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तेजस्वी बोले- लालू व्यक्ति नहीं विचारधारा, नहीं करेंगे समझौता

रांची। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पिता लालू यादव को चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद कहा कि ये सब राजनीतिक षड्यंत्र है. तेजस्वी ने कहा कि उनके पिता लालू यादव के पीछे पूरी बीजेपी पड़ गई है. लालू यादव को पिछड़ों-दलितों की आवाज उठाने के चलते परेशान होना पड़ रहा. लालू एक व्यक्ति नहीं विचारधारा हैं.

हाईकोर्ट खुलने का इंतजार, करेंगे अपील

तेजस्वी ने कहा लालू यादव को दोषी करार देने का लोअर कोर्ट का फैसला था. हाईकोर्ट जब खुलेगा तो हम लोग इस फैसले को चुनौती देंगे. आज जो फैसला हुआ है उसमें पूरी तरह से बीजेपी और नीतीश कुमार लगे हुए थे. वे चाहते थे कि किसी भी तरह से लालू यादव को परेशान करो, जेल में डालो और बदनाम करो. ये फाइनल जजमेंट नहीं है. इस फैसले के खिलाफ हम हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं. डीए केस में लोअर कोर्ट ने हमारे पक्ष में जजमेंट दिया था. इसके खिलाफ सीबीआई हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट गई, लेकिन वहां इन्होंने मुंह की खाई. हम भी इस फैसले के खिलाफ आगे की अदालत में अपील करेंगे.

लालू यादव के पीछे पूरी पार्टी खड़ी है

लालू जी के खिलाफ कोई सबूत नहीं है. 20 साल से ये केस चल रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं है. हम सभी एकजुट हैं. जो शक्तियां देश को तोड़ना चाहती हैं, जो सामाजिक न्याय को नहीं मानना चाहती हैं, हम उसके खिलाफ हैं. लालू जी का सिर्फ यही दोष था कि वे पिछड़ी जाति से आए. उन्होंने सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी. इसीलिए न सिर्फ लालू यादव, बल्कि हमारे पूरे परिवार के पीछे पड़ गए हैं.

गुजरात रिजल्ट का इंतजार कर रही थी BJP

बीजेपी-आरएसएस को सबसे ज्यादा डर लालू प्रसाद यादव का है. तेजस्वी ने कहा कि गुजरात का परिणाम आने के बाद से आप इनकी गतिविधियां देखिए. इसी का इंतजार किया जा रहा था. गुजरात के रिजल्ट से पहले कोई गतिविधि नहीं थी. अब रिजल्ट आते ही ये लोग न सिर्फ हमारे परिवार के बल्कि विपक्ष के कई नेताओं के पीछे पड़ गए हैं.

जजमेंट के तकनीकी पहलुओं को देखेंगे

बिहार की जनता ने मन बना लिया है. अब ये लोग कहीं नहीं टिकने वाले हैं. लालू जी के साथ पूरी पार्टी, कार्यकर्ता मजबूती के साथ खड़े हैं. लालू जी एक व्यक्ति नहीं, विचारधारा का नाम है. लालू यादव धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय को साथ लेकर चलने वाले नेता हैं. हमें पूरा यकीन है कि लालू जी को बेल मिलेगी. सिर्फ कोर्ट बंद होने के चलते हमें परेशानी है. जजमेंट पढ़ने पर कुछ और तकनीकी पहलुओं पर हम ध्यान देंगे. हम लोगों का मनोबल टूटने वाला नहीं है.

समझौता कर लेता तो मैं मुख्यमंत्री होता

ये पूरी साजिश है. हमने विचारधारा से समझौता नहीं किया, अगर कर लिया होता तो हम आज बिहार के मुख्यमंत्री होते. नीतीश कुमार ने अपनी विचारधारा को बेच दिया. जगन्नाथ मिश्रा को बेल मिलने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि चारा घोटाले में लालू जी को दोषी करार दिया जाता है तो सृजन घोटाले में नीतिश कुमार कैसे बरी हो गए. अभी लोगों को ये तो पता ही नहीं है कि बिहार के खजाने में से कितने रुपये निकाले जा चुके हैं.

नीतिश जानते थे, लालू के रहते नहीं बन सकते CM

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ये घोटाले का केस 1977 का है, लेकिन 90 से पहले वाले सभी लोग बरी हो गए. जिसने इसकी जांच का आदेश दिया, उसी को दोषी करार दिया गया. नीतिश कुमार को बिहार का मुख्यमंत्री बनना था. वे यह बात बखूबी जानते थे कि लालू यादव के रहते ऐसा नहीं हो सकता. इसीलिए राजनीतिक षड्यंत्र रचा गया. उन्हें बदनाम किया गया. शिवानंद तिवारी ने भी कहा है कि नीतिश कुमार के कहने पर ही उन्होंने बयान दिया था.

14 तारीख के बाद लोगों के बीच जाएंगे

बिहार में 14 तारीख के बाद हम हर जगह जाकर लोगों को सच्चाई बताएंगे. ये लोग सच्चाई को छिपाना चाहते हैं. लोग कहते हैं कि पार्टी अब टूटेगी. लेकिन ये अभी से नहीं बल्कि 1977 से चल रहा है. पार्टी टूटी नहींस बल्कि पहले से और मजबूत हुई है. बिहार में सबसे बड़ी पार्टी हमारी है. बिहार के पहले विधानसभा चुनाव में भी आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.

जनता हमारी मालिक है, हर तकलीफ झेल जाएंगे

जनता हमारी मालिक है. जनता के दिल में लालू यादव बसते हैं. कोई भी तकलीफ आए हम झेल जाएंगे. लेकिन अंतिम पाएदान पर खड़े व्यक्ति को जब तक मुख्यधारा में नहीं लाएंगे, हमारी लड़ाई जारी रहेगी.

जेटली का बयान दोहराया, ये अंतिम निर्णय नहीं

तेजस्वी यादव ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान का हवाला देते हुए कहा कि 2जी पर जब फैसला आया तो उन्होंने कहा कि ये अंतिम निर्णय नहीं है. तो हम भी यही कह रहे हैं कि यह अंतिम निर्णय नहीं है. न्यायपालिका पर हमारा भरोसा है.

क्या 80 लाख के लिए सीएम घोटाला करेगा?

इतने सालों से जांच चल रही है, लेकिन आज तक हम लोगों के पास एक पैसा भी ज्यादा नहीं मिला. सीबीआई ने डीए में केस किया भी तो 45 लाख के लिए. क्या ये इतनी बड़ी रकम है कि उसके लिए घोटाला किया जाए. सीएम पद का दुरुपयोग करे तो लाखों करोड़ कमा सकता है. 80 लाख के लिए क्यों करेगा.

सत्ता के लिए खून भी करा सकते हैं

व्यापमं घोटाले और सृजन घोटाले का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने कहा कि सत्ता पाने के लिए ये लोग किसी का भी खून करा सकते हैं. जो महात्मा गांधी का खून कर सकते हैं, वो कुछ भी कर सकते हैं. इसीलिए लालू यादव की सुरक्षा घटाई गई. इस पूरे राजनीतिक षड्यंत्र का सिर्फ हम ही नहीं बल्कि पूरी बिहार की जनता जवाब देगी.

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