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राहुल गांधी का आदेश, खुलना नहीं चाहिए मणिशंकर अय्यर का मुंह

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के सस्‍पेंडेड नेता मणिशंकर अय्यर ने शायद मौन व्रत धारण कर लिया है। उन्‍होंने कुछ ना बोलने की कसम खा ली है। या फिर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने उन्‍हें मुंह ना खोलने की नसीहत दी है। ये सारे सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्‍योंकि मणिशंकर अय्यर कोलकाता तो पहुंचे लेकिन, मीडिया के एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया। न्‍यूज एजेंसी मणिशंकर अय्यर से सवाल करती रही और वो अखबार पढ़ते रहे। नहीं तो अमूमन नेताओं को जब किसी मसले पर बयान नहीं देना होता है तो वो नो कमेंट कह कर मीडिया को टाल देते हैं। लेकिन, उन्‍होंने नो कमेंट्स तो नहीं कहा लेकिन, एक्‍ट पूरा उसी की तरह किया। दरसअल, मणिशंकर अय्यर की गिनती उन नेताओं में होती है जो अकसर अपने ही बयानों से पार्टी की मुश्किलें बढाते हैं।

गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नीच बता दिया था। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना नहीं बल्कि पूरे गुजरात का अपमान बताया था। मणिशंकर अय्यर के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी कठघरे में आ गई थी। राहुल गांधी बैकफुट पर नजर आ रहे थे। गुजरात विधानसभा चुनाव में उनके इस बयान का पार्टी को नुकसान ना हो इसके लिए आनन फानन में ही पार्टी ने मणिशंकर अय्यर पर कार्रवाई करते हुए उन्‍हें सस्‍पेंड कर दिया था। लेकिन, माना जाता है कि मणिशंकर अय्यर के उस बयान का कांग्रेस पार्टी को बहुत नुकसान हुआ था। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी अब नहीं चाहते हैं कि उनकी पार्टी का नेता इस तर‍ह का कोई विवादित बयान दे।

जिससे पार्टी को नुकसान पहुंचे। सू्त्रों का कहना है कि मणिशंकर अय्यर को समझाया गया है कि वो कुछ दिनों तक अपना मुंह बंद ही रखें। किसी भी मसले बयान देने से बचे। ऐसे में उन पर हुई कार्रवाई वापस ली जा सकती है। अगर इस बीच उनका कोई और विवादित बयान आता है तो उनके सस्‍पेंसशन को रद्द नहीं किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसी के चलते जब कोलकाता पहुंचे मणिशंकर अय्यर ने न्‍यूज एजेंसी के संवाददाता से बात तक नहीं की। संवाददाता ने उनसे गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया मांगी थी। लेकिन, अय्यर ने इस पर कोई भी रिएक्शन नहीं दिया और टेबल पर बैठकर अखबार पढ़ने में ही व्‍यस्‍त रहे। इससे पहले कांग्रेस पार्टी के नेता भी इस बात को स्‍वीकार कर चुके हैं कि उनके बयान का खामियाजा पार्टी को गुजरात में चुकाना पड़ा है।

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कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता वीरप्पा मोइली ने भी मणिशंकर अय्यर के बयान से कांग्रेस को भारी नुकसान होने की बात की थी। गुजरात विधानसभा चुनाव में जैसे ही अय्यर का बयान सामने आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत की रैली में ही इसे लपक लिया था। अय्यर के बयान पर पलटवार करते हुए मोदी ने कहा था कि अय्यर ने मेरा नहीं बल्कि पूरे गुजरात का अपमान किया है। उन्‍होंने अय्यर के इस बयान को जातिवाद से भी जोड़ दिया था। हालांकि इसके बाद अय्यर को माफी तक मांगनी पड़ी थी। लेकिन, कांग्रेस को जितना नुकसान होना था। हो गया था। लेकिन, अब राहुल गांधी नहीं चाहते हें कि उनके नेता इस तरह के विवादित बयान देकर कोई नया बखेड़ा खड़ा करें। शायद यही वजह है कि मणिशंकर अय्यर खामोश हैं।

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