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शत्रुघ्न सिन्हा: भाजपा के शत्रु कांग्रेस के दोस्त

नई दिल्ली।  कहने को शत्रुघ्‍न सिन्‍हा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और सांसद हैं। लेकिन, अपनी ही पार्टी के खिलाफ नेता जी का बर्ताव ऐसा रहता है जेसे विपक्ष के किसी नेता का होता है। शायद यही वजह है कि अब सोशल मीडिया पर लोग ये भी कहने लगे हैं कि जिस पार्टी में शत्रुघ्न सिन्हा जैसे नेता हो और जिस गठबंधन में शिवसेना जैसी पार्टी शामिल हो उसे दुश्‍मनों की कोई जरुरत नहीं। ये लोग दुश्‍मनों की कमी को पूरा कर देंगे। दरअसल, बीजेपी के नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने गुजरात विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी को नसीहत देने की कोशिश की है। लेकिन, सार्वजनिक तौर पर दी जाने वाली नसीहतें अकसर कटाक्ष के तौर पर पेश आती हैं। ऐसा ही कुछ शत्रुघ्न सिन्हा की नसीहतों के साथ भी हो रहा है।

शत्रुघ्न सिन्हा गुजरात विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस की भाषा बोलते हुए नजर आ रहे हैं। जिस तरह से कांग्रेस पार्टी ने गुजरात और हिमाचल प्रदेश का चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी की फेस सेविंग की है उसी तरह से शत्रुघ्न सिन्हा भी कांग्रेस की मसाज करते हुए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी हिमाचल की बात ही नहीं कर रही है। वहीं गुजरात विधानसभा का चुनाव हारने के बाद भी राहुल गांधी इसे अपनी जीत बता रहे हैं। कांग्रेस के इसी सुर को शत्रुघ्न सिन्हा ने भी आगे बढ़ाया है। उनका कहना है कि गुजरात के नतीजे ये बताते हैं कि अब हमारे जागने का वक्त आ गया है। इसके साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा है कि कई लोग अपने घरों की छत पर खड़े होकर कांग्रेस मुक्‍त भारत की बात चिल्‍ला रहे हैं। लेकिन, हकीकत में भारतीय जनता पार्टी अभी इससे काफी दूर है।

शत्रुघ्न सिन्हा ये बात किस आधार पर कह रहे हैं वो ही बता सकते हैं। जबकि इस वक्‍त देश में हालात ये है कि 14 राज्‍यों में बीजेपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है। जबकि पांच राज्‍यों में गठबंधन की सरकार चल रही है। वहीं कांग्रेस सिर्फ चार राज्‍यों में ही सिमट कर रह गई है। उसमें से भी सिर्फ कर्नाटक और पंजाब ही दो बड़े राज्‍य हैं। बाकी पूर्वोत्‍तर के दो छोटे राज्‍य हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव पर बीजेपी नेताओं को बधाई देने की बजाए शत्रुघ्न सिन्हा ने कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी को बधाई दे रहे हैं। सिन्हा ने अपने ट्वीट में लिखा है कि “गुजरात इलेक्‍शन में हमारी पार्टी को करीबी जीत मिली है। हो सकता है कि बूथ और दूसरे मैनेजमेंट के चलते हम जीत गए हों। लेकिन, वाकई में ये हमारे लिए जागने का वक्त है।

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शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि ये वो वक्त है जब हमें इस बात का अहसास हो जाना चाहिए कि सच्चे और वास्तविक विकास का कोई विकल्प नहीं है। भाजपा जिंदाबाद। इसके साथ ही उन्‍होंने कुछ आंकड़े भी पेश किए हैं। उनका कहना है कि 16 सीटों पर 3000 से कम वोटों से कांग्रेस पार्टी हारी है। कांग्रेस मुक्त भारत बनाने से हम काफी दूर हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी इशारों ही इशारों में वार किया।

उनका कहना है कि हमारे वन मैन शो और टू मैन आर्मी के लिए अपने ही घर में परेशान करने वाले नतीजे आ सकते थे। ये वाकई बेहद करीबी मामला था, क्योंकि हमने सुना कि गुजरात की 16 सीटें ऐसी थीं, जहां वो 3000 से कम वोटों से हारी है। इसके साथ ही वो राहुल गांधी को बधाई भी दे रहे हैं। लेकिन, एक चुनौती शत्रुघ्न सिन्हा को भी है। अपनी ही पार्टी के खिलाफ इतना ज्ञान देने वाले शत्रु में अगर जरा सी भी हिम्‍मत है तो उन्‍हें अपने दम पर कम से कम एक चुनाव लड़ ही लेना चाहिए। 2019 का इंतजार नहीं करना चाहिए। विधायकी के चुनाव में ही जनता बता देगी कि वो कितने पानी में हैं।

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