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जान-बूझकर कर्ज न चुकाने वाले सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी: सरकार

mallya9नई दिल्ली। 17 बैंकों का लोन नहीं चुकाने वाले उद्योगपति विजय माल्या की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ कोर्ट हैदराबाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट जारी कर दिया तो रविवार को सरकार ने भी साफ शब्दों में कह दिया कि जान-बूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। साफ है कि यह बयान माल्या के लिए बहुत मायने रखता है।

वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा, ‘कुछ लोग ऐसे हैं जो जान-बूझकर कर्ज नहीं चुकाते। जो गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं। जहां तक ऐसे लोगों का सवाल है उनके खिलाफ कानून कड़ाई से लागू किया जाएगा। सभी जांच एजेंसियां इस दिशा में काम कर रही हैं जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।’ इसके साथ ही सिन्हा ने यह आश्वासन भी दिया कि ऐसे डिफॉल्टर जो वैश्विक सुस्ती से अपने कारोबार पर पड़े असर की वजह से कर्ज नहीं चुका पाए हैं उन्हें इनमें नहीं मिलाया जाएगा।

हालांकि, सिन्हा ने सीधे-सीधे माल्या का जिक्र नहीं किया जिनके बारे में कहा जा रहा है कि वह 2 मार्च को लंदन चले गए हैं। उसके कुछ दिन बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने उनके समूह की कंपनियों से 9,000 करोड़ रुपये की वसूली के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की याचिका की सुनवाई की थी। सिन्हा ने कहा कि डिफॉल्टरों के दूसरे सेट में वे लोग शामिल हैं जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती या पिछली सरकार की नीतिगत विफलता की वजह से वित्तीय संकट झेल रहे हैं।

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उन्होंने कहा, ‘ऐसे मामलों में हमारे पास एक उचित निपटान प्रक्रिया है। उचित नीतिगत हस्तक्षेप से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस तरह के एनपीए का सही तरीके से निपटान हो सके।’ उन्होंने कहा कि यदि कोई गैरकानूनी या आपराधिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है और ऐसा बिजनस/फाइनैंशल स्ट्रैटिजी या बाहरी कारणों से हुआ है। इस तरह के मसलों से निपटने के लिए बैंकरप्टसी कोड लाया जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसी दिक्कतें न हों।

भारत सरकार और आईएमएफ की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम ‘अडवांसिंग एशिया’ के समापन के मौके पर सिन्हा मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उनके साथ आईएमएफ की चीफ क्रिस्टिन लगार्ड भी मौजूद थी। सिन्हा ने कहा, ‘हमें पहचान करनी होगी और यह तय करना होगा कि किसी ने जान-बूझकर गलत किया है… लेकिन जो लोग बिजनस की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उन्हें ऐसी समस्याओं से दुबारा नहीं गुजरना होगा। इसलिए हमें सांगठनिक मुद्दों को सुलझाना होगा। यही वजह है कि बैंकरप्टसी कोड महत्वपूर्ण हो गया है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।’

गौरतलब है कि माल्या ने ब्रिटिश अखबार संडे गार्डियन को दिए ई-मेल इंटरव्यू में कहा कि वह भारत लौटने को तैयार हैं लेकिन उन्हें नहीं लगता कि अभी इसका सही वक्त है। माल्या ने कहा कि ब्रिटेन में भी मीडिया उनके पीछे पड़ी है। याद रहे माल्या सीबीआई और ईडी की जांच का सामना तो कर ही रहे हैं, उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी मामला चल रहा है।

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