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वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल: इतने कम समय में हर्जाना भरना संभव नहीं: आर्ट ऑफ लिविंग

5cr-fineनई दिल्ली। दिल्ली में यमुना के किनारे ‘आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ ने अपने ‘वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल’ के आयोजन के लिए पांच करोड़ रुपये जुर्माना चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। एनजीटी ने यह रकम चुकाने के लिए श्री श्री रविशंकर की संस्था को गुरुवार को एक दिन का समय दिया था। अब संस्था ने कहा है कि उसे कम से कम चार हफ्ते दिए जाएं।
आर्ट ऑफ लिविंग ने एनजीटी से कहा है कि वह एक कल्याणकारी संस्था है और इतने कम समय में पांच करोड़ रुपये की राशि की व्यवस्था कर पाना उसके लिए मुश्किल है। आर्ट ऑफ लिविंग ने एनजीटी में अर्जी दाखिल करके कहा है कि जुर्माने की पांच करोड़ रुपये की राशि जमा करने और एनजीटी के सभी निर्देशों के पालन के लिए उसे कम से कम चार सप्ताह के समय की जरूरत है।

एनजीटी ने सुनवाई के दौरान संस्था से यह भी पूछा कि क्या रविशंकर की ओर से ऐसा कहा गया है कि जुर्माना देने की बजाए वह जेल जाना पसंद करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनजीटी ने कहा कि श्री श्री रविशंकर जैसे शख्स से ऐसे बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है। उधर, आयोजकों ने एनजीटी से कहा है कि उनसे पांच करोड़ रुपये जुर्माने के तौर पर न लेकर बायॉडायवर्सिटी पार्क को विकसित करने के तौर पर लिए जाएं।

श्री श्री रवि शंकर के आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित कार्यक्रम को लेकर राज्यसभा में शुक्रवार को भी हंगामा हुआ। जेडीयू नेता शरद यादव ने सवाल किया कि रविशंकर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना क्यों नहीं भर रहे हैं। इसके बाद विपक्ष के सदस्यों ने काफी शोरशराबा किया और सरकार पर भी कई तरह के सवाल दागे।

एनजीटी ने ओजस्वी पार्टी से जुड़े मुकेश जैन नामक शख्स को कोर्ट से बाहर निकालने का आदेश दिया। मुकेश जैन एक और शख्स स्वामी ओमजी के साथ कोर्ट रूम में था। अदालत ने उस शख्स के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया, जिसके बाद पुलिस उसे बाहर ले गई।

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समर्थन में आए वेंकैया नायडू

केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा यमुना के डूब क्षेत्र पर आयोजित किए जा रहे वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल का समर्थन किया और इस आयोजन से जुड़े विवादों को खारिज करते हुए कहा कि इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। कई ट्वीट की एक सीरीज में नायडू ने कहा कि यह कार्यक्रम सांस्कृतिक विविधताओं का उत्सव है और यह ‘भारत को प्रसिद्धि दिलाएगा।’ उन्होंने सेना द्वारा पीपे के पुल बनाए जाने को लेकर की जा रही आलोचना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान ऐसे कई उदाहरण है, जब कुंभ जैसे भारी जनसम्मेलन वाले आयोजनों में सेना की मदद ली गई।

नायडू ने ट्वीट किया, ‘सेना द्वारा पीपे के पुल बनाए जाने को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा किया जा रहा है। कुंभ मेला, नासिक में संक्रांति जैसे कई उदाहरण हैं, जहां सेना ने ऐसा ही कार्य किया है।’ उन्होंने कहा कि इसमें एक ही कार्यक्रम में 36,000 कलाकार प्रस्तुति दे रहे हैं और यह अपने आप में एक रेकॉर्ड है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘यह विविधताओं का उत्सव मनाने वाला एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है। आईए उत्सव मनाएं और इस महोत्सव में शामिल हों।’

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