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418 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों के 1.84 लाख करोड़ डूबे

Market_downनई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट में आई बिकवाली से घरेलू स्टॉक मार्केट पर फीयर फैक्टर हावी हो गया है। इस गिरावट में सेंसेक्स और निफ्टी 20 महीने के निचले पर आ गए है। बुधवार के कारोबारी सत्र में बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 418 अंक गिरकर 24,062 पर और एनएसई का बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 126 अंक लुढ़ककर 7,309 के स्तर पर बंद हुआ है। एनएसई पर सभी सेक्टर इंडेक्स 0.50 फीसदी से 4.5 फीसदी तक लुढ़क गए है।
निवेशकों के 1.84 लाख करोड़ डूबे
स्टॉक मार्केट में हुई भारी बिकवाली के बीच निवेशकों के 1.84 करोड़ रुपए साफ हो गए। सेंसेक्स 418 अंक टूटकर 20,062 पर बंद हुआ। यह 16 मई 2014 के बाद का सबसे निचला स्तर है। इसी दौरान बीजेपी की नई सरकार ने सत्ता संभाली थी। बीएसई के 30 शेयरों में से 27 लाल निशान में बंद हुए। बीएसई पर 194 शेयरों ने अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर को छुआ।
सभी सेक्टर इंडेक्स में भारी गिरावट
बुधवार के सत्र में एनएसई के सभी सेक्टर इंडेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुए है। बैंक, ऑटो, कमोडिटी, पीएसयू बैंक और मेटल इंडेक्स 4.5 फीसदी तक गिरकर बंद हुए है। बैंक निफ्टी 2.19 फीसदी गिरकर 14,935.50 और पीएसयू बैंक इंडेक्स 4.61 फीसदी गिरकर 2,193.00 पर क्लोज हुआ है।
20 महीने के निचले स्तर पर पहुंच मार्केट
बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 15 मई 2014 के बाद 24,062 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 52 हफ्ते के नए निचले स्तर पर आ गए है।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी रही भारी बिकवाली
मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी भारी बिकवाली रही है, लेकिन सत्र के आखिरी आधे घंटे में निचले स्तरों से आई रिकवरी से कुछ सहारा मिला था। निफ्टी का मिडकैप 100 इंडेक्स 1.8 फीसदी गिरकर 12030 के करीब बंद हुआ है। आज के कारोबार में निफ्टी का मिडकैप 100 इंडेक्स 11860 के नीचे फिसल गया था। वहीं बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 2 फीसदी की गिरावट के साथ 10311 के स्तर पर बंद हुआ है। दिन के कारोबार में बीएसई का स्मॉलकैप इंडेक्स 10200 के नीचे फिसल गया था।
क्यों रही मार्केट में गिरावट
आईएमएफ ने 2016 के लिए ग्लोबल ग्रोथ अनुमान को 3.6 फीसदी से घटाकर 3.4 फीसदी कर दिया है। इसका असर क्रूड के साथ-साथ इक्विटी मार्केट की चाल पर भी है।
क्रूड में फिर से बिकवाली तेज हो गई है। नायमैक्स पर क्रूड 28 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। इससे एनर्जी स्टॉक्स में तेज गिरावट आ गई है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एक्यूएफ एडवाइजर्स के नितिन रहेजा का कहना है कि अभी तक बाजार में जो करेक्शन आया है उससे शेयरों का वैल्युएशन आकर्षक हो गया है। लेकिन बाजार में गिरावट का दौर अभी और कुछ समय तक चल सकता है। इस बाजार में ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। हालांकि नितिन रहेजा का मानना है कि गिरावट के इस दौर में चुनिंदा शेयरों में निवेश करने का मौका है। इस बाजार में कुल निवेश का 25-30 फीसदी तक निवेश किया जा सकता है। इस बाजार में मिडकैप शेयरों की बजाय लार्जकैप शेयरों पर ज्यादा फोकस बनाएं।
एचडीएफसी सिक्युरिटी के हेड वी के शर्मा के मुताबिक भारत का फंडामेंटल काफी अच्छा है और यहां बहुत बुरा समय नहीं आएगा। इस समय म्युचुअल फंड में एसआईपी शुरू करने का सही मौका है। वहीं शेयर बाजार में लार्जकैप में इस समय लगभग मिडकैप के पास वैल्यूएशन आ चुके हैं तो इनमें अभी खरीदारी करने का सुनहरा मौका है। मिडकैप में भी पैसे बनेंगे लेकिन लार्जकैप अगर सस्ते मिल रहे हैं तो इन्हीं में पैसा लगाना चाहिए। 2 साल के नजरिए से दिग्गज शेयरों में काफी पैसा बनेगा। हालांकि कमोडिटी आधारित लार्जकैप में निवेश करने की अभी राय नहीं है।
बोनांजा पोर्टफोलियो के एवीपी पुनीत किनरा का कहना है कि मार्केट में अभी और गिरावट की संभावना नजर आ रही है। चीन की इकोनॉमी में सुस्ती और दुनियाभर की इकोनॉमी में मंदी के संकेत से बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में बाजार के 7200 तक टूटने की आशंका है। हालांकि, इस बीच कोई और बुरी खबर आ जाती है तो बाजार के 7200 के भी नीचे जाने के आसार बन सकते हैं।
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