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दिल दहला देने वाले निठारी काण्ड के नौवें मामले में पंढेर और कोली को मौत की सजा

लखनऊ। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टीगेशन (सीबीआई) की विशेष अदालत ने शुक्रवार को नोएडा के बहुचर्चित निठारी कांड के नौवें मामले में कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और नौकर सुरेन्द्र कोली को फांसी की सजा सुनाई है। सीबीआई कोर्ट ने कोली और पंढेर पर क्रमशः 35000 और 25000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।  इससे पहले गुरुवार को कोली और पंढेर को दोषी करार दिया गया था। कड़ी सुरक्षा के बीच में दोनों को अदालत में पेश किया गया। इस मामले में आरोपी नौकर सुरेन्द्र कोली अकेला ऐसा शख्स है जिसे सबसे ज्यादा बार फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।

मीडिया में चल रही ख़बरों के अनुसार नया निर्णय इस केस के नौवें मामले में आया है. नौवां मामला घर में काम करने वाली मेड अंजलि का है, जिसकी रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। उसके खून से सने कपड़े कोठरी से बरामद किए गए थे। अदालत ने मोनिंदर सिंह पंढेर और कोली को 376, 302, 201 आदि धाराओं के तहत दोषी माना था।

ज्ञात हो निठारी हत्याकांड देश को दहला देने वाला सबसे सनसनीखेज कांड था. दिसंबर 2006 में हुए इस कांड के खुलासे ने लोगों को ‌हिला कर रख दिया था। यह एक ऐसा कांड था, जिसके खुलते ही देश भर में हलचल मच गई थी। आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग देश के कोने-कोने से उठी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई ने शुरू की थी। निठारी कांड के 11 जनवरी 2007 को सीबीआई ने पूरा केस अपने हाथ में ले लिया। 28 फरवरी और 01 मार्च 2007 को निठारी के नरपिशाच सुरेंद्र कोली ने दिल्ली में एसीएमएम के यहां अपने इकबालिया बयान दर्ज कराए थे।

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ज्ञात हो 29 दिसंबर 2006 को दिल्ली से सटे नौएडा में पंढेर के घर के पीछे के नाले से पुलिस ने 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल बरामद किए थे. इन मामलों पर पंढेर और कोली के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल की गई थी.

पिंकी सरकार की हत्या के मामले से पहले 6 मामलों में दोनों को सज़ा सुनाई जा चुकी है. 9 मामलों में अब भी सुनवाई चल रही है जबकि सबूतों के अभाव में तीन मामलों पर चार्जशीट ही दायर नहीं की जा सकी.

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