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‘हमें मानव ढाल बनाकर आगे करते थे नक्सली’

Maoistबोकारो। बाल दस्ते के दो नाबालिगों द्वारा किए गए खुलासे के बाद सीपीआई(एम) बाल दस्ते ने जिले की पुलिस और सीआरपीएफ से कहा कि वे जंगल में रहने वाले नक्सलियों से लड़ने के लिए अपनी योजना बदलें।
नाबालिगों ने एसपी वाई एस रमेश को बताया कि उनका कमांडर संतोष उन्हें मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया करता था और मुठभेड़ के समय बाल दस्ते को सामने रहने के लिए कहा करता था। एक नाबालिग ने कहा कि जब पुलिस ने गोली चलानी शुरू की तब मुझे सामने खड़ा रहने के लिए कहा गया था। इस बीच संतोष दा अपने अन्य साथियों के साथ फरार हो गए। इससे पहले की एक मुठभेड़ में झुमरा बाल दस्ते के सदस्यों को आगे कर दिया गया था।

मंगलवार की रात हुई एक मुठभेड़ में इन दो नाबालिगों को पकड़ा गया था। एसपी ने कहा कि माओवादियों द्वारा बाल दस्ते को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की सूचना के बाद पुलिसअपनी पिछली रणनीति पर दोबारा विचार करने के लिए विवश हो गई है। ये जानने के बाद कि उनके पास बाल दस्ता है, मुठभेड़ पर उन पर गोलियां दागना हमारे लिए आसान नहीं रह गया है। एसपी ने बताया कि मैंने पहले ही इस मामले में सीआरपीएफ के कमांडेट के साथ चर्चा कर ली है और सुरक्षा कर्मियों को भी आवश्यक निर्देश दे दिए हैं।

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