर मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि इससे सोलर पावर को बढ़ावा मिलेगा।
1.75 लाख मेगावाट रिन्युएबल एनर्जी जोड़ने की योजना
वर्ष 2006 में केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत नेशनल टैरिफ पॉलिसी को मंजूरी दी थी। पावर मिनिस्टर पीयूष गोयल ने हाल में यह संकेत दिया था कि पॉलिसी में क्लीन एनर्जी पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा था, ‘अब हमारे सामने 1.75 लाख मेगावाट रिन्युएबल एनर्जी जोड़ने की चुनौती है, इसे देखते हुए हम टैरिफ पॉलिसी में कुछ बिंदु जोड़ रहे हैं जिससे रिन्युएबल एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा।’
सिटी कंपोस्ट सेल पर सरकार देगी प्रति टन 1,500 रुपए की सहायता
कैबिनेट ने नगरों से निकलने वाले ठोस कचरे से बनी कंपोस्ट खाद की बिक्री पर 1,500 रुपए प्रति टन की सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसे किसान जैविक खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैबिनेट की अन्य मुख्य बातें
-कैबिनेट ने डब्ल्यूटीओ मीटिंग में फूड स्टॉकहोल्डिंग पर भारत के रुख पर मुहर लगाई
-फूड सिक्युरिटी पर भारत के रुख पर लगाई मुहर
-कैबिनेट ने 4,920 करोड़ रुपए से बिहार, झारखंड में एनएच-2 को 6 लेन का बनाने को दी मंजूरी
Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *